बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने बीएसएल के निदेशक प्रभारी को कड़ा पत्र लिखकर यूनियन के पदयात्रा सह आक्रोश प्रदर्शन की सूचना दी है।
- शुक्रवार को मजदूर मैदान सेक्टर-4 से टू टैंक धरना स्थल तक आक्रोशित पदयात्रा निकालेंगे, जो टू टैंक धरना स्थल पर जाकर जनसभा के रूप में परिणत होगी।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने बीएसएल के निदेशक प्रभारी को कड़ा पत्र लिखकर यूनियन के पदयात्रा सह आक्रोश प्रदर्शन की सूचना दी है। अपने पत्र में यूनियन ने लिखा है कि निदेशक प्रभारी, सेल निदेशक मंडल के सदस्य होने के साथ-साथ बोकारो इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी के रूप में सभी कार्मिकों के अभिभावक रूपी प्रतिनिधि भी हैं। इस पत्र में उल्लेखित सभी मुद्दे, जो वर्षों से लंबित पड़े हैं, उन मुद्दों का निवारण कराना उनका प्रमुख कर्तव्य एवं जिम्मेदारी है, परंतु बीएसएल कर्मचारियों के अधिकतर मुद्दे कई दशक से लंबित हैं।
सेल कॉर्पोरेट कार्यालय तथा बोकारो इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा लगातार कर्मचारी हितों की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण बीएसएल सहित सभी सेल गैर-कार्यपालक कर्मियों में गहरा आक्रोश है।
सेल/बीएसएल कर्मियों के कॉर्पोरेट कार्यालय स्तर के अटके मुद्दों की सूची
वेज रिवीजन 2017 का MOA — 9 वर्ष 4 माह से लंबित
39 माह का फिटमेंट एरियर पर निर्णय — 5 वर्ष से लंबित
58 माह के पर्क्स एरियर पर निर्णय — 5 वर्ष से लंबित
बोनस/ASPLIS फॉर्मूला में बदलाव — 5 वर्ष से लंबित
NJCS फुल मीटिंग — 2022–24 के बीच दो बार तथा 2024 के बाद एक भी नहीं
एनजेसीएस में सिर्फ निर्वाचित यूनियन प्रतिनिधियों को जगह/सुधार — 54 वर्षों से नहीं
2007 इंसेंटिव फॉर्मूला — 18 वर्ष से लंबित
पे स्केल (प्रत्येक ग्रेड के बीच 8 इंक्रीमेंट का अंतर) में सुधार — 18 वर्षों से लंबित
फेस्टिवल एडवांस (₹5000 अभी तक) — 18 वर्षों से लंबित
आवास ऋण — 14 वर्षों से बंद
वाहन ऋण — 14 वर्षों से बंद
लॉन्ग सर्विस अवॉर्ड — 16 वर्ष पुराना
सेवानिवृत्ति उपहार — 16 वर्ष पुराना
JO पॉलिसी में प्रमोटी कार्मिकों को घाटा करवाने वाला बदलाव (1.5 के बदले तीन वर्ष तक एक ही ग्रेड में अटकाना)। JO परीक्षा में हो रहे भारी भ्रष्टाचार को नहीं रोकना। JO परीक्षा में जानबूझकर एक-दो पेपर कठिन पूछना ताकि वरिष्ठ कर्मचारी असफल हो जाएँ।
SESBF के कॉर्पस राशि को बिना कर्मचारियों की सहमति के NPS में स्थानांतरित करने का मुद्दा
पे स्लिप समय पर अपलोड नहीं करना तथा हार्ड कॉपी नहीं देना
WoW छुट्टी में सेल स्तर पर एकरूपता नहीं रखना
S11 ग्रेड में 4 वर्षों से अटके कार्मिकों को स्टैगनेशन इंक्रीमेंट का लाभ नहीं देना
कोल इंडिया/नालको के तर्ज पर ड्रेस भत्ता नहीं देना
दुर्घटना बीमा कंपनी की तरफ से नहीं करवाना
दुर्घटना उपरांत मृत्यु होने पर अनुग्रह राशि को ₹25 लाख नहीं करना
लैपटॉप/फर्नीचर एडवांस शुरू नहीं करना
हाउस पर्क्विज़िट में आयकर छूट शुरू नहीं करना
