Skip to content
18/09/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Suchnaji

Suchnaji

सबकी खबर | सबसे पहले और सटीकता से ….

Primary Menu
  • अतिरिक्त ख़बरें
  • कोल इंडिया
  • छत्तीसगढ़
  • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • धर्म-संस्कृति
  • रेलवे
  • लोकसभा/विधानसभा चुनाव
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री
Light/Dark Button
Subscribe
  • Home
  • ताज़ा ख़बरें
  • सीटू की दो दिवसीय कार्यशाला में राष्ट्रीय नेताओं ने व्यक्त किए अपने उद्गार
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

सीटू की दो दिवसीय कार्यशाला में राष्ट्रीय नेताओं ने व्यक्त किए अपने उद्गार

06/09/2024 1 minute read
WhatsApp-Image-2024-09-06-at-8.23.50-PM
  • भिलाई में सीटू को मान्यता मिलने के 7 माह के भीतर हुआ था वेतन समझौता

सूचनाजी न्यूज | हिंदुस्तान स्टील एम्पलॉइज़ यूनियन, भिलाई (सीटू) (Hindustan Steel Employees Union, Bhilai (CITU)) की 2 दिवसीय सांगठनिक कार्यशाला के पश्चात गुरुवार को सेक्टर-5 मार्केट स्थित डोम शेड सत विजय ऑडिटोरियम में सामान्य सभा संपन्न हुआ, जिसमें सीटू एवं स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय नेतृत्व ने कर्मियों के साथ सीधे संवाद में एक एक प्रश्नों का उत्तर दिया।

National leaders expressed their views in the two-day workshop of CITU

ये खबर भी पढ़ें: Big News : छत्तीसगढ़ के हर जिले में कांग्रेस का प्रदर्शन, सड़कों पर उतरेंगे दिग्गज नेताओं से लेकर पार्टी के कार्यकर्ता

बदतमीजी है सर्वसम्मति की परिपाटी तोड़कर बहुमत से फैसला करना

70 वर्षों के इतिहास में बदतमीजी का मुकाबला साझा संघर्ष से किया

इस अवसर पर सीटू के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड तपन सेन ने एक प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि एनजेसीएस में पहली बार प्रबंधन ने सर्वसम्मति की उच्च परिपाटी को तोड़ कर बहुमत द्वारा निर्णय लेने की एक नई परिपाटी शुरु की। प्रबंधन की यह हरकत एक तरह से बदतमीजी है।

National leaders expressed their views in the two-day workshop of CITU

ये खबर भी पढ़ें: ‘तीजा-पोरा महतारी वंदन तिहार’ मनाकर सीधे दुर्ग आएंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जानें पूरा शेड्यूल

केवल टेबल टॉक से नहीं हो सकता है मजदूर विरोधी निर्णय का मुकाबला

सर्वसम्मति की परिपाटी तोड़ने की कोशिश 2009 में भी हुई थी। तब प्रबंधन सीटू को अलग-थलग करने के लिए बाकी सभी यूनियनों से हस्ताक्षर करवा लिया था किंतु सीआईटीयू ने कर्मचारियों पर भरोसा किया और अकेले ही हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया, जिसका परिणाम यह हुआ कि प्रबंधन को आखिरकार बहुमत द्वारा लिए गए कर्मचारी विरोधी फैसले को बदल कर कर्मचारियों के नुकसान वाले प्रावधानों को समझौते से हटाना पड़ा था।

National leaders expressed their views in the two-day workshop of CITU

ये खबर भी पढ़ें: Big Breaking : भिलाई DPS का मामला फिर उछला, ‘दो डॉक्टर्स की रिपोर्ट में बच्ची के निजी अंगों में चोट के निशान, फिर भी दबा रही पुलिस’

सीटू ने सभी यूनियनों से विनती की थी कि मजदूर विरोधी एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर नहीं करें

