बीपीएससीएल, सेल (SAIL) और दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) का संयुक्त उपक्रम है, जो बोकारो स्टील सिटी में ऊर्जा आपूर्ति कार्यों का संचालन करता है।
- स्थायी नौकरी, मुआवजा और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर विरोध दर्ज किया गया।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो पावर सप्लाई कंपनी लिमिटेड (BPSCL) में ड्यूटी के दौरान करंट लगने से ठेका मजदूर शिव शंकर हेम्ब्रम की मौत के बाद मचा हंगामा आखिरकार करीब 27 घंटे बाद खत्म हो गया। परिजनों, यूनियन और प्रबंधन के बीच गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे समझौता हो गया। इसके बाद परिजन शव लेने के लिए तैयार हुए। आदिवासी मजदूर शिव शंकर हेम्ब्रम का पोस्टमार्टम अब शुक्रवार को कराया जाएगा।
बताया जाता है कि बुधवार दोपहर करीब 3:45 बजे बीपीएससीएल के कोल हैंडलिंग प्लांट में कार्यरत ठेका मजदूर शिव शंकर हेम्ब्रम करंट की चपेट में आ गए थे। उन्हें तत्काल प्लांट मेडिकल ले जाया गया, जहां से बोकारो जनरल हॉस्पिटल (BGH) रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिजन और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। स्थायी नौकरी, मुआवजा और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर विरोध दर्ज किया गया। इस दौरान एटक के ब्रांच सेक्रेटरी ब्रजेश कुमार सहित कई यूनियन प्रतिनिधि भी मौके पर डटे रहे।
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समझौते में क्या-क्या तय हुआ
रुवार शाम बीपीएससीएल प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच हुए लिखित समझौते के अनुसार मृतक के पुत्र को कंपनी में नियोजन दिया जाएगा। समझौते में कहा गया है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा तत्काल राहत के तौर पर 1.50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि चेक के माध्यम से मृतक के परिवार को दी जाएगी। वहीं 50 हजार रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।
समझौते में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्मचारी राज्य बीमा (ESI), कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) तथा अन्य देयकों का निपटारा नियमानुसार किया जाएगा। साथ ही अस्पताल में भर्ती, एम्बुलेंस, दवा उपचार और अंतिम संस्कार से संबंधित सभी खर्च भी प्रबंधन वहन करेगा।
परिजनों के दबाव के बाद बनी सहमति
मृतक के परिजन लगातार स्थायी नौकरी और सम्मानजनक मुआवजे की मांग कर रहे थे। गुरुवार शाम तक चली वार्ता के बाद प्रबंधन ने रोजगार देने पर सहमति जताई। इसके बाद गतिरोध समाप्त हुआ और परिजन शव लेने को तैयार हुए।
घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और ठेका मजदूरों की कार्य परिस्थितियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यूनियन नेताओं ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की भी मांग की है। बीपीएससीएल, सेल (SAIL) और दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) का संयुक्त उपक्रम है, जो बोकारो स्टील सिटी में ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करता है।

