ठेका मजदूरों की स्थिति तो और बदतर है। सही सही वेतन मांगने पर उसे गेट से बाहर का रास्ता दिखाया जाता है। आक्रोश बहुत है।
- मजदूरों की एकता के आगे सेल प्रबंधन को झुकना पड़ेगा।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सेल प्रबंधन के रवैये के खिलाफ बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारी एकजुट होते जा रहे हैं। ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा बोकारो ने 5 अगस्त को मजदूरों से सीधा संवाद स्थापित करने मशीन शॉप पहुंचे।
कर्माचारयों को संबोधित करते हुए एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि मजदूर अपना खून पसीना एक करके उत्पादन उत्पादकता में नीत नया कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उसका वाजिब हक हूकूक नहीं मिलता है। अधिकारियों को लाखों रुपए का पीआरपी भुगतान हो गया, लेकिन जब मजदूरों की बारी आती है तो उसे फार्मूला में उलझा दिया जाता है।एनजेसीएस को दरकिनार कर ग्रैच्युटी पर सीलिंग लगा दिया जाता है और बकाया वेतन समझौता का एरियर देने की मांग करने पर केंद्र सरकार का नोशनल वाला कागज दिखाया जाता है।
सीटू के महामंत्री आर के गोरांई ने कहा कि ठेका मजदूरों की स्थिति तो और बदतर है। सही सही वेतन मांगने पर उसे गेट से बाहर का रास्ता दिखाया जाता है। सीएलसी विभाग और इंजीनियर इंचार्ज की उदासीन रवैया जग जाहिर है।
इंटक के संयुक्त महामंत्री दीपक मिश्रा ने कहा कि अब तो स्थायी नौकरी मिलना दुर्लभ हो गया है।यंग प्रोफेशनल, एप्रेंटिस, प्रोजेक्ट आधारित काम आदि के नाम पर सेल में भी फिक्स टर्म इम्पलोयमेंट हो रहा है, जहां किसी तरह की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
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किम्स एचएमएस के संयुक्त सचिव सुभाष चंद्र कर्मकार ने कहा कि समय की मांग है कि चाहे सेल प्रबंधन हो या केन्द्र की सरकार, उनकी मजदूर विरोधी नीतियों,नए लेबर कोड आदि के खिलाफ एकताबद्ध और संयुक्त आंदोलन के बल पर ही उन्हें झुकाया जा सकता है। उपस्थित मजदूरों ने एक स्वर में संयुक्त आंदोलन को तेज करने का संकल्प दोहराया। मजदूर संवाद कार्यक्रम में एआईयुटीयुसी के सुभाष प्रमाणिक,एटक के प्राण सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में दर्जनों मजदूर कर्मचारी उपस्थित थे।
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