बोकारो स्टील प्लांट के GM के ट्रांसफर पर BAKS ने उठाए सवाल, चहेते को लाने की तैयारी

BAKS raised questions on the transfer of Bokaro Steel Plant's GM, preparations underway to bring in a favourite
  • आनन-फानन में एक बड़े अधिकारी के ट्रांसफर पर उठ रही अंगुली।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट (Bokaro Steel Plant) के 17 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। कुछ अधिकारियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों समेत बीएसएल के कई कार्मिकों ने इसे गैर जरूरी बताया है। आनन-फानन में एक बड़े अधिकारी के स्थानांतरण पर उंगली उठ रही है।

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बोकारो इस्पात संयंत्र (Bokaro Steel Plant) के नगर सेवा में पदस्थ सिविल अनुरक्षण तथा हॉर्टिकल्चर के विभागाध्यक्ष आरके पात्रों के ट्रांसफर को अनायास बताया जा रहा है। कार्मिकों का कहना है कि पात्रों एक बेदाग तथा संवेदनशील अधिकारी के रूप में जाने जाते है। अभी कुछ माह पहले ही उनका स्थानांतरण नगर सेवा के सिविल विभागाध्यक्ष पद पर किया गया था।

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उनके नेतृत्व में सिविल मेंटेनेंस के कार्यों में गति आई थी,परस्पर संवाद स्थापित कर कर्मचारियों के हर छोटे बड़े विषयों के समाधान पर सार्थक दृष्टिकोण के साथ विभाग अपनी कार्यकुशलता में लगातार सुधार कर रहा था। उनके ही प्रयासों से सिविल मेंटेनेंस के लिए एक सुगम तथा पारदर्शी ऐप का भी निर्माण हुआ था, जिसमें समयबद्ध शिकायतों का निपटान भी प्रारंभ हुआ।

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बीएसएल के कर्मचारियों का कहना है कि अपने अधीनस्थों के साथ भी परस्पर सामंजस्य स्थापित कर विभाग को एक अलग पहचान दिलाने के दिशा में उनका कार्य बढ़ रहा था। सिविल मेंटेनेंस के साथ ही हॉर्टिकल्चर में भी उनका सम्यक दृष्टिकोण का,जैविक उद्यान में भी डॉक्टर की कमी को दूर करने के दिशा में एक पहल के साथ जैविक उद्यान के समग्र संरक्षण का जिम्मा भी उन्होंने उठाया ही था कि अचानक ही उनका ट्रांसफर कर दिया गया।

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जबकि उनके स्थान पर किसी अन्य अधिकारी की पदास्थापना भी नहीं की गई है। नगर सेवा सिविल मेंटेनेंस जैसे विभाग को रिक्त रख कर तथा एक योग्य अधिकारी को अकारण दूसरे विभाग में स्थानांतरण कर देना प्रबंधन की प्रबंधकीय कुशलता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है।

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सीबीआई तक मामला पहुंचाने का संकेत

आरोप लगाए जा रहे हैं कि इसके पीछे किसी षड्यंत्र के होने की आशंका को प्रबल बनाती है। या तो प्रबंधन इस विभाग को लेकर संवेदनहीन है या इसमें किसी बड़े ठेकेदार की संलिप्तता है यह एक जांच का विषय है। जहां एक ओर आए दिन भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई नगर सेवा में जांच करने पहुंचती है। फिर भी ऐसे योग्य अधिकारी का संदेहास्पद स्थिति में स्थानांतरण यह स्पष्ट दर्शाता है कि प्रबंधन को किसी सीबीआई का भी डर नहीं है।

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आरके पात्रों कुछ गलत नहीं किए तो उनका ट्रांसफर भी गलत

बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हरिओम का कहना है कि कई अधिकारी वर्षों से सिविल मेंटेनेंस अनुभाग तथा नगर सेवा विभाग में जमे हुए है। वैसे अधिकारी को छोड़ एक नव पदस्थ तथा कार्यकुशल अधिकारी का ट्रांसफर करना एक गलत संदेश जाता है। प्रत्येक अधिकारी को एक निश्चित कार्यकाल मिलना चाहिए। अगर आरके पात्रों कुछ गलत नहीं किए तो उनका ट्रांसफर भी गलत है। वह भी तब जब कि उस स्थान के लिए दूसरे योग्य अधिकारी को अभी तक बैठाया नहीं गया है। यह पुरी व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा करती है।

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