रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पूरी तरह बैन, कलेक्टर का फरमान, 30 जून तक सख्ती

A Complete Ban on Loudspeakers after 10 pm the Collectors Order Strictness Till June 30
  • विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं होना है।

सूचनाजी न्यूज, दुर्ग। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अभिजीत सिंह ने आदेश जारी कर पूरे दुर्ग जिले में रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर 30 जून 2026 तक प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

यह निर्णय Supreme Court of India के निर्देशों तथा Ministry of Environment, Forest and Climate Change द्वारा 14 फरवरी 2000 को अधिसूचित ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत लिया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो, इसे ध्यान में रखते हुए यह सख्त फैसला किया गया है।

हालांकि धार्मिक त्यौहार, विवाह, संस्कार, उत्सव और चुनाव प्रचार जैसे विशेष अवसरों पर संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी से पूर्व अनुमति ली जा सकेगी। अनुमति मिलने पर भी ध्वनि स्तर निर्धारित मानकों के भीतर रखना अनिवार्य होगा। निजी परिसरों में ध्वनि स्तर परिवेशीय सीमा से 5 डीबी (A) से अधिक नहीं होगा, जबकि सार्वजनिक स्थलों पर क्षेत्रीय मानक से 10 डीबी (A) या अधिकतम 75 डीबी से अधिक की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच अनुमति नहीं दी जाएगी। कार्यक्रम स्थल के लिए नगर निगम या संबंधित सक्षम प्राधिकारी, जैसे बीएसपी प्रशासन, से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।

जिला प्रशासन के इस निर्णय को शहर में ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।