Skip to content
21/09/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Suchnaji

Suchnaji

सबकी खबर | सबसे पहले और सटीकता से ….

Primary Menu
  • अतिरिक्त ख़बरें
  • कोल इंडिया
  • छत्तीसगढ़
  • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • धर्म-संस्कृति
  • रेलवे
  • लोकसभा/विधानसभा चुनाव
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री
Light/Dark Button
Subscribe
  • Home
  • ताज़ा ख़बरें
  • Bhilai Township: लैंड मोनेटाइजेशन स्कीम के सरलीकरण की सुगबुगाहट, टाउनशिपवासियों को राहत की उम्मीद
  • ताज़ा ख़बरें
  • दुर्ग-भिलाई

Bhilai Township: लैंड मोनेटाइजेशन स्कीम के सरलीकरण की सुगबुगाहट, टाउनशिपवासियों को राहत की उम्मीद

Azmat ali 29/08/2026 1 minute read
Bhilai Township Buzz regarding the Simplification of the Land Monetization Scheme Township Residents hopeful for Relief

अंतिम तस्वीर केंद्र सरकार, नीति आयोग, सेल और नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉरपोरेशन के नए ड्राफ्ट के बाद ही साफ होगी।

  • भिलाई टाउनशिप के रहवासी यही उम्मीद कर रहे हैं कि देश को इस्पात देने वाले कर्मचारियों का आशियाना सुरक्षित रहे और दशकों में बसा भिलाई टाउनशिप अपनी पहचान के साथ कायम रहे।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई टाउनशिप के रहवासियों और पूर्व एवं वर्तमान इस्पात कर्मियों के लंबे संघर्ष के बीच लैंड मोनेटाइजेशन स्कीम के सरलीकरण की सुगबुगाहट ने नई उम्मीद जगाई है। चर्चा है कि केंद्र सरकार स्तर पर भूमि मौद्रीकरण की नीति को सरल बनाने की कवायद चल रही है। इसी बीच सेल बोर्ड की हालिया बैठकों में लैंड मोनेटाइजेशन को लेकर चर्चा नहीं होने की बात भी सामने आ रही है। इसे भिलाई टाउनशिप के हजारों रहवासियों के लिए राहत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

दरअसल, भिलाई इस्पात संयंत्र की टाउनशिप को लैंड मोनेटाइजेशन की प्रक्रिया के दायरे में लाए जाने की आशंका के बीच करीब 500 पूर्व एवं वर्तमान कर्मियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी को पत्र भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके साथ ही टाउनशिप में पिछले करीब आठ माह से विभिन्न संगठनों और रहवासियों की ओर से धरना-प्रदर्शन का दौर भी जारी है।

ये खबर भी पढ़ें: BSP Retirement: भिलाई स्टील प्लांट में रिटायरमेंट अब सिर्फ विदाई नहीं, गेट पर सम्मान, घर तक साथ की बन रही परंपरा

बसा-बसाया शहर उजड़ने का जताया गया डर

पूर्व और वर्तमान कर्मियों का कहना है कि भिलाई टाउनशिप महज एक रिहायशी क्षेत्र नहीं है, बल्कि दशकों की मेहनत से विकसित एक सुव्यवस्थित शहर है। यहां आवासों के साथ अस्पताल, स्कूल, बाजार, खेल एवं सामाजिक सुविधाएं और मैत्री बाग जैसी महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां मौजूद हैं।

कर्मियों ने आशंका जताई है कि यदि टाउनशिप की भूमि और सामाजिक परिसंपत्तियों का मौद्रीकरण कर उन्हें निजी हाथों में सौंपा गया तो इसका सीधा असर शहर की मौजूदा बसाहट पर पड़ेगा। उनका कहना है कि इससे केवल आवासीय क्षेत्र ही प्रभावित नहीं होगा, बल्कि भिलाई की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान पर भी गंभीर असर पड़ेगा।

ये खबर भी पढ़ें: BSP: वायर रॉड मिल की छत सुधारें, नए टॉयलेट की जरूरत, BMS की मांग पर CGM बोले-सेलम से आ रहा कर्मचारियों का गिफ्ट

