महंगाई भत्ता सर्कुलर: 1 अप्रैल को सैलरी संग डीए, ईएल इंकैशमेंट और फाइनल पेमेंट ग्रेच्युटी का भी मिलेगा एरियर

Dearness Allowance Circular On April 1 Along with Salary DA, EL Encashment and Final Payment Gratuity Arrears Will also be Given
  • डीए का इंतजार खत्म: 1 जनवरी 2026 से संशोधित महंगाई भत्ता लागू, DPE ने जारी किया ऑफिस मेमोरेंडम।

सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) के अधिकारियों और गैर-यूनियन पर्यवेक्षकों के लिए महंगाई भत्ता (IDA) को लेकर बहुप्रतीक्षित सर्कुलर जारी कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रम विभाग (DPE) ने 1 जनवरी 2026 से लागू संशोधित इंडस्ट्रियल डीए (IDA) दरों का ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया है।

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के सभी प्लांट, खदान के कर्मचारियों और अधिकारियों को तनाव से राहत भी मिल गई है। रिटायर हो चुके कार्मिक काफी बेचैन थे। सेल कारपोरेट आफिस के मुताबिक महंगाई भत्ते का लाभ 1 अप्रैल को आने वाली सैलरी के साथ दिया जाएगा। डीए, ईएल इंकैशमेंट और फाइनल पेमेंट ग्रेच्युटी का भी एरियर सैलरी के साथ जारी किया जाएगा।

1 जनवरी 2026 से विभिन्न वेतनमानों के तहत डीए की दरें इस प्रकार

1997 वेतनमान का अनुसरण करने वाले अधिकारियों के लिए डीए 468.5%
2007 वेतनमान के लिए डीए 236.7%
2017 वेतनमान के लिए डीए 53.4%

यह दरें बोर्ड स्तर और बोर्ड से नीचे के पदों पर कार्यरत अधिकारियों तथा गैर-यूनियन पर्यवेक्षकों पर लागू होंगी।
1987 वेतनमान के लिए भी स्पष्टता

आदेश में कहा गया है कि 1987 वेतनमान के अंतर्गत 99 अंकों की वृद्धि पर 2 रुपये प्रति अंक की दर से आईडीए देय होगा। औसत AICPI 9710 के आधार पर देय डीए की राशि 18010 रुपये तक बताई गई है।

1992 वेतनमान पर कोई CPSE नहीं
डीपीई ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्तमान में कोई भी सीपीएसई 1992 वेतनमान के अंतर्गत नहीं है, इसलिए उस वेतनमान के लिए डीए आदेश जारी नहीं किया गया है। हालांकि, यदि भविष्य में कोई उपक्रम प्रमाणित जानकारी प्रस्तुत करता है तो नियमानुसार डीए निर्धारित किया जाएगा।

मंत्रालयों को जिम्मेदारी
सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित वेतनमान की पात्रता की पुष्टि कर डीए का विस्तार करें। डीए की गणना और अधिसूचना डीपीई द्वारा तय फॉर्मूले के अनुसार की गई है, लेकिन इसका कार्यान्वयन और वित्तीय प्रभाव संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय/विभाग के जिम्मे रहेगा।

डीए सर्कुलर जारी होने के बाद देशभर के सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों और पर्यवेक्षकों में राहत का माहौल है, क्योंकि वे लंबे समय से संशोधित दरों का इंतजार कर रहे थे।