स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव कॉमरेड ललित मोहन मिश्र ने कहा कि 21 अक्टूबर 2021को हमने अन्य सभी यूनियनों से हाथ जोड़कर विनती किया था कि प्रबंधन ने एरियर्स भुगतान की जो शर्त रखी है वह सही नहीं है इसीलिए ऐसी शर्त के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर ना करें। सीटू के आग्रह पर पहले दिन तो किसी यूनियन ने हस्ताक्षर नहीं किया, किन्तु अगले दिन 22 अक्टूबर 2021 को एरियर्स भुगतान पर किसी भी तरह के उल्लेख के बिना ही बाकी तीन यूनियनों ने हस्ताक्षर कर दिया।

ये खबर भी पढ़ें: MLA और नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध, हाथों में मशाल लेकर निकले युवा कांग्रेसी

पीएचडी की आवश्यकता नहीं है बोनस फार्मूला समझने के लिए

लाभ में हिस्सेदारी कर्मियों का अधिकार

कॉमरेड ललित मिश्रा ने कहा कि बोनस फार्मूला को समझने के लिए किसी पीएचडी की जरुरत नहीं है। प्रबंधन ने जब बोनस के लिए विगत 5 वर्षों के औसत को आधार मानकर फॉर्मूला प्रस्तुत किया तो उसी समय स्पष्ट हो गया था कि हमें पिछले वर्ष मिले अधिकतम बोनस को आधार बनाकर बोनस भुगतान नहीं किया जाएगा बल्कि विगत 5 वर्षों के औसत के आधार पिछले वर्ष प्राप्त अधिकतम बोनस से कम राशि को आधार बनाकर बोनस दिया जाएगा। सीटू नेताओं ने उस समय अन्य नेताओं से बोनस फॉर्मूला पर हस्ताक्षर नहीं करने का आग्रह किया था क्योंकि इस फॉर्मूला पर हस्ताक्षर करने का अर्थ, पिछले वर्ष से कम बोनस पर अपनी सहमति देना था किंतु उस समय भी अन्य यूनियन नेताओं ने सीटू नेताओं की बातों को नजरअंदाज किया।

ये खबर भी पढ़ें: ट्राई ने एक्सेस सेवा प्रदाताओं के लिए यूआरएल/एपीके/ओटीटी लिंक को श्वेतसूची में शामिल करने की समय-सीमा बढ़ाई

कार्य स्थल पर अस्थाईत्व निर्मित करने की साज़िश

सीटू के राष्ट्रीय नेता तपन सेन ने कहा कि प्रबंधन को इस तरह की बदतमीजी करने की ताकत सरकार से प्राप्त होती है क्योंकि वेतन समझौते के लिए सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया हुआ है कि घाटे के वर्षों का कोई वेतन समझौता लाभ नहीं दिया जाना है।

ये खबर भी पढ़ें: एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने मध्य वायु कमान के एओसी-इन-सी का पदभार संभाला

सीटू नेता ने कहा कि कुछ दिन पूर्व राष्ट्रीय उत्पादन कौंसिल द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र के मेन पॉवर की गहन समीक्षा की गई। उक्त समीक्षा के आधार पर भिलाई इस्पात संयंत्र में कुल मैन पावर को लगभग 10500 के आसपास किया जाएगा जिसमें खदान और अधिकारियों की संख्या भी शामिल है। इसका अर्थ कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग 7500 हजार रह जाएगी। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर सभी महत्वपूर्ण कार्यों को ठेके पर दिया जा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें: Big News : छत्तीसगढ़ सरकार पर कांग्रेस का हमला, ‘BJP राज में रोज हो रहा गैंगरेप

सरकार के वर्तमान प्रावधानों के बाद अब ठेका कर्मियों की जगह अप्रेंटिस की नियुक्ति होगी, जिसका परिणाम यह होगा कि कार्यस्थल पर धीरे धीरे कौशल स्थायित्व समाप्त हो जाएगा और निरंतर अस्थायित्व तथा अस्थिरता बढ़ती जाएगी।

ये खबर भी पढ़ें: बड़ी खबर : गलत ढंग से गाड़ी चलाने वाले 611 लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड! Durg Police का बड़ा एक्शन