खाली जमीनों के मौद्रीकरण का दिया विकल्प

प्रधानमंत्री और नीति आयोग को भेजे गए पत्र में एक महत्वपूर्ण विकल्प भी सुझाया गया है। कर्मियों का कहना है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के पास टाउनशिप और प्रस्तावित विस्तार क्षेत्र के अलावा बड़ी मात्रा में गैर-आबादी एवं खाली जमीन उपलब्ध है। यदि अतिरिक्त भूमि का मौद्रीकरण करना आवश्यक है तो पहले ऐसी जमीनों का उपयोग किया जाना चाहिए।

इससे एक ओर सरकार की भूमि मौद्रीकरण नीति का उद्देश्य पूरा हो सकता है, वहीं दूसरी ओर घनी आबादी वाले भिलाई टाउनशिप की बसाहट और आम नागरिकों के हित भी प्रभावित नहीं होंगे।

ये खबर भी पढ़ें: Breaking News: हाईकोर्ट तक हारा बोकारो स्टील प्लांट, 13 साल बाद इंटक की जीत, कर्मचारियों में बंटेगा 70 से 80 करोड़ तक

‘फर्स्ट स्टेकहोल्डर्स’ को मिले मालिकाना हक

पत्र में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी अपरिहार्य परिस्थिति में टाउनशिप की जमीन का मौद्रीकरण करना ही पड़े तो दशकों से आवासों में रह रहे पूर्व एवं वर्तमान कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए। उनके अनुसार वर्तमान बाजार मूल्य या कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर संबंधित आवास के प्लॉट साइज की जमीन सीधे वहां रह रहे कर्मियों को बेचने का विकल्प अपनाया जा सकता है।

कर्मियों का तर्क है कि लंबे समय से टाउनशिप में रह रहे होने के कारण वे इस प्रक्रिया के ‘फर्स्ट स्टेकहोल्डर्स’ हैं और पहला अधिकार भी उन्हीं का होना चाहिए। इससे शहर की मौजूदा बसाहट को बचाने के साथ कर्मचारियों के आशियाने भी सुरक्षित रह सकते हैं।

ये खबर भी पढ़ें: सीजीएम साहब जल्द दिलवाइए नॉन फाइनेंशियल मोटिवेशन का गिफ्ट

प्रधानमंत्री की बैठक के बाद नीति में बदलाव की चर्चा

इसी बीच सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि प्रधानमंत्री की सचिवों के साथ हुई बैठक में लैंड मोनेटाइजेशन नीति को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। इसके बाद से सेल बोर्ड की बैठकों में पिछले कुछ दिनों से लैंड मोनेटाइजेशन को लेकर कोई चर्चा नहीं होने की बात सामने आ रही है।

भिलाई टाउनशिप के रहवासियों के लिए यह घटनाक्रम राहत भरा माना जा रहा है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नीति में क्या बदलाव होंगे और उसका भिलाई टाउनशिप पर सीधा प्रभाव क्या पड़ेगा।

ये खबर भी पढ़ें: SAIL Bonus 2026 Update: डॉ. संजीवा रेड्डी, बीएन चौबे मिले डायरेक्टर पर्सनल से, होने जा रही NJCS कोर ग्रुप मीटिंग

सितंबर से नोटिस का सिलसिला थमने की उम्मीद

इधर, टाउनशिप में लाइसेंस और रिटेंशन के आधार पर रह रहे लोगों के बीच एक और चर्चा तेज है। सूत्रों के अनुसार सितंबर माह से आगामी आदेश तक लाइसेंस एवं रिटेंशन धारियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया रोके जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉरपोरेशन और सेल के बीच नया ड्राफ्ट तैयार होने तक इस संबंध में आगे की कार्रवाई रोकने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में सेल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक आदेश सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में रहवासियों की निगाहें अब अगले कदम पर टिकी हैं।

ये खबर भी पढ़ें: SAIL BSP: डीजीएम के बेटे मोक्ष चौरसिया ने NEET 2026 में हासिल की शानदार सफलता, चौरसिया समाज का बढ़ाया मान

