मुख्य महाप्रबंधक विशाल शुक्ल के मार्गदर्शन में संयंत्र ने नई उपलब्धियां हासिल की है एवं नराकास स्तर पर कई पुरस्कार जीते है।
- मधुसुधन राव-उप महाप्रबंधक ने डॉ. सुधीर शर्मा को एसआरयू भिलाई में किए जा रहे हिंदी सम्बन्धी कार्यों से अवगत कराया।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल रिफ्रेक्ट्री यूनिट भिलाई में ‘वर्तमान समय में राजभाषा हिंदी की प्रासंगिकता’ संबंधित विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के तौर पर कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर शर्मा को आमंत्रित किया गया। सबसे पहले कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाप्रबंधक (एसआरयू, भिलाई) होमन कुमार साहू ने पुष्पगुच्छ से मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
मधुसुधन राव-उप महाप्रबंधक (मा.संसा./विद्युत/राजभाषा) ने अपने स्वागत भाषण में डॉ. सुधीर शर्मा को एसआरयू भिलाई में किए जा रहे हिंदी सम्बन्धी कार्यों से अवगत कराया। साथ ही यह भी बताया की मुख्य महाप्रबंधक विशाल शुक्ल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संयंत्र ने नई उपलब्धियां हासिल की है एवं नराकास स्तर पर कई पुरस्कार जीते है।
श्री राव ने डॉ. सुधीर शर्मा के बारे में बताया कि उन्होंने दो विषयों में पीएचडी की है एवं विगत 30 वर्षों से हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा साहित्य एवं संस्कृति की सेवा हेतु सतत कार्यरत हैं। इस दौरान वे छत्तीसगढ़ राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के संचालक सहित अन्य कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। वे हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु 30 से अधिक देशों की सांस्कृतिक यात्राएं कर चुके हैं। उन्होंने हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा में कई पुस्तकें लिखी है।
अपने विस्तृत उद्बोधन में डॉ. शर्मा ने हिन्दी की अहमियत बताते हुए कहा कि ‘‘हमें कितनी भाषाएँ आती हैं, यह मायने नहीं रखता बल्कि हमें हमारी राजभाषा कितनी आती है यह मायने रखता है ।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया की अगर हमें हमारी राष्ट्रभाषा को आगे बढ़ाना है तो इसकी शुरुआत बैंक जैसी सरकारी संस्थानों से करनी होगी। साथ ही यह भी कहा की हमें तो बस हिंदी में बोलने और लिखने की शुरुआत करनी है और इसे आगे बढ़ाना है।’’ डॉ. शर्मा ने हिन्दी भाषा के उपयोग को फायदेमंद बताते हुए कहा की हिंदी इतनी सरल है कि वो जैसे बोली जाती है वैसे ही लिखी भी जाती है।
अध्यक्ष होमन कुमार साहू ने कहा कि डॉ. सुधीर शर्मा जैसे विलक्षण प्रतिभा संपन्न व्यक्ति से हमें इतने कम समय में काफी कुछ सिखने को मिला है। इसके पश्चात एसआरयू, भिलाई की तरफ से श्री साहू द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति स्वरूप भेंट प्रदान की गई। डॉ. शर्मा जी ने इस कार्यक्रम हेतु एसआरयू प्रबंधन का आभार व्यक्त किया एवं प्रशंसनीय रूप से यह आशा व्यक्त की कि ‘‘हिन्दी भाषा को अग्रणी बनाने हेतु कुछ अंतराल में इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए, जिससे संयंत्र की उत्कृष्टता और निखरेगी।’ कार्यक्रम में एसआरयू के अधिकारी, कर्मचारी, ठेका श्रमिक वर्ग से सभी लोग उपस्थिति रहे।

