ग्रेडिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता की जाए। अधिकारियों की वास्तविक कार्यक्षमता और योगदान के आधार पर मूल्यांकन किया जाए।
- कई अधिकारियों ने शिकायत की है कि उन्हें उनके प्रदर्शन के अनुरूप ग्रेडिंग नहीं दी गई है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र एससी/एसटी एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अधिकारियों को दी गई वार्षिक ग्रेडिंग में कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कोमल प्रसाद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक संबंध विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
कोमल प्रसाद ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र की हॉट शॉप सहित विभिन्न उत्पादन इकाइयों में कार्यरत अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अधिकारी दिन-रात मेहनत कर उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद कई अधिकारियों ने शिकायत की है कि उन्हें उनके प्रदर्शन के अनुरूप ग्रेडिंग नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों से ऐसी शिकायतें एसोसिएशन को प्राप्त हुई हैं, जिनमें अधिकारियों ने ग्रेडिंग प्रक्रिया में कथित भेदभाव का आरोप लगाया है। अधिकारियों का कहना है कि खराब ग्रेडिंग मिलने से उनका मनोबल प्रभावित होता है और भविष्य में पदोन्नति की संभावनाओं पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ता है। कई मामलों में यही ग्रेडिंग पदोन्नति में बाधा बनती है, जिससे अधिकारी समय पर प्रमोशन से वंचित रह जाते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन-आईआर एवं सीएलसी) राहुल थोटे को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष समीक्षा और प्रभावित अधिकारियों को न्याय दिलाने की मांग की। ज्ञापन की प्रतिलिपि कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए नामित लाइजन अधिकारी को भी भेजी गई है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि ग्रेडिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा अधिकारियों की वास्तविक कार्यक्षमता और योगदान के आधार पर मूल्यांकन किया जाए, ताकि किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न हो। ज्ञापन सौंपने के दौरान एसोसिएशन के महासचिव विजय कुमार रात्रे, कार्यकारिणी सदस्य धनंजय मेश्राम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

