कला साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ (कवच) एवं गीतवितान कला केंद्र, बीएसपी ओए के संयुक्त तत्वावधान में नाटक का मंचन।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की कालजयी रचना पर आधारित हिंदी नाटक “द पोस्टमास्टर” का मंचन भिलाई में किया गया। किरदार ऐसे कि देखने वालों की नज़र टिक सी गई थी। शानदार डायलॉग ने देखने वालों को बांधे रखा। भिलाई सिविक सेंटर स्थित बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन के प्रगति भवन में नाटक का मंचन किया गया।
कला साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ (कवच) एवं गीतवितान कला केंद्र, रिसाली के संयुक्त तत्वावधान में तथा भिलाई इस्पात संयंत्र ऑफिसर्स एसोसिएशन के सहयोग से कोलकाता की प्रसिद्ध नाट्य संस्था “थिएटर शाइन” द्वारा “द पोस्टमास्टर” का मंचन किया गया।
शरद कोकस बताते हैं कि बहुत सारे लोगों ने बचपन में स्कूल के कोर्स में शायद रविंद्र नाथ टैगोर की कहानी “पोस्टमास्टर” जरुर पढ़ी होगी, जिसमें पोस्टमास्टर की नियुक्ति बंगाल के एक छोटे से गांव में हो जाती है और वहां उन्हें एक बच्ची मिलती है रतन, जो उनकी देखभाल करती है। लेकिन पोस्टमास्टर गांव से इतना ऊब जाते हैं कि तबादले के लिए आवेदन लगाते हैं। लेकिन उनका तबादला होता नहीं। अंतत वह नौकरी से त्यागपत्र देकर गांव छोड़कर चले जाते हैं और वह बच्ची रतन बहुत दुखी हो जाती है।
इस मंचन की विशेषता यह थी कि इसमें सूत्रधार सबसे सामने बैठकर थर्मोकोल पर छोटे-छोटे खिलौने रखती है, डाकघर का खिलौना, फिर तालाब का खिलौना , पेड़ का खिलौना और कहानी का पाठ करती जाती है और पीछे केवल दो पात्र हैं पोस्टमास्टर और वह बच्ची रतन जो अभिनय करते जाते हैं।
इस नाटक का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष था सूत्रधार द्वारा कहानी की प्रस्तुति। सूत्रधार ने पूरी कहानी और डायलॉग याद कर रखे थे और कहीं पर भी कोई चूक नहीं हुई। दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष था संगीत जिसमें गिटार, मंडोलिन, तबला इत्यादि वाद्य यंत्रों का सुंदर प्रयोग किया गया और गायक समूह ने बहुत सुंदर गीत प्रस्तुत किए, जिनमें बंगाल के लोकगीत साथ ही भटियाली लोक संगीत के गीत भी शामिल थे।
“दा पोस्टमास्टर’ के मंचन से पूर्व हाल में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के तैलचित्र पर सेफी चेयरमैन और अध्यक्ष ओए बीएसपी नरेन्द्र बंछोर, भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारी संघ के पूर्व महासचिव परविंदर सिंह तथा गीतवितान की अध्यक्ष रजनी सिन्हा ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। इसके उपरांत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उपस्थित दर्शकों एवं रंगकर्मियों ने गुरुदेव को नमन करते हुए उनके साहित्य एवं मानवीय मूल्यों को स्मरण किया, जिसके साथ ही नाटक ‘द पोस्टमास्टर’ की भावपूर्ण रंगयात्रा आरंभ हुई।
इस दौरान रचना श्रीवास्तव, शान्तनु दासगुप्ता, मुमताज, जय प्रकाश नायर, मणिमय मुखर्जी, शक्ति चक्रबर्ती सहित अनेक साहित्यकार, कलाकार एवं संस्कृतिप्रेमियों ने बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

