Bokaro Steel Plant को बसाने वालों और विस्थापितों को समर्पित सेक्टर-11 में बन रहा कृतज्ञता पार्क

Kritagyata Park is Being Built in Sector 11 Dedicated to Those who Contributed to the Construction of the Bokaro Steel Plant and Those Displaced
  • यह स्मरण कराएगा कि किसी भी औद्योगिक उपलब्धि के पीछे स्थानीय समुदाय की सहभागिता और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल बोकारो इस्पात संयंत्र को अपने स्थापना काल से ही स्थानीय निवासियों का निरंतर सहयोग, विश्वास और सहभागिता प्राप्त होती रही है। संयंत्र की आधारशिला से लेकर आज तक की प्रगति यात्रा में इस क्षेत्र के लोगों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय रहा है। उनकी प्रतिबद्धता, त्याग और सकारात्मक सहयोग के परिणामस्वरूप ही संयंत्र आज राष्ट्रीय औद्योगिक परिदृश्य में एक सशक्त स्थान प्राप्त कर सका है।

संयंत्र प्रबंधन स्थानीय समुदाय की इस भूमिका के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता है। इसी भाव को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से प्रबंधन द्वारा सेक्टर-11 में “कृतज्ञता पार्क” की स्थापना की पहल की गई है। यह पार्क उन निवासियों के सम्मान में एक स्थायी स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा, जिन्होंने बोकारो इस्पात संयंत्र के निर्माण एवं विकास में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से महत्वपूर्ण योगदान दिया।

“कृतज्ञता पार्क” केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि उद्योग और समाज के बीच सुदृढ़ संबंधों का प्रतीक होगा। यह भावी पीढ़ियों को भी यह स्मरण कराएगा कि किसी भी औद्योगिक उपलब्धि के पीछे स्थानीय समुदाय की सहभागिता और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

संयंत्र प्रबंधन विश्वास व्यक्त करता है कि भविष्य में भी स्थानीय समुदाय का सहयोग और विश्वास इसी प्रकार बना रहेगा, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास और प्रगति को नई दिशा मिलती रहेगी।

विस्थापितों और युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में संयंत्र प्रबंधन ने उठायें कई कदम (विस्तारीकरण के साथ बढ़ेंगे और अवसर, सशक्त होगा स्थानीय समाज) संयंत्र प्रबंधन ने क्षेत्र की जनता, विशेषकर विस्थापित परिवारों तथा स्थानीय युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक सकारात्मक एवं दूरगामी पहल की हैं।

अप्रेंटिस प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को संवेदकों के माध्यम से संयंत्र के कार्यों में प्राथमिकता के आधार पर नियोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें और उनके कौशल का समुचित उपयोग हो सके। अब तक 100 से ज्यादा युवाओं को समायोजित किया जा चुका है, वहीं अगले 1-2 महीनो में 125 और युवाओं को समायोजित करने से सम्बंधित सभी प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया गया है।

इसी प्रकार, विस्थापित ठेकेदारों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य आवंटित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने और आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह पहल न केवल आजीविका के साधन सृजित करती है, बल्कि संयंत्र और स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करती है।

संयंत्र प्रबंधन समय-समय पर संवाद एवं समन्वय के माध्यम से क्षेत्र की अपेक्षाओं को समझने और समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। प्लांट के प्रस्तावित विस्तारीकरण से उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ रोजगार, उद्यमिता और स्थानीय विकास के नए आयाम खुलने की प्रबल संभावना है। इससे ऐसे कल्याणकारी एवं सहभागितापूर्ण पहलों को और गति मिलेगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।