सितंबर के प्रथम सप्ताह में इसी बॉल बैडमिंटन मैदान पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित होने जा रही है। खेल को धक्का।
- शिकायत आई नहीं कि बिजली काट दी। जांच और न्याय का क्या हुआ?
- केयर टेकर चलपती राव का बेटा बॉल बैडमिंटन का अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी है, जो पिछले 11 दिनों से अंधेरे में रह रहा है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के सेक्टर 4 स्थित बॉल बैडमिंटन खेल परिसर में पिछले लगभग 24 वर्षों से केयर टेकर के रूप में एस. चलपति राव एवं उनका परिवार बिना किसी मानदेय के अपनी सेवाएं देते हुए परिसर की देखरेख कर रहा है। लेकिन सड़क 1 के दो-तीन परिवारों के बीच आपसी मनमुटाव के बाद शिकायतें अलग-अलग विभागों में भेजे जाने के बाद नगर सेवाएं विभाग ने मामले की पूरी जांच और संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना ही बिजली कनेक्शन काट दिया।
परिणामस्वरूप चलपति राव का परिवार पिछले 11 दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर है। सवाल यह है कि क्या केवल शिकायत दर्ज हो जाना ही किसी परिवार को दोषी मान लेने और उसकी मूलभूत सुविधा काट देने का पर्याप्त आधार है? ज्ञात हो कि चलपती राव का बेटा बॉल बैडमिंटन का अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी है, जो पिछले 11 दिनों से अंधेरे में रह रहा है।
जांच से पहले फैसला, प्रबंधन की कैसी कार्यप्रणाली?
किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच करना और दोनों पक्षों को सुनना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। यदि शिकायतें आपसी विवाद या मनमुटाव से जुड़ी हैं, तो नगर सेवाएं विभाग को पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए थी। आरोप सिद्ध हुए बिना बिजली काट देना न केवल जल्दबाजी है, बल्कि विभाग की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रबंधन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किस नियम और किस प्रक्रिया के तहत बिजली काटने का निर्णय लिया गया। क्या शिकायत करने मात्र से किसी केयरटेकर परिवार को दोषी मान लिया जाएगा? यदि ऐसा है तो फिर जांच, सुनवाई और न्याय की प्रक्रिया का क्या अर्थ रह जाता है?
24 साल की निशुल्क सेवा का यही सम्मान
भिलाई के अधिकांश खेल मैदानों और क्लबों में केयर टेकर रहते हैं, जिन्हें प्रबंधन की ओर से कोई वेतन नहीं दिया जाता, बल्कि परिसर की देखरेख के बदले रहने की सुविधा और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसी व्यवस्था के तहत बॉल बैडमिंटन खेल परिसर में भी केयरटेकर परिवार वर्षों से अपनी जिम्मेदारी निभाता रहा है। ऐसे में बिना जांच पूरी किए बिजली काट देना उस व्यवस्था पर ही प्रश्नचिह्न लगाता है, जिसके तहत वर्षों से खेल परिसरों की देखभाल होती रही है। यदि प्रबंधन को केयरटेकर की भूमिका या आवास को लेकर कोई आपत्ति है तो उसे स्पष्ट नीति बनाकर सभी खेल परिसरों पर समान रूप से लागू करना चाहिए, न कि किसी एक परिवार को शिकायतों के आधार पर निशाना बनाना चाहिए।
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राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से पहले प्रबंधन दे जवाब
सितंबर के प्रथम सप्ताह में इसी बॉल बैडमिंटन मैदान पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित होने जा रही है और इसे लेकर प्रबंधन के साथ आवश्यक पत्राचार एवं तैयारियां की जा रही हैं। ऐसे समय में खेल परिसर के केयर टेकर परिवार और कार्यालय की बिजली काटे जाने की कार्रवाई नगर सेवाएं विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इसीलिए जरूरी है कि पहले मामले की निष्पक्ष जांच पूरी की जाए, शिकायतों की वास्तविकता सामने लाई जाए, चलपती राव एवं उनके परिवार को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए और तब तक बिजली कनेक्शन तत्काल बहाल किया जाए। खेलों को बढ़ावा देने की बातें करने वाला प्रबंधन यदि खिलाड़ियों और खेल परिसर की बुनियादी सुविधाएं ही काटने लगे, तो उसकी खेल नीति और संवेदनशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। नगर सेवाएं विभाग को इस कार्रवाई का हर स्तर पर जवाब देना होगा।
