भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए प्रस्तावित 6 एमटी पैलेट प्लांट की स्थापना दल्ली-राजहरा में ही किए जाने की मांग प्रमुख रही।
- जेल भरो आंदोलन में उमड़ा हजारों का सैलाब, पुलिस ने 765 प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर किया गिरफ्तार।
सूचनाजी न्यूज, दल्ली-राजहरा। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, क्षेत्रीय संगठनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केंद्र सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ सोमवार को बीएसपी आयरन ओर माइंस दल्ली-राजहरा में जबरदस्त संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया गया। स्टेट हाईवे-930, गोल्डमुण्डा में आयोजित चक्का जाम और जेल भरो आंदोलन में हजारों की संख्या में मजदूर, किसान, कर्मचारी, महिलाएं और नौजवान शामिल हुए। विशाल भीड़ के कारण सड़क पर दोनों ओर से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और लंबे समय तक यातायात बाधित रहा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से एसकेएमएस, सीटू, सीएमएसएस, सीएमएम, इंटक, सीपीएम, किसान संघ के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
हजारों मजदूर-किसानों ने किया जोरदार चक्का जाम
सुबह से ही निर्धारित स्थल पर मजदूर-किसानों का जुटना शुरू हो गया था। देखते ही देखते प्रदर्शन स्थल जनसैलाब में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठकर चक्का जाम किया। दोनों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल राजहरा की स्थानीय समस्याओं तक सीमित नहीं, बल्कि देशभर के मजदूरों और किसानों के अधिकारों की लड़ाई है।
‘जेल भरो’ के लिए हजारों की तैयारी, पुलिस ने की गिरफ्तारियां
लंबे समय तक चले चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस द्वारा बसों की व्यवस्था कर प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। आंदोलनकारी शांतिपूर्ण ढंग से गिरफ्तारी देने के लिए आगे बढ़ते रहे। आंदोलन के दौरान 765 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तारी के बावजूद मजदूर-किसानों में उत्साह और संघर्ष का जज्बा बना रहा तथा उन्होंने आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
दल्ली-राजहरा में 06 एमटी पेलेट प्लांट की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख स्थानीय मांगों में भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए प्रस्तावित 06 एमटी पेलेट प्लांट की स्थापना दल्ली-राजहरा में ही किए जाने की मांग प्रमुख रही। वक्ताओं ने कहा कि लौह अयस्क क्षेत्र के लोगों के संसाधनों का लाभ स्थानीय क्षेत्र और बेरोजगार युवाओं को मिलना चाहिए। क्षेत्र में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए रोजगार सृजन के लिए उद्योगों की स्थापना दल्ली-राजहरा में करने की मांग उठाई गई।
शिक्षा-स्वास्थ्य और विकास के लिए सरकार से ठोस कदम की मांग
आंदोलनकारियों ने दल्ली-राजहरा में केंद्रीय विद्यालय और 100 बिस्तर के अस्पताल को तत्काल प्रारंभ करने, क्षेत्रवासियों को आवासीय पट्टा शीघ्र प्रदान करने तथा बालोद के साथ दल्ली-राजहरा का नाम जोड़कर दल्ली-राजहरा-बालोद जिला बनाए जाने की मांग की। साथ ही जिला खनिज न्यास निधि (DMF) की 50 प्रतिशत राशि दल्ली-राजहरा एवं आसपास के गांवों के विकास पर खर्च करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
खदान मजदूरों की छंटनी और श्रम अधिकारों पर सरकार को चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने बीएसपी खदानों में कार्यरत ठेका श्रमिकों की छंटनी/कटौती पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने, किसानों का कर्ज माफ करने, बिजली का निजीकरण रोकने, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण एवं आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने तथा सभी फसलों पर C2+50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने की मांग उठाई गई।
संघर्ष जारी रखने का ऐलान—“मजदूर-किसान एकता जिंदाबाद”
जेल भरो आंदोलन के दौरान नेताओं ने कहा कि गिरफ्तारियां आंदोलन को और मजबूत करने के साथ-साथ मजदूर-किसान एकता को और मजबूत करेंगा। संयुक्त ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने “मजदूर-किसान एकता जिंदाबाद”, “केंद्र सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियां मुर्दाबाद” जैसे नारों के साथ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। आंदोलन के अंत में संयुक्त ट्रेड यूनियनों एवं किसान संगठनों की ओर से मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया।

