स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स भिलाई के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने नगर सेवा विभाग के प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक एबी श्रीनिवास को पत्र लिखा।
- उपभोक्ताओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए भुगतान और शिकायत निवारण की व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और मोबाइल आधारित बनाया जाना समय की आवश्यकता है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवा विभाग में भुगतान लेने का पोर्टल पिछले सात-आठ दिनों से बंद होने के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तकनीकी खराबी के चलते अगस्त माह का भुगतान नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं से अब सितंबर में बिना सरचार्ज के भुगतान लेने की मांग की गई है।
इस संबंध में स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स, भिलाई के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने नगर सेवा विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्रीनिवास को पत्र भेजकर समस्या के समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब भुगतान पोर्टल ही तकनीकी कारणों से बंद था तो उपभोक्ताओं की कोई गलती नहीं है। ऐसे में अगस्त माह का भुगतान नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं के सितंबर माह के बिल में सरचार्ज जोड़ना उचित नहीं होगा।
ज्ञानचंद जैन ने मांग की है कि अगस्त माह का लंबित भुगतान सितंबर में बिना किसी अतिरिक्त सरचार्ज के स्वीकार किया जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए ऑनलाइन और मोबाइल आधारित बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रॉपर्टी टैक्स सहित बिजली के बिलों के भुगतान के लिए ऑनलाइन मोबाइल सिस्टम और अधिकृत मोबाइल नंबर जारी किया जाए, ताकि उपभोक्ता समय पर भुगतान कर सकें। साथ ही, बिजली मीटर रीडिंग अथवा अन्य समस्याओं की शिकायत भी संबंधित विभाग के अधिकृत मोबाइल नंबर पर दर्ज करा सकें।
जैन ने कहा कि विद्युत नियामक आयोग की ओर से भी भिलाई इस्पात संयंत्र को इस संबंध में लगातार निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन अभी तक संबंधित मोबाइल नंबरों को सार्वजनिक नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने में अनावश्यक परेशानी होती है। उन्होंने नगर सेवा विभाग के प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक श्रीनिवास से अपेक्षा की कि उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
ज्ञानचंद जैन ने कहा कि शहरवासियों को नगर सेवा विभाग से काफी उम्मीदें हैं। उपभोक्ताओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए भुगतान और शिकायत निवारण की व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और मोबाइल आधारित बनाया जाना समय की आवश्यकता है।
