लगातार बारिश ने खोली नगर सेवाएं विभाग की तैयारियों की पोल। प्लांट के अंदर भी गाड़ियों को धकेलते हुए नजर आए कार्मिक।
- पानी निकासी जाम, सड़कों पर जलभराव, पेड़ों की टूटी डालियां, बंद होती गाड़ियां और घरों में घुसता पानी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही और इसके साथ ही बीएसपी टाउनशिप की व्यवस्थाओं पर सवालों की बौछार भी तेज हो गई है। लगातार दूसरे दिन बारिश जारी है। समाचार लिखे जाने तक पानी बरस रहा था। टाउनशिप के कई इलाकों में जलभराव है, सड़कों पर पेड़ों की डालियां पड़ी हैं और अंधेरा होते ही हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।
ऐसे में टाउनशिप से लेकर प्लांट तक एक सवाल बार-बार उठ रहा है। आखिर भिलाई स्टील प्लांट का डिजास्टर मैनेजमेंट कहां है? बारिश कोई नई आफत नहीं है। मौसम विभाग की चेतावनी और बारिश का मौसम हर साल आता है। इसके बावजूद जब पानी सड़कों पर उतरता है तो पानी निकासी की व्यवस्था खुद पानी में डूबी नजर आती है।
आक्सीजन प्लांट में घुटनों तक पानी, गाड़ियां बंद
प्लांट ड्यूटी पर जाने और ड्यूटी से लौटने वाले कर्मचारियों की परेशानी सबसे ज्यादा दिखाई दे रही है। रोज गार्डन के पास सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया। पानी इतना ज्यादा है कि कई वाहनों के बीच रास्ते में बंद होने की सूचना है। कुछ कर्मचारी अपनी गाड़ियां खड़ी कर काफी देर तक यह सोचते नजर आए कि इस पानी को पार कर घर कैसे पहुंचें। कुछ वाहनों के पानी में बंद होने के बाद कर्मचारियों को उन्हें खींचकर बाहर निकालना पड़ा। यानी ड्यूटी पूरी करने के बाद घर पहुंचना भी अब कर्मचारियों के लिए किसी अभियान से कम नहीं रह गया है।
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पानी निकासी लाइन जाम, उल्टा लौट रहा पानी
जलभराव के पीछे सबसे बड़ा सवाल पानी निकासी व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। कर्मचारियों और टाउनशिपवासियों का कहना है कि कई जगह ड्रेनेज लाइन जाम है। पानी निकलने के बजाय कुछ स्थानों पर रिवर्स होकर वापस सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में आ रहा है। बारिश बढ़ते ही इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। निचले इलाकों में स्थिति और खराब है। कई घरों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। सेक्टर क्षेत्र के भी कई घर जलभराव की चपेट में हैं।
एचआरडी के बाहर भी पानी, प्लांट जाने वाले रास्ते बेहाल
समस्या केवल टाउनशिप तक सीमित नहीं है। प्लांट जाने वाले मार्ग पर भी जगह-जगह पानी जमा है। एचआरडी के बाहर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऑक्सीजन प्लांट में ड्यूटी करने गए कर्मचारियों को भी रात के समय मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अंधेरा होने के बाद सड़क पर जमा पानी, टूटकर गिरी पेड़ों की डालियां और बंद होती गाड़ियां मिलकर जोखिम और बढ़ा रही हैं।
सेक्टर-2 पार्षद ने बीएसपी कार्मिकों को किया पानी-पानी
टाउनशिप की स्थिति को लेकर सेक्टर-2 के पार्षद हरीश सिंह भी मेंटेनेंस ऑफिस पहुंचे। उन्होंने इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट के कर्मचारियों के सामने अपनी नाराजगी जताई और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए। लगातार फोन करने पर भी जवाब नहीं देने का आरोप था। रात तीन बजे से बिजली कटी है। कब मेंटेनेंस होगा, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं था। उनका मौके पर पहुंचना इस बात का संकेत है कि समस्या अब केवल कर्मचारियों की शिकायत तक सीमित नहीं रह गई है। जनप्रतिनिधियों तक भी लोगों की परेशानियां पहुंच रही हैं।
पेड़ सड़कों पर, अंधेरे में बढ़ा खतरा
लगातार बारिश के बीच कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गई हैं। दिन में तो किसी तरह इनसे बचकर निकलना संभव है, लेकिन अंधेरा होने के बाद यही स्थिति ज्यादा खतरनाक हो जाती है। जलभराव के बीच सड़क पर गिरी डालियां दिखाई नहीं देने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। कई जगह पानी और पेड़ की डालियों ने रास्ते को और संकरा कर दिया है।
टाउनशिप पूछ रही-बारिश से पहले तैयारी कहां थी?
भिलाई की टाउनशिप अपनी हरियाली और व्यवस्थित सड़कों के लिए जानी जाती है। लेकिन लगातार बारिश ने व्यवस्था की दूसरी तस्वीर सामने ला दी है। पानी निकासी जाम, सड़कों पर जलभराव, पेड़ों की टूटी डालियां, बंद होती गाड़ियां और घरों में घुसता पानी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब बारिश तेज होती है तो आपदा प्रबंधन की तैयारी जमीन पर क्यों दिखाई नहीं देती?
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क्या डिजास्टर मैनेजमेंट का काम सिर्फ आपदा आने के बाद मौके पर पहुंचना है, या बारिश से पहले नालियों, ड्रेनेज, पेड़ों और संवेदनशील स्थानों की समीक्षा करना भी उसकी जिम्मेदारी है? भिलाई टाउनशिप के कर्मचारी और रहवासी फिलहाल इसी सवाल का जवाब तलाश रहे हैं। बारिश में जब टाउनशिप कराह रही है, तो आखिर कहां है भिलाई स्टील प्लांट का डिजास्टर मैनेजमेंट?
