सेक्टर 9 अस्पताल में मरीज सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम। सीटू डेलिगेशन ने किया डॉक्टर उदय के साथ बैठक।
- पीरियॉडिक मेडिकल चेकअप में ईसीजी के साथ 50 वर्ष से अधिक आयु के कर्मियों के लिए ईको जांच अनिवार्य करने की मांग।
- एसजीपीजीआई जैसे संस्थानों के लिए एडवांस राशि बढ़ाने पर सकारात्मक पहल।
- डॉ. उदय ने राशि को ₹50,000 या उससे अधिक करने की दिशा में सकारात्मक पहल की संभावना व्यक्त की।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर-9 की चिकित्सा सुविधाओं एवं मरीजों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सीटू की टीम और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. उदय धावर्डे के साथ बैठक संपन्न हुई। बैठक में अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटर महाप्रबंधक संजय शर्मा भी उपस्थित रहे। पिछले दिनों उठाए गए अनेक मुद्दों पर प्रबंधन के साथ हुई चर्चा का सकारात्मक परिणाम अब अस्पताल की व्यवस्थाओं में दिखाई देने लगा है। महासचिव टी. जोगा राव के साथ प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष विजय जांगड़े, जेपी त्रिवेदी, सविता मालवीय, अजय आर्या, संतोष कुमार, डीवीएस रेड्डी, संतोष प्रुष्टि आदि मौजूद रहे।
मेडिसिन ओपीडी में अब स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दिखाना होगा आसान
चर्चा के प्रारंभ में ही डॉक्टर उदय ने बदली हुई व्यवस्था के संदर्भ में सीटू से साझा करते हुए कहा कि 1 सितंबर से मेडिसिन ओपीडी में नई व्यवस्था लागू की गई है। अब मरीज सीधे ओपीडी में आकर स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दिखा सकेंगे। इसके लिए पहले से टोकन लेने की आवश्यकता नहीं होगी। जांच के बाद रिपोर्ट दिखाने के लिए भी मरीजों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए सीधे डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक डॉक्टर द्वारा कम से कम 60 मरीजों को व्यवस्थित रूप से देखने की व्यवस्था का प्रयास किया गया है।
वहीं चार डॉक्टरों डॉ. गुंजन कुमार, डॉ. हरिशंकर, डॉ. उमेश गिरिडकर और डॉ. संतोष मिश्रा के लिए आनलाइन टोकन बुकिंग व्यवस्था यथावत जारी रहेगी। इसके साथ ही आर्थोपेडिक ओपीडी में भी मरीज देखने की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है
NABH मानकों के अनुरूप डॉक्टर एवं स्टाफ बढ़ाने की मांग
सीटू ने NABH मानकों के अनुरूप डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियन एवं फार्मासिस्टों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। साथ ही चिकित्सा कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को केंद्रीय सरकारी मानकों के अनुरूप 65 वर्ष करने तथा DNB डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने का मुद्दा उठाया गया। पहले दो स्थायी डॉक्टरों पर एक DNB डॉक्टर की व्यवस्था थी, जिसे अब एक स्थायी डॉक्टर पर एक DNB डॉक्टर किए जाने से DNB डॉक्टरों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
रेफरल व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं उपयोगी बनाने पर जोर
गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए रेफर किए जाने वाले मरीजों को संबंधित बीमारी के लिए उपयुक्त अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने की पुरानी व्यवस्था को पुनः लागू करने तथा रेफरल अस्पतालों की सूची की समीक्षा करने की मांग सीटू ने रखी इस पर डॉक्टर उदय ने कहा कि बेहतर डॉक्टर एवं अस्पताल के संदर्भ में रेफर होने वाले मरीजों के परिजनों को समझाया जाता है ताकि बेहतर इलाज हो सके।
न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी सहित विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार की पहल
