SAIL BSL में नारी शक्ति को सलाम, ईडी वर्क्स संग इंटरैक्टिव सत्र, पढ़ें डिटेल

Salute to Women Power at SAIL BSL Interactive Session with ED Works Read Details
  • 45 प्रतिभागियों ने अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनुप कुमार दत्त के साथ अपने विचार साझा किए।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो इस्पात संयंत्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की कड़ी में बोकारो इस्पात संयंत्र के अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनुप कुमार दत्त के साथ महिला कार्मिकों का एक विशेष संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया।

इस सत्र का मुख्य उद्देश्य प्लांट के भीतर महिला कर्मियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर खुलकर चर्चा करना और कार्यस्थल के वातावरण को और अधिक सुगम बनाने हेतु सुझाव प्राप्त करना था। कार्यक्रम में संकार्य प्रभाग की महिला कार्यपालकों सहित बीएसएल की वरिष्ठ महिला अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

सत्र के दौरान कुल 45 प्रतिभागियों ने अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनुप कुमार दत्त के साथ अपने विचार साझा किए। कार्यस्थल की नीतियों और सहायता प्रणालियों से संबंधित चिंताओं, अपेक्षाओं और महत्वपूर्ण सुझावों पर सार्थक चर्चा की गयी।

इस संवाद को और अधिक प्रेरणादायी बनाने के लिए सेल के अन्य संयंत्रों, जैसे भिलाई इस्पात संयंत्र एवं दुर्गापुर इस्पात संयंत्र की वरिष्ठ महिला प्रबंधन प्रतिनिधियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया था।

इन महिला नेतृत्वकर्ताओं ने, जिन्होंने कोक ओवन बैटरी, ब्लास्ट फर्नेस और स्टील मेल्टिंग शॉप (एसएमएस) जैसे कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिचालन क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं, अपने पेशेवर सफर के बहुमूल्य अनुभव साझा किए। हॉट जोन और मुख्य उत्पादन क्षेत्रों में कार्य करने के उनके साहसी अनुभवों ने उपस्थित सभी महिला कार्यपालकों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें प्रेरित किया।

इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन ज्ञानार्जन एवं विकास) नीता बा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवाद से कार्यस्थल पर सकारात्मक बदलाव आता है. कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह संवादात्मक सत्र बोकारो इस्पात संयंत्र में समावेशी कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने और महिला कार्मिकों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार के आयोजन न केवल महिला अधिकारियों के आत्मविश्वास और मनोबल को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि तकनीकी एवं परिचालन क्षेत्रों में उनकी भागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाकर संयंत्र की उत्पादकता और सुरक्षा संस्कृति को भी मजबूती प्रदान करते हैं।