शिवनाथ नदी तट स्थित समोदा और झिझरी गांव में मक्के की फसल की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती का खुलासा हुआ था।
- बरामद अवैध अफीम की फसल को सेल भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS) में जला दिया गया।
सूचनजी न्यूज, भिलाई। छत्तीसगढ़ के चर्चित अफीम खेती मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जब्त की गई अफीम की फसल को नष्ट कर दिया है। दुर्ग जिले के समोदा और झिझरी गांव से बरामद अवैध अफीम की फसल को सेल भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS) में उच्च तापमान वाली प्रक्रिया के जरिए जला दिया गया।
इस दौरान दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अभिषेक शांडिल्य और दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विजय अग्रवाल स्वयं मौजूद रहे। भिलाई स्टील प्लांट के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पूरी कार्रवाई को सुरक्षा और नियमानुसार अंजाम दिया गया।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले दुर्ग शिवनाथ नदी के तट स्थित समोदा और झिझरी गांव में मक्के की फसल की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती का खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया था कि करीब 5 से 10 एकड़ क्षेत्र में अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस और जांच एजेंसियों ने जब फसल जब्त की तो उसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
मामले में पुलिस, राजस्व विभाग और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं राइस मिल प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनायक ताम्रकार, राजस्थान निवासी विकास बिश्नोई तथा फार्महाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया था।
मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने के बाद भाजपा ने भी तत्काल कदम उठाते हुए विनायक ताम्रकार को संगठनात्मक पदों से हटाकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के माध्यम से सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। बताया गया था कि यह निर्माण अफीम खेती प्रकरण से जुड़े नेता के भाई के कब्जे में था।
अब जब्त की गई पूरी अफीम फसल को भिलाई स्टील प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप में नष्ट कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और खेती के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

