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- ठेका श्रमिकों को भी कई आर्थिक नुकसान उठाने पड़ रहे हैं।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भारतीय मजदूर संघ की केंद्रीय कार्य समिति ने देश के संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के विभिन्न समस्याओं को लेकर 17 अगस्त 2026 को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इसे सफल बनाने के लिए भिलाई इस्पात मजदूर संघ (बीएमएस) ने सेक्टर 6 स्थित कार्यालय में पदाधिकारियो की बैठक कर प्रदर्शन को सफल बनाने अपील किया।
यूनियन कार्यालय में उपस्थित पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए महामंत्री दिनेश कुमार पांडेय ने कहा कि देश के सभी संगठित एवं असंगठित श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर 17 अगस्त 2026 को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करने का निर्णय भारतीय मजदूर संघ की केंद्रीय कार्य समिति द्वारा लिया गया है। इसी कड़ी में दुर्ग जिले की बीएमएस से संबद्ध सभी यूनियने राजेंद्र पार्क दुर्ग के पास 17 अगस्त 2026 को प्रदर्शन करेंगे तत्पश्चात कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा जाएगा।
दिनेश पांडेय ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र सहित सेल के कर्मचारियों का वेतन समझौता 10 वर्षों में भी पूर्ण नहीं हुआ है। प्रबंधन 39 महीने के एरियर को भी रोक कर रखा है, जिससे कर्मचारियों में अत्यंत आक्रोश है। इसी तरह ठेका श्रमिकों को भी कई आर्थिक नुकसान उठाने पड़ रहे हैं।
यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार पाल ने कहा कि भिलाई में रिटेंशन स्कीम एवं लाइसेंस स्कीम को भी बंद कर अपने खून पसीने से भिलाई को इन ऊंचाई पर पहुचाने वाले कर्मचारियो के साथ भी प्रबंधन अन्याय कर रहा है।
कार्यकारी अध्यक्ष वंश बहादुर सिंह ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों सहित मध्य भारत के नागरिकों को सबसे विश्वसनीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाले सेक्टर 9 हॉस्पिटल का भी प्रबंधन निजीकरण कर रहा है। इसके साथ ही लगातार श्रमिक विरोधी नियम ही बनाए जा रहे है।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों से अपील करते हुए महामंत्री दिनेश कुमार पांडेय ने कहा कि इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को सफल बनाने के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिक से अधिक कर्मचारी एवं ठेका श्रमिकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं।
- सार्वजनिक उपक्रमों एवं संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की ये मांग
सेल कर्मचारियों का वेतन समझौता जल्द पूर्ण कर 39 महीने का एरियर दिया जाए।
न्यूनतम वेतन ₹30000 प्रतिमाह किया जाए।
एसआईसी वेतन सीमा 42000 रुपए किया जाए।
इपीएफओ वेतन सीमा ₹30000 किया जाए।
ग्रेच्युटी सीमा 40 लाख रुपए किया जाए।
बैंकिंग सेक्टर में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए।
बोनस सीमा में वृद्धि किया जाए।
बोनस पात्रता की शर्तें उदार की जाएं।
न्यूनतम पेंशन ₹7000 प्रतिमाह+ महंगाई भत्ता तथा चिकित्सा योजना लागू किया जाए।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान किया जाए।
समान काम के लिए समान वेतन – आउटसोर्स कर्मचारी को भी लागू किया जाए।
बैठक में यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार पाल, महामंत्री दिनेश कुमार पांडेय, कार्यकारी अध्यक्ष वंश बहादुर सिंह, उपाध्यक्ष इंद्रमणि प्रसाद मिश्रा, जगजीत सिंह, सुधीर गढ़ेवाल, अखिलेश उपाध्याय, ए वेंकट रमैया, संयुक्त महामंत्री हरिशंकर चतुर्वेदी, जोगेंद्र कुमार, एस रवि, संजय कुमार साकुरे, कोषाध्यक्ष रवि चौधरी, सचिव पूरनलाल साहू, प्रशांत क्षीरसागर, राजीव सिंह, कुलदीप सिंह, नाजिर हुसैन खान, जगन्नाथ नाले एवं संतोष सिंह उपस्थित थे।








