भारत को अलॉय और स्पेशल स्टील के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए जनवरी 1965 में हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड के अधीन एएसपी बना था।
- दुर्गापुर आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष तमल भट्टाचार्य का कहना है कि सेल डीएसपी के कार्मिकों की भलाई के लिए सीएमडी के साथ ग्रीन फील्ड (Greenfield) पर बात हुई है।
सूचनाजी न्यूज, दुर्गापुर। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के पश्चिम बंगाल यूनिट से बड़ी खबर है। स्पेशल स्टील बनाने वाले अलॉय स्टील प्लांट को दुर्गापुर स्टील प्लांट में मर्ज किया जा रहा है। Ethical Decision होने के बाद सेल कारपोरेट आफिस की तरफ से कागजी कवायद शुरू कर दी गई है। मंत्रालय और पीएमओ तक पूरी प्रक्रिया करते ही आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
अलॉय स्टील प्लांट के मर्जर से सेल डीएसपी का मिल ज़ोन काफी मजबूत हो जाएगा। वहीं, विपरित परिस्थितियों से जूझ रहे एएसपी को संभाल लिया जाएगा। मैनपॉवर आदि की समस्याओं का समाधान भी हो जाएगा। स्पेशल स्टील का मार्केट हाई है। डीएसपी में विलय होने से बाजार पर अच्छी पकड़ बनाई जा सकेगी। साथ ही सेल का प्रॉफिट बढ़ेगा। अलॉय प्रोडक्ट के प्रति देश की अन्य कंपनियों का रुझान है।
इंटक दुर्गापुर के जनरल सेक्रेटरी रजत दीक्षित का कहना है कि प्रबंधन की ओर से अब तक यूनियनों के साथ मर्जर के विषय पर कोई संवाद नहीं किया गया है। मर्जर के बाद किस तरह से काम होगा, इस बारे में कुछ भी जानकारी नहीं दी गई है।
जानिए अलॉय स्टील प्लांट के बारे में
अलॉय स्टील प्लांट (ASP) स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की एक बेहद महत्वपूर्ण इकाई (यूनिट) है। यह प्लांट इस बात का सबूत है कि भारत बेहतरीन क्वालिटी का अलॉय और स्पेशल स्टील बनाने में पूरी तरह सक्षम है। यह प्लांट पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में स्थित है। यह रक्षा (डिफेंस), रेलवे, ऑटोमोबाइल (गाड़ियों), बिजली और इंजीनियरिंग जैसे बड़े उद्योगों की खास स्टील जरूरतों को पूरा करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।
1965 से अब तक अलॉय स्टील प्लांट
भारत को अलॉय और स्पेशल स्टील के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए जनवरी 1965 में हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड के तहत इस प्लांट को शुरू किया गया था। समय के साथ, ग्राहकों की बदलती मांगों को पूरा करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए इस प्लांट को लगातार बड़ा किया गया और इसमें नई तकनीकें जोड़ी गईं।
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ब्राउन फील्ड पर चल रहा काम, ग्रीन फील्ड पर अध्यक्ष तमल भट्टाचार्य ये बोले…
दुर्गापुर आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष तमल भट्टाचार्य का कहना है कि सेल डीएसपी के कार्मिकों की भलाई के लिए सीएमडी के साथ ग्रीन फील्ड (Greenfield) पर बात हुई है।
प्लांट को विस्तारित करने से क्षेत्र का विकास तेजी से हो सकेगा। फिलहाल, ब्राउन फील्ड्स पर काम तेजी से हो रहा है।
वहीं, दुर्गापुर स्टील प्लांट में अलॉय स्टील प्लांट के मर्जर से सेल को काफी फायदा होगा। प्रोडक्शन से लेकर मैनपॉवर तक काफी राहत मिलेगी।
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फर्नेस-5 के निर्माण को मंजूरी लगभग मिल चुकी है। जल्द ही काम चालू होने की उम्मीद है। न्यू बार मिल आने से टीएमटी के मार्केट में सेल डीएसपी की स्थिति काफी मजबूत हो जाएगी।
अध्यक्ष ने कहा-सेल सीएमडी डॉक्टर अशोक कुमार पंडा का कहना है कि 10 हजार करोड़ पीबीटी का लक्ष्य है। इसे हासिल करने से डीएसपी पर खास फोकस किया जाएगा।
वहीं, मेडिक्लेम, ग्रीन फील्ड, सोशल वेलफेयर, एनपीएस पर भी सकारात्मक आश्वासन मिला है।

