बर्नपुर मिड टाउन क्लब, को-ऑपरेटिव सोसायटी, ऑफिसर्स एसोसिएशन, स्वीकृत संस्थाओं से जुड़ी नियमित कटौतियां शामिल होंगी।
- नई व्यवस्था का उद्देश्य वेतन से होने वाली सदस्यता और सब्सक्रिप्शन कटौती को कर्मचारी की स्पष्ट ऑनलाइन सहमति, पारदर्शिता और सिस्टम आधारित रिकॉर्ड से जोड़ना है।
- LIC प्रीमियम की कटौती फिलहाल मौजूदा व्यवस्था के अनुसार ही जारी रहेगी।
सूचनाजी न्यूज, बर्नपुर। सेल के इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर (ISP) में कर्मचारियों-अधिकारियों के वेतन से होने वाली नियमित सदस्यता और फिक्स्ड सब्सक्रिप्शन कटौती की प्रक्रिया अब डिजिटल होने जा रही है। प्रबंधन ने Recurring Fixed Subscription एवं Membership-Type Salary Deductions के लिए ऑनलाइन मॉड्यूल लागू करने का फैसला किया है। यह नई व्यवस्था 15 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी।
नई व्यवस्था का सीधा असर कर्मचारियों पर पड़ेगा। अब कर्मचारी Employee Self Service (ESS) के जरिए अपनी संबंधित सदस्यता या सब्सक्रिप्शन कटौती को देख और नियंत्रित कर सकेंगे। इसमें क्लब, को-ऑपरेटिव सोसायटी, ऑफिसर्स एसोसिएशन और इसी तरह की स्वीकृत संस्थाओं से जुड़ी नियमित कटौतियां शामिल होंगी। LIC प्रीमियम की कटौती फिलहाल मौजूदा व्यवस्था के अनुसार ही जारी रहेगी।
बताया जा रहा है कि सरकार का नियम है कि 50 प्रतिशत से ज्यादा किसी कार्मिक की कटौती नहीं होना चाहिए। आइएसपी में 50 प्रतिशत से ज्यादा कई कार्मिकों की सैलरी से कटौती हो रही है। लोन आदि के मामले में। इसलिए प्रबंधन नई व्यवस्था लेकर आई है। पहले संस्था प्रबंधन को फॉर्म भेजता था कि ये सदस्य हैं, इनकी कटौती शुरू की जाए। अब कार्मिक खुद मंजूरी देंगे, इसके बाद ही कटौती शुरू होगी, जब चाहे तब खुद बंद करा सकते हैं।
सदस्यता लेने के लिए कर्मचारी को देना होगा ऑनलाइन सहमति
नई व्यवस्था में कर्मचारी को ISP Portal-Personnel के Employee Self Service (ESS) में लॉगिन करना होगा। पोर्टल पर पंजीकृत और स्वीकृत एजेंसियों की सूची उपलब्ध रहेगी। किसी सदस्यता के लिए आवेदन करते समय कर्मचारी को संबंधित एजेंसी की ओर से जारी वैध सदस्यता/नामांकन दस्तावेज भी अपलोड करना होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारी को SMS के माध्यम से सूचना दी जाएगी।
वेतन से कितनी कटौती हो रही है, कर्मचारी देख सकेंगे
ऑनलाइन सिस्टम में कर्मचारियों को अपनी सक्रिय कटौतियों की एजेंसीवार पूरी जानकारी देखने की सुविधा मिलेगी। यानी कर्मचारी यह देख सकेंगे कि उनके वेतन से किस संस्था के नाम पर कितनी नियमित कटौती हो रही है। किसी सदस्यता या सब्सक्रिप्शन को बंद कराने के लिए भी कर्मचारी स्वयं ESS के माध्यम से Stoppage Request दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद कर्मचारी को SMS के जरिए इसकी जानकारी दी जाएगी।
कटौती बंद कराने की समय-सीमा 10 तारीख तक
कर्मचारियों के लिए समय-सीमा बेहद महत्वपूर्ण है। नई सदस्यता अथवा कटौती से जुड़ी प्रक्रिया के लिए प्रत्येक महीने 1 से 7 तारीख तक का विंडो निर्धारित किया गया है। इस अवधि में पूरी की गई वैध प्रक्रिया मौजूदा महीने के वेतन में लागू हो सकेगी।
वहीं किसी सदस्यता की कटौती बंद कराने के लिए कर्मचारी को हर महीने की 10 तारीख तक आवेदन करना होगा। तय समय के बाद कटौती हो जाने पर पूर्व प्रभाव से कटौती रद्द कराने या वेतन वापसी का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मोबाइल नंबर HRMS में अपडेट रखना जरूरी
नई व्यवस्था में SMS आधारित सुरक्षा का इस्तेमाल होगा। किसी नई सदस्यता अथवा कटौती बंद करने की प्रक्रिया पर संबंधित कर्मचारी को SMS भेजा जाएगा। इसलिए सभी कर्मचारियों के लिए यह जरूरी होगा कि उनका वर्तमान मोबाइल नंबर HRMS में अपडेट रहे।
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बंद की गई सदस्यता अपने आप शुरू नहीं होगी
कर्मचारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। यदि किसी सदस्यता या सब्सक्रिप्शन की कटौती बंद कर दी गई है, तो वह अपने आप दोबारा शुरू नहीं होगी। भविष्य में दोबारा कटौती शुरू कराने के लिए कर्मचारी की नई सहमति और संबंधित एजेंसी का वैध दस्तावेज जरूरी होगा। इसे नई सदस्यता के रूप में माना जाएगा।
15 सितंबर तक पुरानी व्यवस्था लागू
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन मॉड्यूल के पूरी तरह तैयार, परीक्षण और औपचारिक रूप से लॉन्च होने तक वेतन कटौती की मौजूदा प्रक्रिया ही जारी रहेगी। नई डिजिटल व्यवस्था 15 सितंबर 2026 से लागू होगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य वेतन से होने वाली सदस्यता और सब्सक्रिप्शन कटौती को कर्मचारी की स्पष्ट ऑनलाइन सहमति, पारदर्शिता और सिस्टम आधारित रिकॉर्ड से जोड़ना है। इससे कर्मचारियों को अपनी वेतन कटौतियों पर पहले की तुलना में अधिक प्रत्यक्ष नियंत्रण और जानकारी मिल सकेगी।
