- संपदा न्यायालय ने 2017 में बीएसपी के पक्ष में आदेश पारित किया, जिसमें जसराज कोचर और दिनेश कुमार सिंघल को दुकान के अनाधिकृत कब्जेदार घोषित कर बेदखली का आदेश पारित किया।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई टाउनशिप (Bhilai Township) में बड़ी कार्रवाई की गई है। न्यू सिविक सेंटर में 3 मंजिला भवन सील कर दिया गया है। 300 लोगों की टीम ने बुधवार को MATS और सचदेवा कोचिंग सेंटर सील कर दया है। अब आगे 40 अन्य दुकानों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है।
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बीएसपी की Plot/Shop No 182, New Civic Centre Bhilai , Tah. & Distt. Durg (C.G.) के अवैध कब्जाधारियों 1. Plot/Shop No 182, New Civic Centre Bhilai , Tah. & Distt. Durg (C.G.) 2. 2- Dinesh Kumar Singhal के विरूध्द संपदा न्यायालय द्वारा पारित डिक्री पर एक्शन हुआ है।
संपदा न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रवर्तन अनुभाग की टीम द्वारा 182 न्यू सिविक सेन्टर के अवैध कब्जाधारियों के बेदखली कार्यवाही पुलिस बल थाना कोतवाली (महिला पुलिस बल सहित) एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट ढ़ाल सिंह बिसेन की उपस्थिति में की गयी।
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कार्यवाही के दौरान कब्जाधारियों को परिसर से बेदखल कर शॉप के समस्त बाहरी दरवाजों को यथावत स्थिति में ही में सील किया गया। इस दौरान किसी भी प्रकार के सामानों की जप्ती नही बनायी गयी तथा कार्यवाही के दौरान उपस्थित गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया।
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सम्पूर्ण कार्यवाही की विडीयोंग्राफी तथा फोटोग्राफी जन सम्पर्क विभाग के द्वारा की गयी। साथ ही विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के कार्मिको द्वारा प्लाट/शॉप का विद्युत विच्छेद किया गया।
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बीएसपी का कहना है कि दुकान क्रमांक 182, न्यू सिविक सेंटर, जसराज कोचर को 30 वर्ष के लिए लीज के तहत आवंटित की गई थी। जसराज कोचर ने दिनेश कुमार सिंघल, जो वर्तमान में भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स का महासचिव है। इनके नाम से पावर ऑफ अटॉर्नी निष्पादित किया था, जिसके आधार दिनेश कुमार सिंघल दुकान पर काबिज थे। लीज की अवधि 29.09.2012 को समाप्त हो गई थी।
लीजधारक द्वारा आगामी 30 वर्ष की अवधि के लिए लीज का नवीनीकरण न करवाने के कारण 2015 में दुकान का आवंटन बीएसपी द्वारा रद्द कर दिया गया था। दुकान से अनाधिकृत कब्जाधारियों को बेदखल करने के लिए 2016 में सम्पदा न्यायालय में मामला भी दायर किया गया था।
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इस बीच जसराज कोचर की मृत्यु 2015 में हो गई। दुकान के कब्जेदार एवं पावर ऑफ अटॉर्नी धारक ने मृत्यु की घटना को बीएसपी व दुर्ग एवं उच्च न्यायालय से छुपाया था।
संपदा न्यायालय ने 2017 में बीएसपी के पक्ष में आदेश पारित किया, जिसमें जसराज कोचर और दिनेश कुमार सिंघल को दुकान के अनाधिकृत कब्जेदार घोषित कर बेदखली का आदेश पारित किया।
संपदा न्यायालय के आदेश को दिनेश सिंघल ने दुर्ग न्यायालय में चुनौती दी थी। दुर्ग न्यायालय ने 2019 के आदेश के तहत संपदा न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा।
इसके बाद दिनेश सिंघल ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दुर्ग न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय ने फरवरी 2025 को पारित आदेश के तहत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके चलते संपदा न्यायालय का आदेश प्रभावी हो गया।
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दुकान पर 77 लाख 52 हजार का बिल बकाया था, जिसका आवंटी द्वारा 2014 से भुगतान नहीं किया गया था और सिर्फ बिजली बिल का भुगतान किया जा रहा था।
कार्यवाही के दौरान भिलाई स्टील सीटी चैम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष ज्ञान चंद जैन द्वारा कार्यवाही का भारी विरोध करते हुए बाधा उत्पन्न की गयी तथा उनके द्वारा धमकी देते हुए कहा गया कि ‘मै ऑन कैमरे के सामने बोल रहा हूं शॉप का सील रात में तोड़ दूगा।’