ड्यूटी टाइम में बाहर जाने वालों को रोका नहीं जाएगा। बस, जाते समय निकास द्वार पर लगी मशीन पर आई कार्ड स्कैन करना होगा।
- बीएसपी के सभी गेट, इस्पात भवन, एचआरडी, बीएमडीसी, नगर सेवाएं विभाग, सेक्टर हॉस्पिटल के प्रवेश और निकास द्वार पर मशीन लगेगी।
अज़मत अली, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल में मैनपॉवर घटाने का अभियान छेड़ा गया है। इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। इसी बीच अब भिलाई स्टील प्लांट से खबर आ रही है कि जून अंतिम सप्ताह या जुलाई में आरएफआइडी (Radio Frequency Identification-RFID) अनिवार्य कर दिया जाएगा।
सेल बीएसपी मेन गेट, बोरिया गेट, जोरातराई गेट, मरौदा गेट, खुर्सीपार गेट, इस्पात भवन, एचआरडी, बीएमडीसी, नगर सेवाएं विभाग, सेक्टर हॉस्पिटल के प्रवेश और निकास द्वार पर मशीन लगाई जाएगी। साथ ही विभागों में भी मशीन लगेगी।
बीएसपी प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि गेट पर किसी को भी रोका नहीं जाएगा। मशीन लगी रहेगी। जो भी ड्यूटी पर आएगा, उसका कार्ड खुद मशीन रीड कर लेगी। सीआइएसएफ चेकिंग करके अंदर जाने देगी। इसी तरह बाहर आने के लिए भी प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। ड्यूटी टाइम में बाहर आने वालों को रोका नहीं जाएगा। मशीन खुद-ब-खुद रीड कर लेगी। सिस्टम पर आवाजाही की पूरी जानकारी रहेगी। विभागीय अधिकारी चेक करते रहेंगे।
बता दें कि RFID (Radio Frequency Identification) एक तकनीक है, जिसमें रेडियो वेव्स (तरंगों) की मदद से किसी व्यक्ति, कार्ड, या वस्तु की पहचान (Identification) की जाती है।
ग्लोबल टेंडर में ठेका हो चुका
मशीन लगाने के लिए ग्लोबल टेंडर हो चुका है। बोकारो स्टील प्लांट में आरएफआइडी का ठेका लेने वाली कंपनी को ही बीएसपी का भी ठेका मिल गया है। बीएसपी पहले से ही सारी तैयारी करके रखे हुए है। मशीन आदि लगाने की प्रक्रिया एक माह के भीतर होने का दावा किया जा रहा है। बावजूद, कंपनी जून या जुलाई तक का समय मानकर चल रही है।
पहले चरण में कर्मचारी, अधिकारी, दूसरे चरण में ठेका मजदूर
बता दें कि भिलाई स्टील प्लांट में करीब 11 हजार कर्मचारी और अधिकारी हैं। ठेका मजदूरों को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों का साफ कहना है कि गेट पर किसी तरह का कोई विवाद नहीं होने दिया जाएगा। ड्यूटी टाइम में बाहर जाने वालों को रोका नहीं जाएगा। बस, जाते समय निकास द्वार पर लगी मशीन पर आई कार्ड स्कैन करना होगा।
जानिए RFID मशीन कैसे काम करती है
RFID Tag (या कार्ड)। यह एक छोटा चिप होता है जो ID जानकारी स्टोर करता है
इसे कर्मचारी के ID कार्ड में लगाया जाता है
RFID Reader (मशीन)
यह मशीन रेडियो वेव्स भेजती है
जब कार्ड पास आता है, तो उसकी जानकारी पढ़ लेती है
Software-Database
पढ़ी गई जानकारी कंप्यूटर में सेव होती है
उसी से अटेंडेंस, रिपोर्ट, टाइमिंग आदि बनती है
आप भी जानिए वर्किंग प्रोसेस
जब कोई कर्मचारी अपना RFID कार्ड मशीन के पास लाता है…
मशीन सिग्नल भेजती है
कार्ड (टैग) रिस्पॉन्ड करता है
डेटा रीड होकर सिस्टम में सेव हो जाता है
अटेंडेंस ऑटोमैटिक लग जाती है
RFID से अटेंडेंस कैसे होती है
कर्मचारी कार्ड मशीन के पास दिखाता है
सिस्टम तुरंत उसकी Entry Time या Exit Time रिकॉर्ड कर लेता है
HR सॉफ्टवेयर में रिपोर्ट बन जाती है
मैन्युअल रजिस्टर की जरूरत नहीं रहती
फायदे (Advantages)
-फास्ट और ऑटोमैटिक कुछ सेकंड में अटेंडेंस
-कोई लाइन नहीं। कई लोग जल्दी-जल्दी स्कैन कर सकते हैं
-टचलेस सिस्टम। कार्ड को छूना जरूरी नहीं
-डेटा एक्यूरेट। गलती की संभावना कम
-रियल-टाइम मॉनिटरिंग- तुरंत रिपोर्ट मिलती है


