250 टन चोरी का स्क्रैप, करोड़ों की मशीनें और वाहन पहले ही जब्त, अब मुख्य आरोपी संजय सिंह पुलिस की गिरफ्त में। 10 हो चुके अरेस्ट।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से जुड़े बहुचर्चित स्क्रैप चोरी मामले में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्ती वाले इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी संजय सिंह को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, जांच के दौरान एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा की संलिप्तता सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे स्क्रैप चोरी के पूरे नेटवर्क, अवैध परिवहन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
फ्लू डस्ट की आड़ में चल रहा था स्क्रैप चोरी का खेल
पुलिस के अनुसार 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर ग्राम अकलोरडीह खदान पारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स, हथखोज भिलाई में जांच की गई थी। जांच के दौरान कई हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ बीएसपी से चोरी किए गए लोहे के प्लेट, बीम और कटिंग लोड पाए गए। मौके पर बड़ी मात्रा में स्क्रैप का अवैध भंडारण भी मिला। जांच में खुलासा हुआ कि फ्लू डस्ट परिवहन की आड़ में बीएसपी का कीमती स्क्रैप चोरी कर बाहर भेजा जा रहा था।
250 टन स्क्रैप और करोड़ों की संपत्ति जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 250 टन लोहे की प्लेट और बीम कटिंग जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये बताई गई। इसके अलावा स्क्रैप के परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन और मशीनरी भी जब्त की गई।
कुल मिलाकर पुलिस ने करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है, जिसे इस मामले की सबसे बड़ी बरामदगी माना जा रहा है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए बदलता रहा ठिकाना
पुलिस के मुताबिक अपराध दर्ज होने के बाद से मुख्य आरोपी संजय सिंह लगातार फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था। जांच के दौरान सूचना मिली कि वह उत्तर प्रदेश में छिपा हुआ है।
इसके बाद विशेष पुलिस टीम को उत्तर प्रदेश भेजा गया। जांच में आरोपी की लोकेशन देवरिया में मिलने पर पुलिस ने उसके ठिकाने पर दबिश देकर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर दुर्ग लाया गया।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं 8 आरोपी
इस मामले में पुलिस पहले ही 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है। अब मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पूरे गिरोह और चोरी के नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
आर्थिक लाभ के लिए किया गया अपराध
पुलिस जांच में सामने आया है कि बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप का अवैध संग्रहण और बिक्री कर आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से इस पूरे अपराध को अंजाम दिया गया।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि चोरी, अवैध परिवहन या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

