बीएचयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने किया सम्मान। क्वालिटी गुरुओं ने आलेख की सराहना की।
- कुलपति, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने संबोधित किया।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। क्वालिटी सर्किल फोरम ऑफ इंडिया द्वारा वाराणसी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज में “5-एस के 12वें राष्ट्रीय कन्वेंशन” का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन में देश भर के विभिन्न अग्रगण्य संस्थानों की लगभग 100 “5-एस” टीमों ने हिस्सा लिया और इस प्रसिद्ध जापानी कार्यस्थल प्रबंधन पद्धति के तहत अपने-अपने संस्थानों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की केस-स्टडी और प्रस्तुतियाँ दीं।
इस राष्ट्रीय कन्वेंशन के मुख्य आकर्षणों में ताकाशी ओसाड़ा के ‘5-एस जापानी वर्कप्लेस मैनेजमेंट सिस्टम’ के मूल अर्थ और उसकी आत्मा पर आधारित एक राष्ट्रीय आलेख प्रतियोगिता थी। प्रतियोगिता का मुख्य विषय (Theme) “5-एस के वास्तविक अर्थ व भावना को स्थापित करने तथा ताकाशी ओसाड़ा के 5-एस की मूल भावना को सुरक्षित रखने हेतु भारतीय उद्योगों में इसके प्रामाणिक जापानी अनुवाद के प्रयोग का महत्व” रखा गया था, जिसके तहत देश भर से 1500 शब्दों की सीमा में शोधपरक आलेख आमंत्रित किए गए थे।
इस कड़े राष्ट्रीय मुकाबले में क्यूसीएफआई के वरिष्ठ फैकल्टी श्री सत्यवान नायक के आलेख को सर्वसम्मति से प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और उन्हें “बेस्ट 5-एस आलेख” के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया।
कन्वेंशन के मुख्य अतिथि, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने श्री सत्यवान नायक को इस उत्कृष्ट लेखन और वैचारिक योगदान के लिए सम्मानित किया। इस गौरवशाली अवसर पर मंच पर उपस्थित क्यूसीएफआई के राष्ट्रीय प्रेसिडेंट श्री अविनाश मिश्रा और भारत के विख्यात क्वालिटी गुरु व क्यूसीएफआई के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री डी. के. श्रीवास्तव ने श्री नायक के आलेख की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें अपना विशेष आशीर्वाद दिया।
इस राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित आलेख को कन्वेंशन की आधिकारिक राष्ट्रीय मैगजीन में भी प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। इसके अतिरिक्त, सत्यवान नायक ने इस कन्वेंशन में विभिन्न दिग्गज कंपनियों द्वारा दी गई तकनीकी 5-एस प्रोजेक्ट प्रस्तुतियों के मूल्यांकन में एक मुख्य निर्णायक के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।
इस गरिमामयी समारोह में उद्योग और शिक्षा जगत की कई गणमान्य विभूतियाँ उपस्थित रहीं, जिनमें स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज के निदेशक प्रोफेसर डॉ. पी. एन. झा, अदानी समूह के ग्रुप सेफ्टी हेड एवं क्यूसीएफआई के निदेशक ऋतुराज मेहता, क्यूसीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, वाराणसी चैप्टर के चेयरमेन डॉ. अशोक राय और हेडक्वार्टर से श्री वी. के. बी. दास विशेष रूप से शामिल थे।
बीएचयू के कुलपति संग विद्धानों ने ये कहा…
कुलपति, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार चतुर्वेदी, ने अपने वक्तव्य मे कहा की “वर्तमान समय की यह मांग है कि तकनीकी एवं प्रबंधन क्षेत्र से जुड़े हमारे युवाओं को 5-एस तकनीक में पूरी तरह दक्ष बनाया जाए। कार्यस्थल प्रबंधन की यह विधा हमारे युवाओं को वैश्विक स्तर पर अनुशासित करेगी, जिससे हमारा देश भविष्य की अंतरराष्ट्रीय और औद्योगिक चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने में पूरी तरह सक्षम हो सकेगा।”
विख्यात क्वालिटी गुरु एवं क्यूसीएफआई के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डी. के. श्रीवास्तव, ने अपने सारगर्भित उद्बोधन मे कहा की “ताकाशी ओसाड़ा ने अपनी कालजयी पुस्तक के माध्यम से जापानी ‘5-एस वर्कप्लेस मैनेजमेंट सिस्टम’ को वैश्विक पटल पर लोकप्रिय बनाया। ओसाड़ा के दर्शन के अनुसार, 5-एस का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर सुरक्षा, उत्पादकता और गुणवत्ता में निरंतर सुधार करना है।
यह केवल साफ-सफाई या व्यवस्था बनाने की कोई सतही तकनीक नहीं है, बल्कि यह एक गहरा वैचारिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण है जो संगठनात्मक जीवन में अनुशासन की संस्कृति को स्थापित करता है। यह भारतीय उद्योगों के सतत विकास का आधार है और किसी भी कार्यस्थल में सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रथम सोपान (पहला कदम) है।”

