बीएसपी कर्मचारियों ने कहा-क्या मौत पर ही जागेगा भिलाई स्टील प्लांट, फॉरेस्ट एवेन्यू का डिवाइडर ठंडे बस्ते में, हादसे बढ़ते जा रहे।
- देखना यह होगा कि बीएसपी प्रबंधन इस हादसे से सबक लेकर सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता देता है या फिर अगली दुर्घटना के बाद ही फाइलें आगे बढ़ेंगी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के कर्मचारी बीती रात सड़क हादसे में जख्मी हो गए। दुर्घटना एक बार फिर उस पुराने सवाल को सामने ले आया है कि यदि समय रहते सुरक्षा संबंधी इंतजाम डिवाइडर बनाए गए होते, तो क्या इस हादसे को टाला जा सकता था?
कोक ओवन विभाग के कर्मचारी नरपाल प्रसाद यादव गुरुवार रात सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनके बाएं घुटने की हड्डी तीन टुकड़ों में टूट गई है। उनका इलाज सेक्टर-9 अस्पताल में चल रहा है। जिस स्थान पर यह दुर्घटना हुई, वहां करीब चार-पांच वर्ष पहले डिवाइडर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
एक कर्मचारी की मौत के बाद बीएसपी प्रबंधन ने सुरक्षा सुधार के बड़े-बड़े दावे भी किए थे, लेकिन आज तक डिवाइडर का निर्माण नहीं हो सका। बरसात और रात के अंधेरे में यह मार्ग लगातार हादसों का कारण बनता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते डिवाइडर बन गया होता, तो ऐसे हादसों की आशंका काफी हद तक कम हो सकती थी।
जेपी सीमेंट चौक के समीप गुरुवार रात नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर जाते समय कोक ओवन के कर्मचारी नरपाल प्रसाद यादव सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। जिस कार से उनकी टक्कर हुई, उसे राइट्स का एक कार्मिक चला रहा था। हादसे के बाद कार चालक ने मानवता का परिचय देते हुए घायल कर्मचारी को तत्काल सेक्टर-9 अस्पताल पहुंचाया। वहां फुल बॉडी एक्स-रे कराया गया, जिसमें बाएं घुटने की हड्डी तीन हिस्सों में टूटी हुई पाई गई।
55 वर्षीय नरपाल प्रसाद यादव मरौदा स्थित अपने आवास से बाइक पर सवार होकर नाइट शिफ्ट की ड्यूटी के लिए बीएसपी जा रहे थे। इसी दौरान जेपी सीमेंट चौक के पास उनकी बाइक और कार के बीच टक्कर हो गई।
हादसे की जानकारी मिलते ही इंटक के महासचिव संजय साहू भी अस्पताल पहुंचे। संजय साहू और नरपाल प्रसाद यादव एक ही विभाग में कार्यरत हैं। इंटक का कहना है कि फॉरेस्ट एवेन्यू पर डिवाइडर निर्माण का मुद्दा लगभग हर बैठक में उठाया जाता है। प्रबंधन सहमति तो जताता है, लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हो रहा है।
यूनियन ने इस देरी पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा हो। जबकि बोरिया गेट से फॉरेस्ट एवेन्यू तक सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर निर्माण और बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग का काम लंबे समय से प्रस्तावित है। अब देखना यह होगा कि बीएसपी प्रबंधन इस हादसे से सबक लेकर सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता देता है या फिर अगली दुर्घटना के बाद ही फाइलें आगे बढ़ेंगी।

