बाढ़ के कारण उत्पन्न रासायनिक दुर्घटना की स्थिति पर मॉकड्रिल किया गया। भिलाई इस्पात संयंत्र में अफरा-तफरी जैसे हालात दिखे।
- बीएसपी सेफ्टी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की सीजीएम पुष्पा एम्ब्रोज, सीजीएम एसएमएस 3 त्रिभुवन बैठा, ईएमडी के सीजीएम समेत उच्चाधिकारी रहे मौजूद।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के एसएमएस 3 में मॉक ड्रिल के दौरान नए गैस होल्डर में गैस रिसाव हुआ। इसकी चपेट में 12 कर्मचारी आ गए। जो कर्मचारी जहां था, वहीं गिर पड़ा। आनन-फानन में जान बचाने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, CISF की टीम ने मोर्चा संभाला और राहत बचाव कार्य किया। 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बाढ़ के कारण उत्पन्न रासायनिक दुर्घटना की स्थिति पर मॉकड्रिल आयोजित की गई है। यह मॉकड्रिल भिलाई इस्पात संयंत्र में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ और पौने 12 बजे तक चला। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

बीएसपी सेफ्टी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की सीजीएम पुष्पा एम्ब्रोज, सीजीएम एसएमएस 3 त्रिभुवन बैठा, ईएमडी के सीजीएम समेत दुर्ग जिले के प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस अभ्यास के माध्यम से बाढ़ एवं उससे उत्पन्न रासायनिक दुर्घटना जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारियों, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया।

एनडीएमए से ब्रिगेडियर रविन्दर गुरूंग वरिष्ठ सलाहकार भारत सरकार गृह मंत्रालय, गजेन्द्र पाठक असिस्टेंट सीआईएफएस, जीवन कुमार वरष्ठि सलाहकार बिहार सरकार, जितेन्द्र सोलंकी एवं एस जीत सलाहकार-2 और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बाढ़ एवं रासायनिक दुर्घटना क्षेत्रों एवं संवदेनशील स्थलों की पहचान, प्रशिक्षण हेतु चयनित प्रतिभागियों एवं संबंधित विभागों की तैयारी, इन्सीडेंट कमाण्ड पोस्ट की स्थापना एवं संचालन की तैयारी, मेडिकल कोच एवं एम्बुलेंस की उपलब्धता, बचाव एवं राहत उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता, एसडीआरएफ/एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, नगरीय निकाय, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के मध्य समन्वय, रेस्क्यू राहत एवं सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास कार्य की योजना, संचार व्यवस्था एवं आपातकालीन संपर्क प्रणाली, मॉक एक्सरसाइज के दौरान इंसीडेंट परिदृश्यों एवं रिस्पांस प्लान तथा जिला स्तरीय अधिकारियों एवं फील्ड रिस्पांस की पड़ताल की गई।