ऑन्कोलॉजी सर्जरी, न्यूरोलॉजी, कार्डियक सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं त्वचा रोग जैसे विशेषज्ञ विभागों में डॉक्टरों की भर्ती अथवा ऑन-कॉल विशेषज्ञों की सेवाएं लेने की मांग की गई। सेवानिवृत्त विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं जारी रखने पर भी उचित पहल की आवश्यकता बताई गई। चर्चा के दौरान डॉक्टर उदय ने बताया कि यूरोलॉजी एवं नेफ्रोलॉजी में विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में उचित कदम उठाते हुए अनुबंध करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
दवाइयों की उपलब्धता और रीइंबर्समेंट प्रक्रिया होगी आसान
सीटू ने अस्पताल में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बाहर से दवा खरीदने की स्थिति में रीइंबर्समेंट प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग रखी। अमृत फार्मेसी के साथ धनवंतरी एवं जन औषधि को भी जोड़कर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का सुझाव दिया गया, ताकि मरीजों को उचित दर पर दवाइयां मिल सकें तथा मरीजों को सेक्टर 9 अस्पताल से दवाई की उपलब्धता न होने की स्थिति में उपरोक्त इन तीन फार्मेसी से दवाई ले सकते है तथा उसका भुगतान सीधा प्रबंधन द्वारा किए जाने की बात सीटू ने कहा । इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की बात डॉक्टर उदय ने कहा।
50 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मियों के लिए ईको जांच की मांग
पीरियॉडिक मेडिकल चेकअप में ई सी जी के साथ 50 वर्ष से अधिक आयु के कर्मियों के लिए ईको जांच अनिवार्य करने की मांग रखी गई, ताकि हृदय संबंधी बीमारियों की समय रहते पहचान हो सके।
एसजीपीजीआई जैसे संस्थानों के लिए एडवांस राशि बढ़ाने पर सकारात्मक पहल
एसजीपीजीआई एवं अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर होने वाले मरीजों को मिलने वाली एडवांस राशि ₹10,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की मांग की गई। इस पर डॉ. उदय धावर्डे ने राशि को ₹50,000 या उससे अधिक करने की दिशा में सकारात्मक पहल की संभावना व्यक्त की।
प्लेटलेट्स की सुविधा और अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा
रक्तदाता से सीधे प्लेटलेट्स पृथक करने वाली मशीन एवं किट उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई इस पर डॉक्टर उदय ने कहा कि इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा सकता है ताकि कम रक्तदाताओं से ही आवश्यक प्लेटलेट्स एकत्रित किया जा सके। इसके अलावा साइकिल स्टैंड पर मरीजों के परिजनों के लिए एक दिन एवं एक सप्ताह के पास की व्यवस्था तथा इंडियन कॉफी हाउस में बीएसपी एवं गैर-बीएसपी कर्मियों के नाश्ते की मात्रा में भेदभाव दूर करने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
एन-1 का दायरा बढ़ाने और सेवानिवृत्त कर्मियों के माता-पिता को इलाज जारी रखने की मांग
सीटू ने एन -1सुविधा का दायरा बढ़ाकर भाभी, बहनोई सहित अन्य संबंधित परिजनों को भी शामिल करने की मांग की। साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद सेवानिवृत हुए कर्मी के आश्रित माता-पिता को सी एस आर के तहत सेक्टर-9 अस्पताल में निःशुल्क उपचार जारी रखने की मांग रखी गई।
एमआरआई और अल्ट्रासाउंड की तारीख 15 दिन के भीतर देने की मांग
अल्ट्रासाउंड एवं एम आर आई के लिए लंबी प्रतीक्षा अवधि को कम कर 15 दिन के भीतर जांच की तारीख उपलब्ध कराने की मांग की गई। सीटू ने कहा कि सेक्टर-9 अस्पताल में जांच की गुणवत्ता बेहतर होने के कारण इन सुविधाओं पर मरीजों का दबाव बना रहता है।
व्हीलचेयर, स्ट्रेचर, कैजुअल्टी और ड्रेस कोड पर भी सकारात्मक चर्चा
सभी व्हीलचेयर एवं स्ट्रेचर में फोम के गद्दे लगाने, कैजुअल्टी में स्टाफ बढ़ाने तथा सेक्टर-9 अस्पताल में ड्रेस कोड लागू करने का सुझाव भी प्रबंधन के समक्ष रखा गया। सीटू ने उम्मीद जताई कि इन सभी मुद्दों पर प्रबंधन सकारात्मक पहल करते हुए मरीजों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
