शहर में मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर एडीएम बिल्डिंग के पास प्रदर्शन किया गया। प्रबंधन और ठेकेदारों के खिलाफ नारेबाजी।
- एटक ने ठेका मजदूरों को वार्षिक इंक्रीमेंट, मकान किराया भत्ता, साइकिल भत्ता, यात्री पाली भत्ता, कैंटीन भत्ता, स्पेशल भत्ता, इंसेंटिव और रिवॉर्ड जैसी सुविधाएं देने की मांग की।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट में ठेका मजदूरों की कथित छंटनी और विभिन्न मांगों को लेकर बोकारो इस्पात कामगार यूनियन एटक के ठेका मजदूर प्रकोष्ठ ने रविवार को प्रदर्शन किया। यूनियन की ओर से शहर में मोटरसाइकिल जुलूस निकाला गया और एडीएम बिल्डिंग के पास प्रदर्शन कर प्रबंधन और ठेकेदारों के खिलाफ विरोध जताया गया।
प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ठेका मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के महामंत्री कामरेड रामाश्रय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रबंधन को प्लांट का उत्पादन लक्ष्य बढ़ाने के साथ ठेका मजदूरों पर 40 प्रतिशत छंटनी का मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना बंद करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बीएसएल में काम करने वाले ठेका मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन भुगतान की गारंटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, ठेकेदार बदलने पर मजदूरों को नहीं बदले जाने की नीति लागू करने की मांग की गई, ताकि ठेका मजदूरों को 60 वर्ष की आयु तक काम की सुरक्षा मिल सके।
समान काम के लिए समान मजदूरी की मांग
एटक ने ठेका मजदूरों के लिए समान काम के लिए समान मजदूरी लागू करने और सेल में स्टील वेज के तहत न्यूनतम 26 हजार रुपये वेतन लागू करने की मांग रखी। यूनियन ने न्यूनतम वेतन और उचित फाइनल भुगतान नहीं करने वाले ठेकेदारों को चिन्हित कर ब्लैकलिस्ट करने तथा भ्रष्टाचार के आरोपों वाले अधिकारियों की जांच कर कार्रवाई की मांग भी की।
यूनियन ने ठेका मजदूरों को सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा इलाज के लिए बीजीएच में व्यवस्था, बच्चों की पढ़ाई के लिए बीएसएल संचालित स्कूलों में सुविधा और ठेका मजदूरों को क्वार्टर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
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भत्ता और अन्य सुविधाएं देने की मांग
एटक ने ठेका मजदूरों को वार्षिक इंक्रीमेंट, मकान किराया भत्ता, साइकिल भत्ता, यात्री पाली भत्ता, कैंटीन भत्ता, स्पेशल भत्ता, इंसेंटिव और रिवॉर्ड जैसी सुविधाएं देने की मांग की। यूनियन का कहना है कि ठेका अवधि तक मजदूरों को गेट पास जारी किया जाना चाहिए।
यी प्रकृति के कार्यों में लंबे समय से काम कर रहे ठेका मजदूरों को स्थायी करने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान उठाई गई। यूनियन ने फाइनल भुगतान से वार्षिक बोनस को अलग रखने और दुर्गापूजा के समय बीएसएल कर्मचारियों की तरह ठेका मजदूरों को भी बोनस भुगतान करने की मांग की।
एनआईटी और निविदा में मजदूरों की संख्या सुनिश्चित करने की मांग
यूनियन ने सभी एनआईटी और निविदाओं में पूर्व की व्यवस्था के अनुसार काम की प्रकृति के आधार पर अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और अति कुशल श्रमिकों की संख्या सुनिश्चित करने की मांग की। यूनियन नेताओं ने कहा कि ठेका नीति में आवश्यक बदलाव कर ठेका मजदूरों के हितों और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि यदि इन मांगों पर गंभीरता से पहल नहीं की गई तो ठेका मजदूर प्लांट के अंदर हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन में प्राण सिंह, मोईन आलम, प्रदीप गुप्ता, रामेश्वर शर्मा, बच्चा राय, सत्येंद्र यादव, सत्यनारायण मुर्मू, सूरज मांझी, बहादुरी, संजय वर्मा, अक्षय मंडल, लोबिन मांझी, गौतम कुमार, त्रिभुवन सिंह, राजेश, ओम प्रकाश, इंदौर राम, संतोष महतो, आनंद कुमार, सहदेव, बलदेव, सुजीत, जयराम कुमार, रामप्रसाद, परितोष, धर्मेंद्र गुप्ता, राजू, वीरेंद्र महतो, महेश शंकर, लखन, मंजूर अंसारी, मनोज कुमार, वीरेंद्र माली, निरंजन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