युवा कर्मियों को नेतृत्व में लाने सीटू कर रहा है विशेष पहल

सीटू नेताओं ने कहा कि सीटू द्वारा शुरु से युवा नेतृत्व को विकसित करने विशेष पहल किया जाता है । भिलाई इस्पात संयंत्र मे भी सीटू द्वारा निरंतर युवा साथियों को नेतृत्वकारी जिम्मेदारी दी जा रही है।

एच.एस.ई.यू., भिलाई (सीटू)

ये खबर भी पढ़ें: भिलाई इस्पात संयंत्र में “हम भी है तैयार” एक दिवसीय विशेष बुनियादी नागरिक सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन

About the Author

View All Posts

Post navigation

Previous: इस्पात सचिव से सेफी की मीटिंग, स्टील सेक्टर के अहम मसलों पर चर्चा
Next: Good News : Bhilai के सभी 70 वार्ड में शान से लहराएगा तिरंगा, बनेगा झंडा स्थल

Related Stories

Chhattisgarh Government Halts Pension and Gratuity for over 400 Professors and Employees Association Statement
  • छत्तीसगढ़
  • ताज़ा ख़बरें

छत्तीसगढ़ सरकार ने बंद की 400 से अधिक प्राध्यापक और कर्मचारियों की पेंशन, रोकी ग्रेच्युटी, पढ़ें क्या बोल रहा संघ

Azmat ali 18/09/2026
SAIL Wage Agreement case in Odisha High Court Notices issued to Ministry of Steel and SAIL-RSP Management Hearing on the 13th
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

SAIL वेज एग्रीमेंट केस ओडिशा हाईकोर्ट में, इस्पात मंत्रालय, सेल, RSP प्रबंधन को नोटिस, 13 को सुनवाई

Azmat ali 18/09/2026
SAIL-BSP Senior Manager Sonal Srivastava on the show Indias Top 1 Face-to-face with Anil Kapoor
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

SAIL-BSP: ‘इंडिया के टॉप 1%’ में नजर आएंगे सोनल श्रीवास्तव, अनिल कपूर कर रहे होस्ट, 19 सितंबर की रात आप भी देखें

Azmat ali 18/09/2026

You May Have Missed

Chhattisgarh Government Halts Pension and Gratuity for over 400 Professors and Employees Association Statement
  • छत्तीसगढ़
  • ताज़ा ख़बरें

छत्तीसगढ़ सरकार ने बंद की 400 से अधिक प्राध्यापक और कर्मचारियों की पेंशन, रोकी ग्रेच्युटी, पढ़ें क्या बोल रहा संघ

Azmat ali 18/09/2026
SAIL Wage Agreement case in Odisha High Court Notices issued to Ministry of Steel and SAIL-RSP Management Hearing on the 13th
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

SAIL वेज एग्रीमेंट केस ओडिशा हाईकोर्ट में, इस्पात मंत्रालय, सेल, RSP प्रबंधन को नोटिस, 13 को सुनवाई

Azmat ali 18/09/2026
SAIL-BSP Senior Manager Sonal Srivastava on the show Indias Top 1 Face-to-face with Anil Kapoor
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

SAIL-BSP: ‘इंडिया के टॉप 1%’ में नजर आएंगे सोनल श्रीवास्तव, अनिल कपूर कर रहे होस्ट, 19 सितंबर की रात आप भी देखें

Azmat ali 18/09/2026
Bhilai Steel Plant Sector 9 Hospital attendants on indefinite hunger strike outrage over extortion and retrenchment
  • ताज़ा ख़बरें
  • सेल-स्टील इंडस्ट्री

Bhilai Steel Plant: सेक्टर 9 हॉस्पिटल के अटेंडेंट आमरण अनशन पर, धन उगाही, छंटनी पर भड़का गुस्सा

Azmat ali 18/09/2026
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
  • संपर्क करें
  • हमारे बारे में
  • प्राइवेसी पालिसी
  • संपादकीय नीति
  • Author Profile
Copyright © 2026 All rights reserved. | ReviewNews by AF themes.