ग्रेड वाइज पदनाम नहीं देना
सेल में यूनियनाइज्ड सुपरवाइजरी कैडर शुरू नहीं करना
सेल TA रूल की राशि में वृद्धि नहीं करना
कर्मचारियों को मोबाइल सिम, मोबाइल सेट, कॉलिंग/इंटरनेट पैक की सुविधा उपलब्ध नहीं कराना
केंद्र सरकार के तर्ज पर दो बच्चों के शिक्षा हेतु शिक्षा भत्ता शुरू नहीं करना तथा सेल/बीएसएल की जमीन/मकान पर संचालित निजी विद्यालयों के ट्रस्ट में सेल/बीएसएल अधिकारियों के रहने के बावजूद, बीएसएल कार्मिकों के बच्चों से 50% शिक्षण शुल्क लेने हेतु आदेश जारी नहीं करना
बीएसएल कार्मिकों को उच्च शिक्षा लेने हेतु एजुकेशन लीव का प्रावधान नहीं देना
उच्च शिक्षा अर्जित करने के उपलक्ष्य में प्रोत्साहन राशि में वृद्धि नहीं करना
एचआर विभाग के अधिकारियों द्वारा साजिश कर बीएसएल से सेल के दूसरे यूनिट में टारगेटेड ट्रांसफर करवाए गए कार्मिकों को वापस बीएसएल में नहीं करना
एक्टिंग अलाउंस की राशि में वृद्धि नहीं करना तथा एक्टिंग अलाउंस को शुरू नहीं करना
ओवरटाइम भत्ता को शुरू नहीं करना
सेल कॉर्पोरेट स्तर के कर्मचारियों के मुद्दे सुलझाने के लिए कर्मचारी/यूनियन तथा मैनेजमेंट संबंधों को मजबूत करने हेतु बीएकेएस यूनियन तथा सेल कॉर्पोरेट स्तर पर मैनेजमेंट के साथ वार्ता प्रक्रिया शुरू नहीं करना तथा न्यायालय में विभिन्न मुद्दों पर अधिवक्ताओं के पीछे कंपनी का बहुमूल्य धन खर्च करना
इत्यादि कर्मचारी विरोधी रवैये से सेल/बीएसएल के सभी गैर-कार्यपालक कर्मचारी आक्रोशित हैं।
बीएसएल कर्मचारियों के वे मुद्दे जो बोकारो इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा अटके हुए हैं
बोकारो इस्पात संयंत्र में सीक्रेट बैलेट इलेक्शन के माध्यम से रिकग्नाइज्ड यूनियन का चुनाव नहीं करवाना
कर्मचारियों को लेकर सभी तरह की कमेटी/काउंसिल का गठन नहीं करवाना
बीएसएल कर्मचारियों के वार्षिक ACR/CCR ग्रेडिंग को सार्वजनिक नहीं करना तथा कर्मियों में छंटनी का डर बैठाना
गंभीर लाइलाज बीमारियों (किडनी, हार्ट, लंग्स, कैंसर) से पीड़ित कार्मिकों के साथ BGH/MIB द्वारा पारदर्शी तरीके से न्याय नहीं करना
BGH प्रबंधन द्वारा रेफर सिस्टम में भेदभाव को समाप्त नहीं करना
BGH के भीतर वार्डों के शौचालयों की दुर्दशा को ठीक नहीं करना
BGH के इलाज में कर्मचारियों/आश्रितों को वरीयता नहीं देना
सभी कर्मचारियों के लिए वातानुकूलित वार्ड की व्यवस्था नहीं करना
लीव बैंक की स्थापना नहीं करना
छुट्टियों की संख्या में एकरूपता नहीं करना
नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशनल स्कीम को लागू नहीं करना
सेक्टर-8 कचरा डंपिंग यार्ड से हो रहे प्रदूषण की रोकथाम नहीं करवाना
कर्मचारियों के रेस्ट रूम में बेड, कूलर, एसी, पंखा, फर्नीचर, ठंडा पेयजल आदि की व्यवस्था नहीं करवाना
मजदूर दिवस को सवैतनिक नहीं करना
आवास आवंटन प्रणाली में सुधार नहीं करना (पूर्व सैनिकों, प्रशिक्षुओं तथा स्थानांतरित कर्मियों के लिए विशेष प्रावधान नहीं होना)
कनिष्ठ कर्मियों को दो-ई टाइप तथा वरिष्ठ कर्मियों को सी-टाइप आवास आवंटन नहीं करना
