लिखित शिकायत में लगाए गए आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारी से भी पूछताछ की गई है और उनका बयान दर्ज किया गया है।
- जीएम स्तर की महिला अधिकारी ने सेल की आंतरिक शिकायत समिति में दी लिखित शिकायत, जांच प्रक्रिया जारी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल (SAIL) में कार्यरत एक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) के खिलाफ जीएम स्तर की महिला अधिकारी ने छेड़छाड़ एवं अनुचित व्यवहार से संबंधित गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला अधिकारी की ओर से इस संबंध में सेल की आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee-ICC) के समक्ष लिखित शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है।
शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। सेल अफसरों के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारी से भी पूछताछ की गई है और उनका बयान दर्ज किया गया है। हालांकि, जांच का अंतिम निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई के संबंध में सेल की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। आरोपों में कितनी सच्चाई है ये तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही पता चल सकेगा। वहीं, ये भी दावा किया जा रहा है कि फर्जी आरोप भी हो सकते हैं।
पिछले कुछ महीनों से व्यवहार को लेकर थी आपत्ति
महिला अधिकारी ने पिछले कुछ महीनों के दौरान कथित तौर पर हुए व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई थी। विभागीय स्तर पर भी इसको लेकर चर्चा होने की बात सामने आई है। बाद में महिला अधिकारी ने मामले को औपचारिक रूप से सेल की आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष रखा।
महिला अधिकारी की पहचान और शिकायत से जुड़े ऐसे किसी भी विवरण को जानबूझकर प्रसारित नहीं किया जा रहा है, जिससे उनकी पहचान सार्वजनिक हो सकती है। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों में शिकायतकर्ता की गोपनीयता बनाए रखना कानूनी रूप से भी महत्वपूर्ण है।
ICC की जांच के बाद सामने आएगी तस्वीर
फिलहाल मामला आंतरिक शिकायत समिति के स्तर पर जांच के अधीन बताया जा रहा है। समिति शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगी। जांच पूरी होने से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इस मामले को लेकर सेल के संबंधित विभाग और मुख्यालय स्तर पर भी नजर होने की चर्चा है। हालांकि, प्रबंधन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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एससी-एसटी आयोग तक जाने की भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, मामले में आगे की परिस्थितियों के आधार पर इसे अन्य संबंधित वैधानिक मंचों के समक्ष ले जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में भी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
यह मामला कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण, निषेध और निवारण अधिनियम के तहत महत्वपूर्ण हो सकता है। कानून के अनुसार, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच के लिए आंतरिक शिकायत समिति की व्यवस्था की गई है और जांच के दौरान शिकायतकर्ता की पहचान तथा मामले से जुड़ी गोपनीय जानकारी की सुरक्षा आवश्यक है।
