इंटक, सीटू, एटक, एचएमएस, एक्टू, लोईमू एवं स्टील वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधियों ने नीतियों का विरोध किया है।
- संयुक्त ट्रेड यूनियन ने प्रबंधन से मांग की कि रिटेंशन एवं लाइसेंस की सुविधाओं को पूर्ववत जारी रखा जाए।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। संयुक्त ट्रेड यूनियन भिलाई की बैठक इंटक कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें भिलाई इस्पात संयंत्र के पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा एवं अनुसंधान केंद्र (सेक्टर-9 अस्पताल) के संभावित निजीकरण के मुद्दे पर गंभीर चर्चा की गई।
सेल प्रबंधन द्वारा निजीकरण की दिशा में विभिन्न निजी कंपनियों से सर्वेक्षण एवं अन्य प्रक्रियाएं प्रारंभ की जा रही हैं। संयुक्त ट्रेड यूनियन ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि सेक्टर-9 अस्पताल कभी मध्य प्रदेश के सबसे उत्कृष्ट अस्पतालों में गिना जाता था, लेकिन प्रबंधन की गलत नीतियों एवं डॉक्टरों तथा चिकित्सा स्टाफ की लगातार कमी के कारण इसकी सुविधाओं में गिरावट आई है।
संयुक्त ट्रेड यूनियन ने कहा कि आज भी यह अस्पताल सेल के सेवानिवृत्त निदेशकों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रहा है। इसलिए अस्पताल के निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल बंद की जाए तथा डॉक्टरों, नर्सों एवं अन्य चिकित्सा कर्मचारियों की भर्ती कर सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे वर्तमान, भूतपूर्व एवं भविष्य के कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस संबंध में संयुक्त ट्रेड यूनियन का प्रतिनिधिमंडल सेक्टर-9 अस्पताल के निदेशक (स्वास्थ्य एवं सेवाएं) को ज्ञापन सौंपेगा तथा विस्तृत चर्चा करेगा।
बीएसपी आवास आवंटन में रिटेंशन एवं लाइसेंस सुविधा पुनः प्रारंभ करने की मांग
बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों के आवास संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। संयुक्त ट्रेड यूनियन ने कहा कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए रिटेंशन एवं लाइसेंस के आधार पर आवास आवंटन की सुविधा उपलब्ध थी, जिसे वर्तमान में बंद कर दिया गया है।
कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त
यूनियन ने आरोप लगाया कि रिटेंशन का किराया अत्यधिक बढ़ा दिया गया है तथा लाइसेंस पर रह रहे कर्मचारियों के आवासों का नवीनीकरण भी नहीं किया जा रहा है। साथ ही नए आवेदकों को लाइसेंस के आधार पर आवास आवंटन भी बंद कर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है।
जानिए कौन-कौन यूनियनें शामिल रहीं
संयुक्त ट्रेड यूनियन ने प्रबंधन से मांग की कि रिटेंशन एवं लाइसेंस की सुविधाओं को पूर्ववत जारी रखा जाए। अन्यथा यूनियन को कर्मचारियों के हित में आंदोलन एवं प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। बैठक में इंटक, सीटू, एटक, एचएमएस, एक्टू, लोईमू एवं स्टील वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।