आवासों के सिविल मेंटेनेंस को सही समय पर नहीं करना
सिटी पार्क/चिड़ियाघर की व्यवस्था में सुधार नहीं करवाना
सेल कॉर्पोरेट कार्यालय के तर्ज पर कैंटीन संचालन (खाद्य सामग्री तथा दर) नहीं करवाना
सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्तायुक्त उपलब्धता सुनिश्चित नहीं करवाना
कार्यस्थल पर सुरक्षा की अनदेखी करना
कर्मचारियों को होली/दिवाली/दुर्गापूजा/दशहरा/ईद/गुरुनानक जयंती/क्रिसमस के दिन सवैतनिक छुट्टी नहीं देना
जन्मतिथि विवाद (मैट्रिक प्रमाण पत्र के आधार पर) को समाप्त नहीं करना
प्रशिक्षण अवधि को सेवाकाल में जोड़ने पर भेदभाव करना
नगर के ड्रेनेज सिस्टम का पुनर्निर्माण नहीं करवाना
बीएस सिटी में निवासरत कार्मिकों के आवासों/धन-संपत्ति की सुरक्षा हेतु उपाय नहीं करना
मल्टी स्किल योजना को शुरू नहीं करना तथा मल्टी स्किल प्रोत्साहन राशि में वृद्धि नहीं करना
उच्च ग्रेड (S6, S9) में खाली सीटों को भरने के लिए इंटरनल सर्कुलर नहीं निकालना
कर्मचारी/यूनियन तथा मैनेजमेंट संबंधों को मजबूत करने के लिए बीएकेएस यूनियन तथा बीएसएल मैनेजमेंट के साथ वार्ता प्रक्रिया शुरू नहीं करना
समाप्त तथा अप्रासंगिक हो चुके श्रम कानून “कोड ऑफ डिसिप्लिन” के आधार पर बिना सदस्यता सत्यापन कराए ही बिना निबंधित तथा बहुत कम सदस्यों वाली यूनियनों और उनके नेताओं को वार्ताकारी यूनियन के रूप में मान्यता देना तथा उनके साथ फर्जी समझौते करना
सेल/बीएसएल गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के उपरोक्त लंबित मुद्दों की भारी संख्या ही सेल कॉर्पोरेट तथा बीएसएल प्रबंधन की मानव संसाधन नीति की विफलता को सिद्ध कर रही है। यूनियन ने पूर्व में सेल कॉर्पोरेट प्रबंधन, बीएसएल प्रबंधन, मुख्य श्रमायुक्त (केंद्र), उप मुख्य/सहायक श्रमायुक्त (केंद्र), धनबाद, इस्पात सचिव, इस्पात मंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार सचिव, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री, डीपीई सचिव, डीपीई मंत्री तथा भारत के माननीय प्रधानमंत्री को कई बार पत्रों के माध्यम से सेल/बीएसएल कार्मिकों के मुद्दों को हल कराने हेतु मांग पत्र दिया है। परंतु आज तक तीन-चार वर्ष बीत जाने के बावजूद किसी भी पक्ष द्वारा कोई भी गंभीर कदम नहीं उठाया गया है, जिसके कारण यूनियन तथा उसके सदस्य अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए जमीनी संघर्ष करने हेतु मजबूर हुए हैं।
अध्यक्ष हरिओम ने ये कहा…
पत्र में उल्लेख किए गए बीएसएल कार्मिकों के मुद्दों पर यदि सेल कॉर्पोरेट कार्यालय तथा बीएसएल प्रबंधन द्वारा सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो यूनियन सभी प्रकार के संघर्ष (हड़ताल, काम रोको, टूल डाउन, गेट जाम) करने हेतु सड़क पर उतरेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सेल कॉर्पोरेट कार्यालय के उच्च अधिकारीगण (विशेषकर मानव संसाधन विभाग) तथा बीएसएल प्रबंधन की होगी।
हरिओम, महासचिव, बीएकेएस बोकारो।








