सीटू ने श्रमिकों से अपील कि-अपना वोट किसी भी यूनियन को देने से पहले संबंधित यूनियन के पिछले कार्यों और रिकॉर्ड की समीक्षा अवश्य करें।
- इस्को स्टील प्लांट यूनियन चुनाव के प्रचार अभियान के समापन तक सीटू ने झोंकी पूरी ताकत। कर्मचारियों से मांग वोट।
सूचनाजी न्यूज, बर्नपुर। SAIL-ISP बर्नपुर में 24 सितंबर को होने वाले यूनियन मान्यता चुनाव के मद्देनज़र चुनाव प्रचार थम गया। A.B.K. METAL & ENGINEERING WORKERS’ UNION (CITU) ने भी कर्मचारियों को साधा है। मुद्दों पर बात की है। हवा-हवाई और झांसेबाजी की बातें नहीं की गई है।
A.B.K. METAL & ENGINEERING WORKERS’ UNION (CITU) के महासचिव एवं SWFI के सचिव सौरेन चटर्जी, NJCS सदस्य, CITU पश्चिम बर्दवान जिला कमेटी के सदस्य एवं CITU के राज्य नेता विश्वरूप बनर्जी, SWFI के अखिल भारतीय महासचिव एवं NJCS सदस्य कॉमरेड ललित मोहन मिश्रा, A.B.K. METAL & ENGINEERING WORKERS’ UNION (CITU) एवं UCWU (CITU) के अध्यक्ष पार्थ मुखर्जी तथा UCWU (CITU) के महासचिव अशोक केवड़ा ने कर्मचारियों से संवाद किया।
पार्थ मुखर्जी ने इस कारखाने को बचाने तथा पूर्ववर्ती IISCO को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के संघर्ष में CITU के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने आगामी यूनियन मान्यता चुनाव में CITU को समर्थन देने की अपील की।
सौरेन चटर्जी ने अपने संबोधन में A.B.K. METAL & ENGINEERING WORKERS’ UNION (CITU) के चुनावी घोषणा-पत्र में शामिल विभिन्न मुद्दों और श्रमिक हितों से संबंधित प्रस्तावों को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे अपना बहुमूल्य वोट किसी भी यूनियन को देने से पहले संबंधित यूनियन के पिछले कार्यों और रिकॉर्ड की समीक्षा अवश्य करें।
उन्होंने कहा कि CITU से संबद्ध यूनियन की जिम्मेदारी केवल श्रमिकों के वेतन, बोनस और सेवा-संबंधी अधिकारों की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिकों के परिवारों के कल्याण, कारखाने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के विभिन्न मुद्दों तथा इस कारखाने में कार्यरत ठेका श्रमिकों की समस्याओं के प्रति भी संगठन की जिम्मेदारी है।
सौरेन चटर्जी ने दावा किया कि 2022 में भिलाई स्टील प्लांट के यूनियन मान्यता चुनाव के दौरान BMS द्वारा जारी चुनावी घोषणा-पत्र में किए गए वादों में से एक भी अब तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे मतदान करने से पहले सभी यूनियनों के पुराने रिकॉर्ड और उनके कार्यों का मूल्यांकन करें।
विश्वरूप बनर्जी ने अपने संबोधन में IISCO को बचाने के लिए SAVE-IISCO Committee के 26 वर्षों के लंबे संघर्ष तथा इस संघर्ष में CITU की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस लंबे आंदोलन के परिणामस्वरूप ही आगे चलकर IISCO के आधुनिकीकरण और वर्तमान SAIL-ISP के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बचाने के लिए CITU लगातार जमीनी स्तर पर संघर्ष कर रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए SWFI के अखिल भारतीय महासचिव एवं NJCS सदस्य ललित मोहन मिश्रा ने NJCS में CITU की श्रमिक-पक्षधर भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने SAIL की विभिन्न इकाइयों के संबंध में निजीकरण की आशंकाओं और इसके विरोध में CITU द्वारा किए जा रहे संघर्ष की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों और कारखाने के हितों की रक्षा के लिए संगठनात्मक रूप से संघर्ष जारी रखना आवश्यक है तथा आगामी SAIL-ISP, बर्नपुर यूनियन मान्यता चुनाव में CITU को समर्थन देने की अपील की।
सभा में वक्ताओं ने श्रमिकों के वेतन, बोनस, रोजगार एवं सेवा सुरक्षा, ठेका श्रमिकों की समस्याओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों तथा श्रमिक परिवारों के कल्याण सहित विभिन्न श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।



