लगभग 8.6 किलोमीटर लंबी इस ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण में कुल 29 मोनो पोल स्थापित किए गए हैं। बोकारो को समर्पित।
- तृतीय 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन चंद्रपुरा ताप विद्युत स्टेशन (सीटीपीएस) एवं बोकारो इस्पात संयंत्र के मेन रिसीविंग सब-स्टेशन (एमआरएस) के मध्य स्थापित की गई है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो इस्पात संयंत्र की विद्युत आपूर्ति प्रणाली को और अधिक विश्वसनीय, सुदृढ़ एवं निर्बाध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में तृतीय 220 केवी सीटीपीएस–एमआरएस ट्रांसमिशन लाइन का आज लोकार्पण किया गया। डीएनडब्ल्यू के मेन रिसीविंग सब-स्टेशन (एमआरएस) परिसर में आयोजित “डेडिकेशन टू सर्विस” कार्यक्रम में बोकारो इस्पात संयंत्र के निदेशक-प्रभारी तथा दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के मेंबर (तकनीकी) ने संयुक्त रूप से इस महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइन का लोकार्पण करते हुए इसे सेवा के लिए समर्पित किया। इस अवसर पर बीएसएल के डायरेक्टर इंचार्ज प्रिय रंजन, ईडी एचआर राजश्री बनर्जी एवं डीवीसी के शीर्ष प्रबंधन, कई वरिष्ठ अधिकारी तथा परियोजना के निष्पादन से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह तृतीय 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन चंद्रपुरा ताप विद्युत स्टेशन (सीटीपीएस) एवं बोकारो इस्पात संयंत्र के मेन रिसीविंग सब-स्टेशन (एमआरएस) के मध्य स्थापित की गई है। लगभग 8.6 किलोमीटर लंबी इस ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण में कुल 29 मोनो पोल स्थापित किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि पारंपरिक लैटिस टावरों की तुलना में मोनो पोल के लिए अपेक्षाकृत कम भूमि की आवश्यकता होती है, जिससे भूमि उपयोग की दक्षता बढ़ती है तथा निर्माण कार्य भी अधिक सुव्यवस्थित एवं त्वरित रूप से संपन्न किया जा सकता है।
डीवीसी द्वारा इस परियोजना में पहली बार मोनो पोल तकनीक का उपयोग किया गया है, जो आधुनिक विद्युत अवसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। गौरतलब है कि यह ट्रांसमिशन लाइन 10 जुलाई 2026 को चार्ज की गई थी। इसके उपरांत सभी आवश्यक परीक्षणों, निरीक्षणों एवं कमीशनिंग प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किए जाने के बाद 21 जुलाई 2026 को इसे औपचारिक रूप से लोकार्पित कर सेवा के लिए समर्पित किया गया।
नई ट्रांसमिशन लाइन के परिचालन में आने से संयंत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय, सुरक्षित एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाने की दिशा में मजबूती मिलेगी। साथ ही, उत्पादन इकाइयों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने से संयंत्र की परिचालन दक्षता, उत्पादकता तथा समग्र प्रदर्शन को भी सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा।
इस अवसर पर बोकारो इस्पात संयंत्र के निदेशक-प्रभारी प्रिय रंजन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के सफल क्रियान्वयन में योगदान देने वाले सभी एजेंसियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी एकीकृत इस्पात संयंत्र के लिए सुदृढ़ एवं विश्वसनीय विद्युत अवसंरचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह नई ट्रांसमिशन लाइन सुरक्षित, सतत एवं कुशल उत्पादन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने परियोजना के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए सभी संबंधित विभागों की सराहना भी की।
डीवीसी के मेंबर (तकनीकी) ने अपने संबोधन में बीएसएल एवं डीवीसी के बीच उत्कृष्ट समन्वय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से दोनों संस्थानों के बीच तकनीकी सहयोग और अधिक सुदृढ़ हुआ है तथा बोकारो इस्पात संयंत्र को अधिक विश्वसनीय एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में यह ट्रांसमिशन लाइन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता, सुरक्षा तथा समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
तृतीय 220 केवी सीटीपीएस–एमआरएस ट्रांसमिशन लाइन का लोकार्पण बोकारो इस्पात संयंत्र की आधुनिक, विश्वसनीय एवं सुदृढ़ आधारभूत अवसंरचना के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह परियोजना संयंत्र की ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त बनाने के साथ-साथ भविष्य की उत्पादन आवश्यकताओं, परिचालन उत्कृष्टता तथा सतत विकास के लक्ष्यों को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

