सेल कॉर्पोरेट स्तर के 45 लंबित डिमांड: बीएकेएस ने सिंटर प्लांट सीजीएम कार्यालय के समक्ष किया प्रदर्शन। दूसरे चरण के आंदोलन का प्रारंभ।
- आंकड़े सेल की उपलब्धियां बयां करते हैं तो इन उपलब्धियों में अपना पसीना बहाने वाले श्रमिकों को उसका उचित लाभ कब मिलेगा?
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने अपने द्वितीय चरण के आंदोलन के तहत सिंटर प्लांट मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष बड़ा प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन में सिंटर प्लांट विभाग के अधिकतर कर्मचारियों ने भाग लिया। गौरतलब है कि बीएसएल कर्मचारियों के 45 से अधिक मुद्दे सेल कॉर्पोरेट स्तर पर लंबित है, तो वहीं, 60 से अधिक मुद्दे बोकारो इस्पात संयंत्र स्तर पर लंबित है।
बीएकेएस सहित कई यूनियनों ने वेज रीविजन 2017, एरियर, बोनस फॉर्मुला, एनजेसीएस में सुधार , ग्रेज्यूटी पर अलग अलग न्यायालयों में मुकदमा दायर किया है। सभा को संबोधित करते हुए यूनियन महासचिव हरिओम ने कर्मचारियों के मुद्दे पर आगे होने वाले आमरण अनशन तथा मौन जुलस पर समर्थन मांगा तथा कहा कि अब बगैर आर या पार के कुछ हासिल नही हो सकता है।
इस्पात मंत्रालय से लेकर सरकार के मौन व्रत ने मैनेजमेंट द्वारा कर्मचारियों के सैकड़ो मांगो को लंबित रखवाने में सहयोग किया है। इसलिए अब बीएसएल कर्मचारियों को एक साथ सड़क पर संघर्ष करना होगा ।
अध्यक्ष बीएकेएस दिलीप कुमार ने कहा-सेल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 19.43 मिलियन टन क्रूड स्टील उत्पादन, 19.93 मिलियन टन बिक्री, ₹1,10,810 करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू प्राप्त किया है। जब कंपनी रिकॉर्ड प्रदर्शन कर रही है तो उसी उपलब्धि का सकारात्मक प्रभाव श्रमिकों के बोनस, इंसेंटिव,आवास, बकाया एरियर और अन्य लंबित सुविधाओं में भी दिखाई देना चाहिए। “आंकड़े अगर कंपनी की उपलब्धियों की कहानी कहते हैं, तो वही आंकड़े यह सवाल भी पूछते हैं कि इन उपलब्धियों में अपना पसीना बहाने वाले श्रमिकों को उसका उचित लाभ कब मिलेगा?”



