एक कार्मिक का नशे में बाइक चलाना सिर्फ उसकी निजी गलती नहीं, बल्कि सड़क पर मौजूद हर व्यक्ति के लिए जोखिम बन सकता है।
- मेन गेट पर ‘भौकाल’ पड़ा भारी, नशे में बाइक लहराई।
- विश्वकर्मा पूजा पर फोटो का भौकाल।
- कार्मिक को रोक कर CISF ने बचाया बड़ा हादसा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। विश्वकर्मा पूजा का दिन था। दिन में जनप्रतिनिधि के साथ फोटो खिंचाने का उत्साह था। भीड़ के बीच खूब भौकाल दिखा। लेकिन शाम होते-होते मामला कुछ ऐसा बदला कि सेल भिलाई स्टील प्लांट का एक कार्मिक कथित तौर पर नशे में बाइक लेकर मेन गेट से निकलने लगा। बाइक संभली नहीं और डिवाइडर पर जा चढ़ी।
समय करीब शाम साढ़े सात बजे का बताया जा रहा है। मेन गेट पर तैनात सीआइएसएफ जवानों की नजर जैसे ही बाइक की हालत पर पड़ी, उन्होंने कार्मिक को रोक लिया।
आरोप है कि उस समय कार्मिक नशे में था और जवानों से बहस करने लगा। माहौल बिगड़ता देख गेट ड्यूटी पर तैनात सीआइएसएफ जवानों ने प्लांट कंट्रोल को सूचना दी। मामला सिर्फ शराब पीने तक सीमित नहीं था। असली चिंता थी नशे की हालत में बाइक लेकर सड़क पर निकलना और संभावित हादसा। प्लांट के मेन गेट से बाहर निकलने के दौरान अगर बाइक डिवाइडर के बजाय किसी दूसरे वाहन, राहगीर या दूसरे दोपहिया सवार से टकरा जाती तो परिणाम गंभीर हो सकते थे।
जवानों ने रोका, घर भेजने की व्यवस्था की
सीआइएसएफ ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्मिक को गेट पर ही रोक लिया। बताया जा रहा है कि कार्मिक घर जाने की जिद कर रहा था और बहस भी कर रहा था, लेकिन जवानों ने उसे बाइक लेकर आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
प्लांट कंट्रोल की ओर से रेल मिल के डीएसओ को सूचना दी गई। इसके बाद संबंधित विभाग से एक कार्मिक मौके पर पहुंचा। नशे में बताए जा रहे कर्मचारी को बाइक चलाने के बजाय पीछे बैठाकर सुरक्षित घर तक पहुंचाया गया।
यानी मेन गेट पर उस समय एक संभावित सड़क हादसा टल गया। अगर जवान समय रहते नहीं रोकते और बाइक उसी हालत में प्लांट से बाहर बढ़ जाती, तो मामला केवल विभागीय अनुशासन तक सीमित नहीं रहता।
मामला दबाने के बजाय विभागीय कार्रवाई
घटना को केवल ‘गेट पर हुआ विवाद’ मानकर छोड़ने के बजाय अब प्रबंधन ने इसे सेफ्टी और अनुशासन से जोड़कर देखा है। डीएसओ की ओर से एडवाइजरी लेटर जारी किया गया है। वहीं, सेफ्टी विभाग की ओर से पर्सनल ऑफिसर को पत्र भेजकर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया है।
प्रबंधन का स्पष्ट रुख है कि प्लांट परिसर अथवा ड्यूटी से जुड़े समय में इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। खासकर ऐसे समय में जब कर्मचारी-अधिकारी नशे की हालत में वाहन चलाकर खुद के साथ-साथ दूसरों की जान भी खतरे में डाल सकता है।
फोटो में भौकाल, गेट पर बेकाबू, सेफ्टी ने लगाई लगाम
दिन में विश्वकर्मा पूजा के मौके पर जनप्रतिनिधि के साथ फोटो खिंचाने का उत्साह अपनी जगह था, लेकिन शाम को नशे में बाइक लेकर निकलना उसी कर्मचारी के लिए भारी पड़ गया। मेन गेट पर डिवाइडर से टकराना एक चेतावनी भी है कि प्लांट से बाहर निकलते ही सुरक्षा नियम खत्म नहीं हो जाते।
सीआइएसएफ के मुताबिक नशे में बताए जा रहे कार्मिक को इसलिए रोका गया, ताकि वह बाइक चलाकर आगे न जाए और किसी हादसे की चपेट में न आए। उसे सुरक्षित घर भेजने की व्यवस्था की गई।
बीएसपी के सेफ्टी विभाग का भी कहना है कि प्लांट की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन गंभीर है। ड्यूटी के दौरान इस तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
सेफ्टी का सबक साफ है। एक कार्मिक का नशे में बाइक चलाना सिर्फ उसकी निजी गलती नहीं, बल्कि सड़क पर मौजूद हर व्यक्ति के लिए जोखिम बन सकता है। मेन गेट पर CISF की सतर्कता ने इस बार संभावित हादसे को टाल दिया।


