भिलाई स्टील प्लांट में एक-दो माह के भीतर आरएफआइडी अनिवार्य होने जा रहा है। रिलीविंग सुविधा पर भी ग्रहण लगना तय है।
- सेल प्रबंधन ने 1000 अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना-वीआरएस का लक्ष्य तय किया है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल में वीआर को लेकर गजब का माहौल बना हुआ है। कहीं कर्मचारी और अधिकारी आंख बंद करके वीआर के लिए आवेदन कर रहे। वहीं, कुछ कर्मचारी इस तनाव में वीआर नहीं भर रहे हैं कि रिटेंशन और लाइसेंस पर मकान मिलेगा नहीं। ऐसे में परिवार और सामान लेकर कहां जाएंगे? इसको लेकर कुछ विभागों के कर्मचारी उच्चाधिकारी से भी संपर्क साधे हुए हैं। लेकिन, प्रबंधन का स्पष्ट संदेश है कि लाइसेंस पर किसी को मकान नहीं दिया जा रहा है। जून का आवेदन स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
सेल प्रबंधन ने 1000 अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना-वीआरएस का लक्ष्य तय किया है। सेल बीएसपी, बोकारो, इस्को बर्नपुर, दुर्गापुर, अलॉय, राउरकेला, सेलम, विश्वेश्वरैया, चंद्रपुर, माइंस, रांची, सीएमओ, सेल कारपोरे आफिस के कार्मिक वीआर के लिए आवेदन कर रहे हैं।
इधर-सेल भिलाई स्टील प्लांट के रेल मिल में गजब का माहौल बनना शुरू हो गया है। उच्चाधिकारी कार्मिकों के बीच संदेश छोड़ रहे हैं कि भाई आप लोग तय कर लीजिए। आरएफआइडी एक-दो माह के भीतर लागू होने वाली है। नई व्यवस्था लागू होते ही प्लांट से बाहर निकलने वालों पर प्रबंधन की सीधी नजर रहेगी। मशीन खुद ही बता देगी कि कौन अधिकारी और कर्मचारी गेट से बाहर गया। एचओडी के पास मैसेज पहुंचता रहेगा।
ये खबर भी पढ़ें: SAIL BIG NEWS: 1000 अधिकारियों को VR देगा स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड
इसी तरह प्लांट में ठेका मजदूरों की छंटनी हो रही है। साथ ही वीआर स्कीम भी आ गई है। तेजी से मैनपॉवर घट रहे हैं। ऐसे में रिलीविंग की सुविधा भी बंद होनी तय है। रिलीविंग किसी को नहीं मिल पाएगा। 8 घंटे ड्यूटी करना होगा।
तनावपूर्ण माहौल होने वाला है। जो लोग वीआर नहीं ले रहे हैं, वे लोग बगैर रिलीविंग के ड्यूटी और आरएफआइडी से सामना करने को तैयार रहें। शायद इसीलिए कुछ कार्मिक वीआर के जरिए कंपनी से अलग हो रहे हैं, ताकि शेष समय परिवार के साथ गुजार सकें।

