सीटू राज्य सम्मेलन में अखिल भारतीय 40 वर्षीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता और तपन सेन दहाड़े, हड़ताल का मैसेज वायरल

All India President Sudip Dutta and Tapan Sen roared at the CITU state Conference Message of Strike
  • हड़ताल का संदेश सब तक पहुंचाने की अपील के साथ सीटू का आठवां राज्य सम्मेलन संपन्न।

सूचनाजी न्यूज, राजहरा। सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू का छत्तीसगढ़ का आठवां राज्य सम्मेलन 1 से 3 फरवरी तक राजहरा के सिंधु भवन में संपन्न हुआ। सम्मेलन के पहले दिन झंडा रोहण के बाद भव्य रैली निकालकर आम सभा की गई।

दूसरे दिन महासचिव द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया जिस पर अलग-अलग इकाइयों से आए साथियों ने चर्चा में भाग लिया। चर्चा पश्चात महासचिव के द्वारा दिए गए जवाब के साथ रिपोर्ट को पारित किया गया।

सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सीटू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष तपन सेन ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार मजदूरों के द्वारा लंबे संघषों के बाद हासिल किए गए श्रम कानून को खत्म करके जिन 4 श्रम कोड को लाए हैं वह आजाद भारत में मजदूरों के ऊपर सबसे बड़ा कुठाराघात है, जिसे रोकने के लिए चल रही लड़ाई के तहत ही 12 फरवरी को देश में सबसे बड़ा हड़ताल होने जा रहा है।

इसका संदेश सभी तक पहुंचाना बहुत जरूरी है ताकि लोग इस संघर्ष में भागीदारी करें तथा उन चारों श्रम कोड को वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सके।

लंबी चलेगी श्रम कोड़ को रोकने की लड़ाई

सीटू के अखिल भारतीय 40 वर्षीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता ने सम्मेलन में आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप अपने यूनियन के अंदर जिस भी क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, उसके चारों ओर के आमजन को भी एकत्रित करने की दिशा में तेजी से काम करना होगा, क्योंकि यह श्रम कोड को वापस करवाने के लिए 12 फरवरी के हड़ताल को मुकम्मल कामयाब बनाना है।

साथ ही साथ संघर्षों को और ज्यादा तेज करना है क्योंकि केंद्र सरकार अपने कॉर्पोरेट मित्रों के इशारे पर देश के मजदूर वर्ग को बंधुआ एवं गुलाम बनाने के लिए जिस प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है उसे रोकने एवं पीछे धकेलना के लिए यह लड़ाई लंबी चलने वाली है जिसके लिए सबको तैयार करना होगा अन्यथा इन नए श्रम कोड से मजदूरों की जिंदगी और बदतर होती चल जाएगी।

37 सदस्य राज्य समिति का हुआ चुनाव

सम्मेलन के अंत में सर्वसम्मति से 37 सदस्य राज्य समिति का चुनाव किया गया जिसमें अध्यक्ष व्ही एम मनोहर, उपाध्यक्ष एम के नंदी, विजय कुमार जांगड़े, नवीन गुप्ता, अनूप सरकार, पी सीमैय्या, साजी टी जॉन, सुखेंदु घोष, महासचिव एसएन बैनर्जी, सचिव इंद्रदेव चौहान, टी जोगा राव, अमित गुप्ता, संगीता महंत, जनाराम कर्ष, समीर कुरैशी एवं कोषाध्यक्ष विभाष पाइटुंडी चुने गए।

कार्यकारिणी सदस्य मारुति डोंगरे, डी व्ही एस रेड्डी, नकुल देवांगन, एच एल यादव, सुरेश पटेल, प्रकाश नारायण सिंह, राजेश नागराज, संजय अग्रवाल, केवेंद्र सुंदर, जी डी महंत, रंभा पवार, वीनू वर्गीस, दिलीप पासवान, भुवनेश्वर सिंह क्षत्री, रघुनाथ प्रधान, के के साहू, सुमरित कश्यप, शंकर वर्मा चुने गए।

स्टील से 6 सदस्य चुने गए राज्य समिति में

यूनियन के सहायक महासचिव ने बताया कि राज्य सम्मेलन में स्टील से अर्थात भिलाई इस्पात संयंत्र एवं राजहरा माइंस 6 साथियों को राज्य समिति में चुना गया है, जिसमें उपाध्यक्ष पद पर विजय कुमार जांगड़े, पुरुषोत्तम सिमैया, सचिव पद पर टी जोगा राव, कार्यकारिणी में केवेंद्र सुंदर, नकुल देवांगन एवं डीवीएस रेड्डी को चुना गया।