सीटू ने कहा भिलाई में बढ़ती आपराधिक घटनाएं चिंता का विषय। सुरक्षित शहर के लिए पुलिस गश्त और नगर सेवाओं को करना होगा मजबूत।
- टाउनशिप में अंधेरा बदमाशों के लिए अनुकूल वातावरण। चोरी, लूटपाट, छेड़छाड़ और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका बढ़ी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेंट्रल एवेन्यू पर रविवार रात लूट और चाकूबाजी की 2 वारदात से पीड़ित परिवार दहशत में है। सेंट्रल एवेन्यू पर रविवार रात दो घटनाओं को बदमाशों ने अंजाम दिया है। दोनों हादसों पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। बीएसपी कर्मचारी के पति अली असगर के साथ लूट की वारदात हुई। बदमाशों ने चाकू से वार भी किया। इसी तरह एक अन्य व्यक्ति के साथ भी मारपीट की घटना हुई।
लूट की कोशिश की गई। पीड़ित ने भट्ठी थाने को सूचित किया कि वह पार्क के पास बैठा था, तभी कुछ युवक पास आए और बोले-दारू पिलाओ। मना करने पर मारपीट करने लगे। पैसा छिनने की कोशिश की, लेकिन उसके पास पैसा था ही नहीं। इसी बीच वहां पड़ी लकड़ी लेकर वह अपने बचाव में कूदा, तब तक एक युवक ने किसी नोकिले सामान से वार कर दिया। किसी भी बदमाश को वह पहचान नहीं सका। पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग करके बगैर लिखित शिकायत किए वह वापस लौट गए।
सूचनाजी.कॉम में खबर आने के बाद भट्ठी थाने के टीआई का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। साथ ही संदिग्धों की धर-पकड़ भी की जाएगी। अली असगर की तहरीर पर कार्रवाई की जाएगी।
इधर-बीएसपी की पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन सीटू के महासचिव टी. जोगा राव का कहना है कि सेक्टर 9 हॉस्पिटल की महिला कर्मचारी गज़ाला परवीन के पति अली असगर के साथ चाकूबाजी एवं लूटपाट की घटना ने झकझोर दिया है।
भिलाई नगर लंबे समय से एक सुव्यवस्थित एवं शांत शहर के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन हाल के दिनों में सेक्टर क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाएं चिंता पैदा कर रही हैं। सेंट्रल एवेन्यू, फॉरेस्ट एवेन्यू, सिस्टी एवेन्यू सहित कई प्रमुख मार्गों पर अक्सर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था चरमरा जाती है। अनेक आंतरिक सड़कें भी घंटों अंधेरे में डूबी रहती हैं। अंधेरा हमेशा असामाजिक तत्वों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है, जिससे चोरी, लूटपाट, छेड़छाड़ और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
पुलिस गश्त बढ़ाना समय की आवश्यकता
भिलाई जैसे औद्योगिक एवं घनी आबादी वाले शहर में नियमित और प्रभावी पुलिस गश्त अत्यंत आवश्यक है। विशेषकर रात्रि के समय संवेदनशील क्षेत्रों, पार्कों, सुनसान सड़कों तथा सेक्टरों के अंदर लगातार पुलिस की उपस्थिति अपराधियों में भय पैदा करेगी और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाएगी। केवल घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अपराध की रोकथाम पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
नगर सेवाएं विभाग तत्काल करे कार्रवाई
नगर सेवाएं विभाग को शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की नियमित निगरानी करनी चाहिए। जहां-जहां लाइटें खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक किया जाए तथा अंधेरे वाले क्षेत्रों की पहचान कर अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था की जाए। सड़क, पार्क, बस स्टॉप, बैंकिंग क्षेत्र और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त रोशनी नागरिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। छोटी-सी लापरवाही भविष्य में बड़ी घटनाओं का कारण बन सकती है।
असामाजिक तत्वों के बढ़ते अड्डों पर लगे रोक
शहर के कई स्थानों पर धीरे-धीरे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे स्थानों की पहचान कर पुलिस एवं प्रशासन को संयुक्त रूप से कार्रवाई करनी चाहिए। स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से निगरानी तंत्र विकसित किया जाए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना प्रशासन तक पहुंच सके।
सुरक्षित भिलाई के लिए अभी उठाने होंगे ठोस कदम
यदि समय रहते पुलिस प्रशासन और नगर सेवाएं विभाग ने प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। भिलाई की पहचान एक सुरक्षित और व्यवस्थित शहर के रूप में बनी रहे, इसके लिए नियमित पुलिस गश्त, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। शहर की सुरक्षा केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। अभी सजग होने का समय है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

