दिल्ली में 5 मंजिला PG इमारत भरभराकर गिरी, मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका; NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
- हादसे से सटी इमारत को भी खाली करा लिया गया है।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन, आरके पुरम इलाके में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां ‘हॉस्टल डेज’ नाम से संचालित पांच मंजिला PG इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त इमारत में 40 से अधिक लोगों के मौजूद होने की बात बताई जा रही। कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। समाचार लिखे जाने तक 11 छात्रों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया था। इनमें से तीन की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एम्स पहुंच चुकी है।
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, NDRF समेत विभिन्न एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक तीन लोगों को मलबे से रेस्क्यू चंद घंटों के भीतर ही किया जा चुका था। जबकि अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान जारी रहा।
घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई है। पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों से मौके से दूर रहने और रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा नहीं डालने की अपील कर रहे हैं।
नाले की खुदाई के दौरान हादसा होने का दावा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक PG इमारत के पास नाली की खुदाई का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि खुदाई के दौरान जमीन और इमारत की संरचना प्रभावित हुई और इसके बाद भवन भरभराकर गिर गया।
हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है। खुदाई और निर्माण कार्य की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच के बाद ही हादसे की सही वजह सामने आएगी।
रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वह सत्य निकेतन, आरके पुरम स्थित घटनास्थल पर संबंधित अधिकारियों के साथ मौजूद हैं और बचाव अभियान की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं और प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
सावधानी के तौर पर हादसे से सटी इमारत को भी खाली करा लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राहुल गांधी ने कहा- हर छात्र की जान कीमती
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सत्य निकेतन हादसे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इमारत गिरने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। उन्होंने मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताते हुए कहा कि इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र भी शामिल हैं।
राहुल गांधी ने NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दलों से हर संभव प्रयास कर मलबे में फंसे प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचने की अपील की। उन्होंने घायलों को तत्काल बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।
राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अच्छे कॉलेज या विश्वविद्यालय हॉस्टल नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र PG में एक ही छत के नीचे रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि हर छात्र की जान कीमती है और उसकी सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद PG के रूप में संचालित इस पांच मंजिला इमारत की सुरक्षा, निर्माण अनुमति और भवन नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। साथ ही, आसपास चल रही खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी जांच भी अहम होगी। फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
