विचार-विमर्श के लिए वार्डों में जारी है विधायक देवेन्द्र यादव का जन जागरण अभियान। वार्ड दौरा पूर्ण होने के बाद निकाली जाएगी पदयात्रा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल-बीएसपी प्रबंधन की निजीकरण की नीति के खिलाफ भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव के साथ रिटेंशन स्कीम और लाइसेंस के तहत आवंटित आवासधारियों की 25 जनवरी को प्रस्तावित पदयात्रा को स्थिगित कर दी गई है।
पहले आवासधारियों के नेतृत्व में 25 जनवरी को भिलाई बिकने नहीं देंगे जन जागरण अभियान के तहत भिलाई इस्पात संयंत्र भवन तक पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया था। जिसे वार्ड दौरा पूर्ण नहीं होने की वजह से पदयात्रा की तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है। वार्ड दौरा पूर्ण होने के बाद पदयात्रा निकाली जाएंगी।
बता दें कि विधायक देवेन्द्र ने भिलाई बिकने नहीं देंगे जन-जागरण अभियान के तहत सिविक सेंटर भिलाई में जनता के सहयोग से 5 दिन का उपवास रखा था। जिसके बाद बीएसपी प्रबंधन के साथ जिला प्रशासन की मौजूदगी में त्रिपक्षीय चर्चा हुई थी, जिसमें पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय सेक्टर.-9 को लीज पर नहीं देने, अस्पताल में कार्य करने वाले कर्मचारी और पूर्व कर्मचारियों की सुविधाएं यथावत रखने और मैत्रीबाग को किसी भी संस्थान को नहीं देने की सहमति बनी थी।
रिटेंशन स्कीम को लेकर प्रबंधन की ओर से संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने की वजह से विधायक यादव ने 15 दिन का समय दिया था।
प्रबंधन की ओर से जवाब नहीं आने के बाद 14 जनवरी को जन-जागरण अभियान के तहत वार्ड दौरा शुरू किया है और अब तक टाउनशिप के सेक्टर-2, सेक्टर-3, 4, सेक्टर-6, सेक्टर-7, हुडको, जोन-2 केएलसी खुर्सीपार के रिटेंशन स्कीम और लाइसेस के तहत आवंटित आवासधारियों से भेंट मुलाकात कर चुके हैं। जहां लोगों ने इस अभियान की सराहना की है और आंदोलन को क्रमबद्ध जारी रखने के लिए कई सुझाव भी दिए हैं।
वार्ड दौरे में कर्मियों ने रखी अपनी बात
वार्ड दौरे के दौरान आवासधारी और कर्मियों ने विधायक के समक्ष सेल के अन्य इस्पात संयंत्रों में भिलाई इस्पात संयंत्र, वर्ष 1995 से 2000 के वित्तीय वर्ष को छोड़कर कभी घाटे में नहीं रहा। इस यूनिट ने सेल को हमेशा प्राफिट दिया है।
इसके बावजूद प्रबंधन अपने कर्मियों को इस प्राफिट का श्रेय या लाभांश नहीं दिया। हमेशा प्राफिट रहने के बावजूद 39 माह का एरियर का आज तक भुगतान नहीं किया गया है।
हाउस रेंट अलाउंस 2014 के बाद रिवाइज ही नहीं किया गया है। आवासों का मेंटनेंस नहीं किया जा रहा है। बैकलेन की सफाई के आवेदनों पर सुनवाई नहीं हो रही है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। कार्मिकों को दोहरे आवास के नाम पर विजिलेंस जांच की धमकी देकर अनुशासनात्क कार्यवाही, रिटेंशन की वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी जैसे कई विषयों को रखा है।











