चीनी, पेपर, जूट, सीमेंट और टेक्सटाइल मिलों में लेबर लॉ लागू नहीं हो रहे हैं। मैनेजमेंट मज़दूरों का शोषण कर रहा है।
- ऑल इंडिया महासंघ नवंबर के दूसरे हफ्ते में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी समस्याओं के समाधान और उनकी भलाई के लिए एक बड़ा धरना करेंगी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भारतीय मजदूर संघ के ऑल इंडिया प्राइवेट सेक्टर के पदाधिकारियों की बैठक 27 और 28 अप्रैल को छत्तीसगढ़ की स्टील सिटी भिलाई के राधाकृष्ण मंदिर के परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता ऑल इंडिया प्राइवेट सेक्टर के इंचार्ज रवींद्र हिम्मते ने की और भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन मुख्य अतिथि थे।
इस दो दिन की बैठक में देश भर से बिजली, सीमेंट, इंजीनियरिंग सेक्टर, ट्रांसपोर्ट, पोर्ट डाक, चीनी, पेपर,डिस्टिलरी, एजूकेशन नॉन-टीचिंग, प्राईवेट हास्पिटल, प्राईवेट सिक्योरिटी, मंदिर,फार्मास्यूटिकलस, फर्टीलाईजर्स, केमिकल, रबर टायर, जूट, हैण्डलूम, होजियरी, वूल, गारमेंट्स, एनटीसी मिल जैसे अलग-अलग सेक्टर के ऑल इंडिया पदाधिकारी शामिल हुए और परिश्रम परिरक्षण, जॉब सिक्योरिटी, सोशल सिक्योरिटी, मिनिमम वेज और लेबर कानूनों को लागू करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में यह राय बनी कि केंद्र और राज्य सरकारों को ट्रांसपोर्ट वर्कर्स की भलाई पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ड्राइवरों को मुख्य रूप से ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सेक्टर में आ रहे बदलावों का फायदा नहीं मिल रहा है। बिजली सेक्टर का प्राइवेटाइजेशन एक खतरा बन गया है, जिसकी वजह से सरकारें बिजली सेक्टर पर कंट्रोल खो चुकी हैं और लोगों को सही सर्विस देने में फेल हो गई हैं, जिससे मज़दूरों और कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी चली जाएगी।
इसके अलावा, चीनी, पेपर, जूट, सीमेंट और टेक्सटाइल मिलों में लेबर लॉ लागू नहीं हो रहे हैं, मैनेजमेंट मज़दूरों का शोषण कर रहा है और ओवरटाइम करने पर उचित पारिश्रमिक नहीं मिलता। मज़दूरों को बिना सैलरी दिए ट्रांसफर किया जा रहा है।
प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड को 12 घंटे की ड्यूटी करने पर ओवर टाइम नहीं दिया जाता। सुरक्षा गार्ड्स द्वारा मांग करने से उन्हें कार्य से हटा दिया जाता है। निजी उद्योगों में कभी भी कर्मचारियों की छंटनी कर दी जाती है। निजी अस्पतालों में अस्पताल स्टाफ स्टाफ नर्स एवं अन्य स्टॉफ से निर्धारित समय से अधिक कार्य बिना ओवरटाइम के करवाया जाता है।
इन सभी विषयों को लेकर रविंद्र हिम्मते ने सभी राज्यों में आंदोलन का आह्वान किया। मीटिंग में तय हुआ कि सभी ऑल इंडिया महासंघ नवंबर के दूसरे हफ्ते में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी समस्याओं के समाधान और उनकी भलाई के लिए एक बड़ा धरना करेंगी। अगली ऑल इंडिया प्राइवेट सेक्टर मीटिंग अक्टूबर में दिल्ली में होगी।
मीटिंग का आयोजन भारतीय मज़दूर संघ के ऑल इंडिया सेक्रेटरी राधे श्याम जायसवाल और दुर्ग जिले के मंत्री हरि शंकर चतुर्वेदी ने किया, जिनका पदाधिकारियों रवि शंकर अल्लूरी, अनिल डुमले, संजय सिन्हा, राजू वालेराव, ओम प्रकाश, अन्ना धूमल और अन्य ने अभिनंदन किया गया।
इस मौके भारतीय मजदूर संघ के मंत्री हरि शंकर चतुर्वेदी ने कहा कि दुर्ग जिले में प्राइवेट सेक्टर के अंतर्गत आने वाले सभी उद्योगों एवं संस्थानों में भारतीय मजदूर संघ अपना कार्य विस्तार करेगा और उन्हें उनका उचित अधिकार दिलवाने का प्रयास करेगा और आने वाले समय में हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे कि सभी क्षेत्र के कर्मचारियों के साथ इंसाफ हो और उनकी समस्या का समाधान हो।
साथ हि भिलाई में प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सेक्टर के वर्कर्स की प्रॉब्लम्स बढ़ रही हैं। ट्रांसपोर्ट नगर में ड्राइवरों के लिए सुविधाओं की कमी है और स्कूलों में नॉन-टीचिंग स्टाफ की मिनिमम वेज कम है और प्राइवेट इंडस्ट्रीज़ में वर्कर्स का शोषण करने वाले मैनेजमेंट से BMS सवाल करेगा। दो दिन की मीटिंग ऑल इंडिया सेक्रेटरी संजय सिन्हा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ खत्म हुई।


