Production Linked Incentives: 11,887 करोड़ रुपए के निवेश वाला MoU, SAIL में सेलम स्टील प्लांट का बढ़ा कद

Steel Sector MoU with Investment of Rs 11,887 Crore Salem Steel Plant Gets Enhanced Status in SAIL
  • PLI 1.2 को 4 नवंबर 2025 को लॉन्च किया गया था, जिसमें चार उत्पाद श्रेणियों के अंतर्गत 22 उप-श्रेणियां शामिल हैं।
  • विशेष इस्पात उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजना 1.2 के तहत इस्पात मंत्रालय ने 55 कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
  • सेल से अकेले सेलम स्टील प्लांट के हिस्से यह उपलब्धी आई है। ईडी आरके बिसारे ने हस्ताक्षर किए।

सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। इस्पात मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में विशेष इस्पात के लिए PLI योजना 1.2 (तीसरा चरण) के अंतर्गत 55 कंपनियों की 85 परियोजनाओं के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अंतर्गत सेलम स्टील प्लांट को भी PLI 1.2 स्कीम के तहत महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में स्टील मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, संदीप पौंड्रिक (सचिव-इस्पात), अभिजीत नरेंद्र (संयुक्त सचिव-इस्पात) और अमरेंदु प्रकाश (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, SAIL) उपस्थित रहे।

सेलम स्टील प्लांट की ओर से आरके बिसारे (कार्यकारी निदेशक, SSP) तथा सरवनन (उप महाप्रबंधक, SMS) ने भाग लिया। इस मौके पर इस्पात मंत्रालय और सेलम स्टील प्लांट के बीच PLI 1.2 योजना के तहत एक अहम साझेदारी को औपचारिक रूप दिया गया। इस MoU के माध्यम से सेलम स्टील प्लांट अपने SMS डी-बॉटलनेकिंग प्रोजेक्ट को लागू करेगा, जिसमें बे एक्सटेंशन और EOT क्रेन की स्थापना शामिल है।

यह पहल उत्पादन दक्षता बढ़ाने और प्रीमियम गुणवत्ता वाले स्टेनलेस स्टील की आपूर्ति को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। यह परियोजना रेलवे, रक्षा और एयरोस्पेस जैसे देश के रणनीतिक क्षेत्रों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा आत्मनिर्भर भारत और औद्योगिक आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को और सशक्त बनाएगी।

87 लाख टन की प्रतिबद्ध क्षमता का संकल्प

PLI 1.2 का शुभारंभ भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ विजन को साकार करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। इस चरण में भाग लेने वाली कंपनियों ने 11,887 करोड़ रुपये के निवेश और डाउनस्ट्रीम इस्पात एवं मिश्र धातु निर्माण में 87 लाख टन की प्रतिबद्ध क्षमता का संकल्प लिया है।

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा…

उद्योग की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन योजना भारत सरकार का एक प्रमुख सुधार है, जिसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि नए निवेशों से भारत अपनी क्षमताओं को और गहरा करेगा, आयात निर्भरता घटेगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और देश उच्च-मूल्य इस्पात के विश्वसनीय वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरेगा।

इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंड्रिक ने कहा कि योजना की सफलता भाग लेने वाली कंपनियों द्वारा समय पर निवेश, परियोजनाओं के कमीशनिंग और उत्पादन की निरंतरता पर निर्भर करती है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मंत्रालय कंपनियों को हर आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा।

14,760 प्रत्यक्ष रोजगार के लक्ष्य

विशेष इस्पात के लिए PLI योजना की शुरुआत जुलाई 2021 में की गई थी। PLI 1.0 के तहत 27,106 करोड़ रुपये का निवेश, 14,760 प्रत्यक्ष रोजगार और 79 लाख टन उत्पादन क्षमता के लक्ष्य तय किए गए थे।

वहीं 06 जनवरी 2025 को शुरू की गई PLI 1.1 से लगभग 17,000 करोड़ रुपये के निवेश, करीब 16,000 रोजगार और 64 लाख टन उत्पादन क्षमता की उम्मीद है। अब तक योजना के तहत 236 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन वितरित किया जा चुका है।

चार उत्पाद श्रेणियों के अंतर्गत 22 उप-श्रेणियां

PLI 1.2 को 4 नवंबर 2025 को लॉन्च किया गया था, जिसमें चार उत्पाद श्रेणियों के अंतर्गत 22 उप-श्रेणियां शामिल हैं। रणनीतिक क्षेत्र के लिए इस्पात ग्रेड, वाणिज्यिक ग्रेड-श्रेणी 1, वाणिज्यिक ग्रेड-श्रेणी 2 तथा लेपित एवं तार उत्पाद।
यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से शुरू होकर पांच वर्षों तक 4 से 15 प्रतिशत तक की प्रोत्साहन दरें प्रदान करेगी, जबकि प्रोत्साहन वितरण वित्तीय वर्ष 2026-27 से प्रारंभ होगा।