- आईपी मिश्रा ने गौ-विज्ञान एवं गौमाता के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शास्त्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को गौ-पालन एवं गौ-संरक्षण हेतु प्रेरित किया।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। छत्तीसगढ़ राज्य गौ-विज्ञान परीक्षा 2025-26 के द्वितीय चरण का आयोजन भिलाई इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दुर्ग में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता दिलेश्वर उमरे (दुर्ग विभाग कार्यवाह) ने की। मुख्य अतिथि के रूप में आई. पी. मिश्रा (कुलाधिपति, शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में विजय अग्रवाल (दुर्ग जिला विभाग, गौ सेवा गतिविधि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), गंगाधर जाधव (संघ चालक जिला दुर्ग) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के संयोजक संजय ठाकुर, सह-संयोजक संजय मिश्रा, जिला परीक्षा प्रभारी डॉ. एस. पी. शुक्ला तथा निवेदक सुनील पटेल (जिला कार्यवाह, दुर्ग) रहे।
यह परीक्षा जिला स्तरीय गौ-विज्ञान परीक्षा का द्वितीय चरण थी, जिसमें लगभग 300 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के चयनित विद्यार्थियों ने भाग लिया। ये सभी विद्यार्थी प्रथम चरण में अपने-अपने संस्थानों में आयोजित परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त कर चयनित हुए थे।
इस प्रकार द्वितीय चरण में 350 से अधिक प्रतिभागी विद्यार्थियों तथा लगभग 400 से अधिक शिक्ष क एवं अभिभावकों की सहभागिता रही।
परीक्षा से पूर्व आचार्य नीलेश शर्मा के पौरोहित्य में प्रोफेसर (डॉ.) संजीव कर्मकार वशिष्ठ, विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों द्वारा सुरभि मंत्र के द्वारा गौ-यज्ञ का आयोजन किया गया।
तत्पश्चात मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अपने उद्बोधन में आईपी मिश्रा ने गौ-विज्ञान एवं गौमाता के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शास्त्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को गौ-पालन एवं गौ-संरक्षण हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा साग-भाजी वाटिका का भी आयोजन किया गया, जिसका अवलोकन अतिथियों एवं अभिभावकों द्वारा किया गया तथा इसकी भूरि-भूरि सराहना की गई। ओम प्रकाश रजक जी द्वारा मंच का सफलत पूर्वक संचालन किया गया।
दोपहर भोजन उपरांत विद्यार्थियों ने दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक परीक्षा में सहभागिता की। सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप पंचगव्य प्रदान किया गया।
आयोजकों द्वारा जानकारी दी गई कि परीक्षा का परिणाम 15 फरवरी 2026 तक घोषित किए जाने का प्रस्ताव है। यह आयोजन गौ-विज्ञान, गौ-संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण, प्रेरणादायक एवं सराहनीय प्रयास सिद्ध हुआ।











