- सेफी चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर के नेतृत्व में केके सिंह, डाक्टर अशोक पंडा से पदाधिकारियों ने मुलाकात की।
सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अधिकारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर स्टील एग्जीक्यूटिव्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SEFI) ने बड़ा कदम उठाया है। सेफी पदाधिकारियों ने सेल के कार्यवाहक सीएमडी एवं डायरेक्टर (पर्सनल) केके सिंह को मांग पत्र सौंपते हुए अधिकारियों के पर्क्स, एलाउंस, मेडिकल सुविधा और इनकम टैक्स से जुड़े प्रावधानों में सुधार की मांग की है।
सेफी ने अपने पत्र में कहा है कि बदलते आयकर नियमों और अधिकारियों की जरूरतों को देखते हुए अधिकारियों को मिलने वाले लाभों की समीक्षा जरूरी हो गई है। संगठन ने मांग की है कि मौजूदा पर्क्स और एलाउंस की सीमा बढ़ाई जाए, ताकि यह वर्तमान आयकर प्रावधानों के अनुरूप हो सके।
सेफी चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर, जनरल सेक्रेटरी संजय आर्या, राउरकेला आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अबकाश बेहरा, बीएसपी ओर महासचिव अंकुर मिश्र, सेफी नॉमिनी अखिलेश मिश्र आदि पदाधिकारियों ने केके सिंह और भावी सीएमडी डाक्टर अशोक कुमार पंडा से मुलाकात की।
सेफी पदाधिकारियों ने कहा-इन बदलावों से अधिकारियों को टैक्स-एफिशिएंट लाभ मिलेगा, सैलरी स्ट्रक्चर बेहतर होगा और कंपनी की वित्तीय जिम्मेदारी बढ़ाए बिना कार्मिकों को राहत दी जा सकेगी। अब अधिकारियों की नजर सेल प्रबंधन के फैसले पर टिकी है कि इन मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है।
आप भी जानिए प्रमुख मांगें क्या हैं?
1. पर्क्स और एलाउंस में संशोधन
सेफी ने कहा है कि अधिकारियों को दिए जा रहे कई भत्ते पुराने ढांचे पर आधारित हैं। इन्हें नए टैक्स सिस्टम और मौजूदा खर्चों के हिसाब से अपडेट किया जाए।
2. चाइल्ड एजुकेशन और हॉस्टल एलाउंस
बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल खर्च तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में चाइल्ड एजुकेशन एलाउंस और हॉस्टल एलाउंस को बढ़ाने की मांग की गई है।
3. मेडिकल सुविधा में सुधार
सेफी ने सुझाव दिया है कि कंपनी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता नहीं होने पर कार्मिकों को वैकल्पिक व्यवस्था दी जाए, ताकि इलाज में परेशानी न हो। संगठन ने मेडिकल सुविधा को अधिक व्यवस्थित और व्यावहारिक बनाने की मांग की है।
4. कैफेटेरिया अप्रोच की समीक्षा
सेफी ने अधिकारियों के लिए लागू कैफेटेरिया अप्रोच की सीमा की व्यापक समीक्षा कर इसे आगामी वित्तीय वर्ष से लागू करने की मांग रखी है।












