Dy. CLC केसी साहू ने निर्देश दिए कि प्रबंधन नए शनिवार कार्य व्यवस्था के क्रियान्वयन को स्थगित रखे और पूर्ववत व्यवस्था को बनाए रखे।
- उप मुख्य श्रम आयुक्त (Dy. CLC), आसनसोल के कार्यालय में शुक्रवार को प्रबंधन और बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ (BMS) के प्रतिनिधियों के बीच हुई।
- डीएसपी (DSP) में जब मिनिस्ट्रियल स्टाफ के लिए दूसरे और चौथे शनिवार को पूर्ण अवकाश का नियम लागू है।
सूचनाजी न्यूज, बर्नपुर। सेल (SAIL) के इस्को स्टील प्लांट (IISCO Steel Plant-ISP) से बड़ी खबर है। प्लांट के बाहर के विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों को हर शनिवार पूरे दिन ड्यूटी कराने के फैसले पर रोक लगा दी गई है। आइएसपी प्रबंधन ने 15 सितंबर से पूरे दिन ड्यूटी का आदेश जारी किया था, जिस पर उप मुख्य श्रमायुक्त आसनसोल ने रोक लगाई है।
प्रबंधन द्वारा नॉन-वर्क्स नॉन-एक्जीक्यूटिव (मिनिस्ट्रियल) कर्मचारियों के लिए शनिवार को फुल-डे ड्यूटी लागू करने वाले एकतरफा सर्कुलर के खिलाफ चल रहे विवाद में कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
उप मुख्य श्रम आयुक्त (Dy. CLC), आसनसोल के कार्यालय में शुक्रवार को प्रबंधन और बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ (BMS) के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में यह सफलता हासिल हुई। बैठक की अध्यक्षता Dy. CLC केसी साहू ने की, जिसमें औद्योगिक विवाद संख्या (Industrial Dispute Ref. No.: 1/77/2026/E) पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रबंधन के साथ बैठक में ये भी कहा गया कि सेल यूनिट डीएसपी (DSP) में जब मिनिस्ट्रियल स्टाफ के लिए दूसरे और चौथे शनिवार को पूर्ण अवकाश का नियम लागू है, तो आईएसपी में भी या तो पुरानी व्यवस्था बहाल रखी जाए या उसी तर्ज पर दूसरा और चौथा शनिवार ऑफ रखा जाए। आइएसपी में हर शनिवार को सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक ड्यूटी रहती है। प्रबंधन का आदेश आया कि 15 सितंबर से पूरे दिन कर्मचारियों को ड्यूटी करनी होगी। करीब 250 कर्मचारी इसकी जद में आ रहे थे।
प्रमुख बिंदु एवं बैठक का विवरण
विवाद का मुख्य कारण: प्रबंधन द्वारा बिना किसी पूर्व सहमति के 21 अगस्त 2026 को जारी किए गए सर्कुलर (संख्या: HR/CF/RULES/2026/32) के तहत शनिवार को पूर्ण दिवस कार्य अनिवार्य करने का विरोध किया गया था।
बीएमएस (BMS) का कड़ा रुख: बैठक के दौरान बीएमएस की ओर से प्रबंधन के इस एकतरफा फैसले का पुरजोर विरोध किया गया। यूनियन ने स्पष्ट किया कि इस तुगलकी फरमान के खिलाफ कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपना विरोध दर्ज कराया है और प्रबंधन द्वारा जारी नोटिस (धारा 40) पर भी अपनी कड़ी आपत्ति जताई है।
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समानता का तर्क: बीएमएस ने दलील दी कि एक ही जिले और एक ही Dy. CLC के दायरे में आने वाले अन्य सेल यूनिट (जैसे डीएसपी-DSP) में जब मिनिस्ट्रियल स्टाफ के लिए दूसरे और चौथे शनिवार को पूर्ण अवकाश का नियम लागू है, तो आईएसपी में भी या तो पुरानी व्यवस्था बहाल रखी जाए या उसी तर्ज पर दूसरा और चौथा शनिवार ऑफ रखा जाए।
Dy. CLC का निर्देश एवं निर्णय
दोनों पक्षों को सुनने के बाद Dy. CLC के.सी. साहू ने निर्देश दिए कि प्रबंधन नए शनिवार कार्य व्यवस्था के क्रियान्वयन को स्थगित रखे और पूर्ववत व्यवस्था को बनाए रखे। यूनियन द्वारा उठाए गए तर्कों के आधार पर दूसरे और चौथे शनिवार को पूर्ण अवकाश की प्रथा का पालन किया जाए। आगामी यूनियन चुनाव और मान्यता प्राप्त यूनियन/कौशल के गठन के बाद, प्रबंधन निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा करे और आपसी सहमति से अंतिम समाधान निकाले। इस अंतिम निर्णय की प्रति Dy. CLC के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
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कर्मचारी-विरोधी फैसलों के खिलाफ पूरी ताकत से…
बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ (BMS) के महासचिव संजीत बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा “यह फैसला किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सेल आईएसपी के तमाम मेहनती और संघर्षशील कर्मचारियों की एकता की जीत है। प्रबंधन ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए बिना सोचे-समझे जो एकतरफा सर्कुलर जारी किया था, कर्मचारियों ने एकजुट होकर उसका डटकर मुकाबला किया।
BMS शुरू से ही कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है और आगे भी किसी भी प्रकार के अन्यायपूर्ण और कर्मचारी-विरोधी फैसलों के खिलाफ पूरी ताकत से खड़ा रहेगा। यह जीत साबित करती है कि जब कर्मचारी अपने हक के लिए एकजुट होते हैं, तो न्याय जरूर मिलता है।”
बीएमएस की ओर से ठेका यूनियन के अध्यक्ष महेश बनर्जी, सचिव श्रीकांत शाह एवं अर्घ्य हाजरा ने प्रतिनिधत्व किया। वहीं, प्रबंधन की ओर से सेल आईएसपी की एजीएम ट्यूलिप लकड़ा एवं मैनेजर(लॉ) शुभम पटेल उपस्थित थे।
