बीएसपी प्रबंधन, ठेका कंपनी, जिला प्रशासन और पुलिस की बैठक में बनी सहमति; प्रशासन ने कहा-छंटनी की प्रक्रिया का तरीका गलत
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल-भिलाई स्टील प्लांट के सेक्टर-9 अस्पताल में ठेका कंपनी द्वारा संविदा कर्मचारियों की छंटनी के विरोध में चल रहा आमरण अनशन शनिवार को समाप्त हो गया। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। शुक्रवार से अनशन पर श्रमिक बैठे थे।
शनिवार शाम सीएसपी कार्यालय में आंदोलनकारियों, पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों, बीएसपी प्रबंधन और संबंधित ठेका कंपनी भिलाई प्रशिक्षु कल्याण समिति के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई।
बैठक में छंटनी के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि श्रमिकों की छंटनी जिस तरीके से की जा रही थी, वह उचित नहीं है और इस तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती। ठेकेदार और बीएसपी प्रबंधन प्रशासन के सुझावों पर राजी हो गया। बैठक के बाद लिखित समझौता तैयार किया गया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने अपना आमरण अनशन समाप्त करने पर सहमति जताई।
जानिए आखिर क्या हुआ समझौता
17 लोगों का गेट पास बनाया जाएगा। तीन दिन के भीतर सबको गेट पास जारी किया जाएगा।
30 दिवस के भीतर रायपुर सीएलसी के पास मामला पेश किया जाएगा और नियम का पाल कराया जाएगा।
आंदोलनकारी तत्काल अनशन को समाप्त करेंगे
निर्णय होने तक दोबारा अनशन पर नहीं बैठेंगे
जानिए समझौता पत्र पर साइन करने वाले प्रमुख लोग कौन
सीएसपी भिलाई नगर
तहसीलदार
संजय कुमार-जीएम
पायल-एएलसी दुर्ग
थाना प्रभारी कोतवाली
योगेश सोनी महासचिव हिटसू
विमल कुमार
शांतनु मरकाम
संजय दवे
बसंत कुमार वर्मा
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फिलहाल छंटनी पर रोक
समझौते के अनुसार सेक्टर-9 अस्पताल में ठेका श्रमिकों की छंटनी की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में ठेका श्रमिकों को काम से हटाने की कार्रवाई रोकना और उनकी रोजगार संबंधी समस्या का समाधान करना शामिल था।
बैठक में यह भी तय किया गया कि श्रमिकों से जुड़े मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और उसके समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। समझौते में श्रमिकों के हित से जुड़े कई बिंदुओं पर सहमति दर्ज की गई है।
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प्रशासन ने छंटनी के तरीके पर जताई आपत्ति
आंदोलनकारियों के मुताबिक, बैठक में प्रशासन ने साफ तौर पर कहा कि ठेका श्रमिकों को हटाने का तरीका सही नहीं है। केवल इस तरीके से श्रमिकों की सेवाएं समाप्त नहीं की जा सकतीं। प्रशासन की मौजूदगी में बीएसपी प्रबंधन और ठेका कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की गई। आमरण अनशन के कारण मामला गंभीर होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने हस्तक्षेप किया। शनिवार को हुई बैठक के बाद लिखित सहमति बनने से आंदोलन फिलहाल समाप्त हो गया है।
लिखित समझौते के बाद आंदोलन समाप्त
समझौता पत्र में बैठक में मौजूद प्रशासन, बीएसपी प्रबंधन, ठेका कंपनी और श्रमिक पक्ष के प्रतिनिधियों की सहमति दर्ज की गई है। इसमें श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को आगे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुलझाने की बात कही गई है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि लिखित समझौता होने और छंटनी पर फिलहाल रोक लगाए जाने के बाद ही आमरण अनशन समाप्त किया गया है। अब उनकी नजर समझौते के पालन और ठेका श्रमिकों को काम से हटाए जाने की कार्रवाई पर रहेगी।
यह पूरा मामला सेक्टर-9 अस्पताल में कार्यरत ठेका/संविदा कर्मचारियों की छंटनी से जुड़ा है। कर्मचारियों का कहना था कि अचानक रोजगार छिनने की स्थिति पैदा होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। इसी के विरोध में आमरण अनशन शुरू किया गया था।

