सेल भिलाई स्टील प्लांट-BSP में 86 कर्मचारी-अधिकारी होंगे वीआर से बाहर। राउरकेला स्टील प्लांट-RSP में 22 अधिकारियों ने जुलाई में लिए वीआर।
- वीआर के लिए चलेगा काउंसिलिंग महाअभियान। शुरुआत में आवेदन का ग्राफ तेजी से बढ़ा। इसके बाद कइयों ने आवेदन वापस ले लिए।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) को लेकर कवायद तेज कर दी गई है। वीआर के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई है और अब केवल 10 दिन का समय शेष बचा है।
सेल प्रबंधन ने इस बार 1,000 कर्मचारियों और अधिकारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि, अब तक मिले आवेदनों की संख्या लक्ष्य से काफी कम है। 10 जुलाई तक सेल के सभी संयंत्रों और खदानों से महज 640 आवेदन ही प्राप्त होने की खबर है। इस स्थिति को देखते हुए सेल प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है।
शनिवार से बड़े पैमाने पर काउंसिलिंग महाअभियान शुरू किया जा रहा है। विभिन्न विभागों में ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों को वीआर के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिनका प्रदर्शन लगातार संतोषजनक नहीं रहा है।
अभियान के दौरान ऐसे कार्मिकों पर विशेष फोकस रहेगा, जो नियमित रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं, कंपनी की सेवा के साथ निजी कारोबार में संलग्न हैं, मेडिकल रूप से अनफिट हैं या जिनका कार्य निष्पादन अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों को समझाइश देकर वीआरएस के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सेल कॉर्पोरेट कार्यालय ने सभी इकाइयों को 1,000 वीआर के लक्ष्य को पूरा करने के लिए गंभीर प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। चर्चा है कि यदि निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं होता है, तो भविष्य में कंपनी सीआर जैसे अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकती है। हालांकि, आवेदन की अंतिम तिथि तक स्थिति में बदलाव संभव है, इसलिए अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
RSP में 22 अधिकारी, BSP में 86 कर्मचारी-अधिकारी होंगे वीआर से बाहर
सेल भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से जुलाई में 86 अधिकारी और कर्मचारी वीआर के माध्यम से कंपनी की सेवा से अलग होने वाले हैं। वहीं, राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) में 22 अधिकारियों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्वीकार हो चुकी है। उन्हें फाइनल सेटलमेंट, एनपीएस, SAIL मेडिक्लेम स्कीम और अन्य सेवानिवृत्ति संबंधी लाभों की विस्तृत जानकारी भी दी जा चुकी है।
इस्पात सचिव और CMD खुद कर रहे निगरानी
इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक और सेल के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार पंडा स्वयं वीआरएस की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं। विभिन्न समीक्षा बैठकों में भी इस योजना की नियमित समीक्षा की जा रही है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य मैनपावर कॉस्ट कम करना और कर्मचारियों की संख्या को आवश्यकता के अनुरूप संतुलित करना है। इसी दिशा में वीआरएस को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

