बीएसएल प्रबंधन अविलंब जिम्मेदारी तय करे। घटनाओं की निष्पक्ष जांच कमेटी बनाई जाए। यूनियन प्रतिनिधि को भी करें शामिल।
- आवश्यक न्यूनतम मैनपावर का घोर अभाव है। ऐसी घटनाओं की तुरंत निस्तारण के लिए कोई क्विक रेस्पॉन्स टीम नहीं है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल बोकारो टाउनशिप के सेक्टर 12 ई में हुए हादसे की जांच के लिए सीटू की एक जांच कमिटी पहुंची। एक ब्लॉक की पानी का टंकी और सीढ़ी भर-भराकर गिर गई थी, जिसके फलस्वरूप उसमें रहने वाले निवासियों का जान सांसत में आ गई थी।
यूनियन के महामंत्री आरके गोरांई ने कहा कि ब्लॉक को बाहर से देखने से यह प्रतीत होता है कि उसकी रंग रोगन हाल ही में किया गया हो। उन्होंने आगे कहा कि सेल, बोकारो इस्पात प्रबंधन शहर के सौंदर्यीकरण के नाम करोड़ों रुपए खर्च करती है। अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर एक पूरा लावो लश्कर चलता है। लेकिन जिन आवासों में उनके कर्मचारी और पूर्व कर्मचारी रहते हैं, उनकी कोई नियमित मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेवारी नहीं के बराबर है।
पूरे सेक्टर 12 के लिए एक मेंटेनेंस कार्यालय है, जो रात्रि पाली में बंद रहती है। सिविल, इलेक्ट्रिकल, वाटर सप्लाई, पब्लिक हेल्थ के लिए आवश्यक न्यूनतम मैनपावर का घोर अभाव है। ऐसी घटनाओं की तुरंत निस्तारण के लिए कोई क्विक रेस्पॉन्स टीम नहीं है।
बोकारो प्रबंधन से यूनियन मांग करती है कि अविलंब जिम्मेवारी तय करें। घटनाओं की निष्पक्ष जांच कमिटी बनाई जाए, जिसमें यूनियन प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाए। कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों को सुरक्षित आवास मुहैया कराई जाय। आवास अनुरक्षण की गुणवत्ता की जांच की जाए। जांच पड़ताल कमेटी में देव कुमार, इश्तियाक अंसारी, संजय अंबेडकर,आर एन सिंह,आर आर पन्ना आदि शामिल थे।