आठ माह के आंदोलन का दिखेगा असर

भिलाई टाउनशिप को बचाने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों और रहवासियों की ओर से लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। अब लैंड मोनेटाइजेशन नीति के सरलीकरण की चर्चा और नोटिस प्रक्रिया थमने की संभावित खबर को आंदोलनकारियों के संघर्ष की बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

लांकि अंतिम तस्वीर केंद्र सरकार, नीति आयोग, सेल और नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉरपोरेशन के बीच तैयार होने वाले नए ड्राफ्ट के बाद ही साफ होगी। फिलहाल भिलाई टाउनशिप के रहवासी यही उम्मीद कर रहे हैं कि देश को इस्पात देने वाले कर्मचारियों का आशियाना सुरक्षित रहे और दशकों में बसा भिलाई टाउनशिप अपनी पहचान के साथ कायम रहे।

ये खबर भी पढ़ें: खान-खनिज संशोधन विधेयक 2026 वापस लीजिए मोदी जी, Bokaro Steel Plant में जनजागरण अभियान शुरू

About the Author

Azmat ali

Administrator

View All Posts

Post navigation

Previous: पहाड़ी थीम से सजा तीज मिलन, रैंप वॉक में उत्साह; सरिता साहू और नेहा सिंह बनीं तीज क्वीन
Next: नेपाल आपदा पर सीटू ने ये कहा, भारत सरकार से कर दी बड़ी मांग

Related Stories

IISCO Steel Plant Union Election ISP Management to Suspend Employees Who Created a Ruckus
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

IISCO Steel Plant Union Election: नेतागिरी का भूत उतारेगा प्रबंधन, नोटिस नहीं, सीधे सस्पेंड होंगे कर्मचारी

Azmat ali 21/09/2026
Kanyakubja Samajik Chetna Manch Ganeshotsav 2026 at Manav Ashram Sector 1
  • ताज़ा ख़बरें
  • धर्म-संस्कृति

कान्यकुब्ज सामाजिक चेतना मंच: गणेशोत्सव 2026 में नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने और वरिष्ठ महिलाओं के योगदान की दिखी झलक

Azmat ali 20/09/2026
SAIL ISP Union Election INTUC Manifesto Released Promises include Menstrual Leave and More
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

SAIL ISP Union Election: आ गया INTUC का संकल्प पत्र, पीरियड्स में छुट्टी, बाकी के लिए 30 वादे, पढ़ें

Azmat ali 20/09/2026

You May Have Missed

IISCO Steel Plant Union Election ISP Management to Suspend Employees Who Created a Ruckus
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

IISCO Steel Plant Union Election: नेतागिरी का भूत उतारेगा प्रबंधन, नोटिस नहीं, सीधे सस्पेंड होंगे कर्मचारी

Azmat ali 21/09/2026
Kanyakubja Samajik Chetna Manch Ganeshotsav 2026 at Manav Ashram Sector 1
  • ताज़ा ख़बरें
  • धर्म-संस्कृति

कान्यकुब्ज सामाजिक चेतना मंच: गणेशोत्सव 2026 में नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने और वरिष्ठ महिलाओं के योगदान की दिखी झलक

Azmat ali 20/09/2026
SAIL ISP Union Election INTUC Manifesto Released Promises include Menstrual Leave and More
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

SAIL ISP Union Election: आ गया INTUC का संकल्प पत्र, पीरियड्स में छुट्टी, बाकी के लिए 30 वादे, पढ़ें

Azmat ali 20/09/2026
SAIL Personnel Deprived of 39 Months Arrears and Hardship Allowance Due to the Modi Governments Affordability Clause
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

SAIL कार्मिकों के 39 माह के एरियर पर Modi सरकार के अफोर्डेबिलिटी क्लॉज़ की कैंची, हार्डशिप अलाउंस भी अटका, लाखों का झटका, चौथे PRC पर नज़र

Azmat ali 20/09/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Copyright © 2026 All rights reserved. | ReviewNews by AF themes.