अनुसूचित जाति वर्ग के लोग पिछले 25 वर्षों से जाति प्रमाण पत्र की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
- आजादी के 75 वर्षों बाद भी कई स्तरों पर अनदेखी। सरकार से ठोस और योजनाबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। Chhattisgarh में अनुसूचित जाति एवं अंबेडकरी समाज की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। यह प्रतिनिधिमंडल All PSU SC/ST Federation के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील रामटेके के नेतृत्व में पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष बताया कि राज्य में देश के विभिन्न हिस्सों से आकर बसे अनुसूचित जाति वर्ग के लोग पिछले 25 वर्षों से जाति प्रमाण पत्र की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इस मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने की मांग की गई।
इसके साथ ही बौद्ध एवं अंबेडकरी समाज को शासन-प्रशासन में प्रतिनिधित्व देने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य में लाखों की संख्या में मौजूद इस समाज को अब तक उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध बौद्ध धरोहर Sirpur में समाज के योग्य प्रतिनिधियों को स्थान देने की मांग की।
महासचिव अजय मेश्राम ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन विकास को लेकर भी सुझाव दिए गए। प्रतिनिधिमंडल ने गोंडरगढ़, सिरपुर, और भोंगपाल को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग रखी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि आजादी के 75 वर्षों बाद भी वंचित वर्गों के साथ कई स्तरों पर अनदेखी हो रही है। इसे रोकने के लिए सरकार से ठोस और योजनाबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।
शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में योग्य छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियों में अवसर दिया जाना चाहिए। साथ ही गाढ़ा, उड़िया, बसोड़, रविदास समाज सहित अन्य वर्गों की समस्याओं के समाधान की भी मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करेगी।




