- सेल बोकारो स्टील प्लांट से भी हड़ताल को लेकर यूनियनों को झटका लगा है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ देशव्याही हड़ताल का हिस्सा स्टील सेक्टर बनता नहीं दिख रहा है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट, राउरकेला स्टील प्लांट, दुर्गापुर स्टील प्लांट, बोकारो स्टील प्लांट, इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर में फुल अटेंडेंस (Full Attendance) की खबर आ रही है। फर्स्ट शिफ्ट में प्रोडक्शन बहाल है। प्रबंधन ने राहत की सांस ली है। यूनियन नेता गेट के बाहर नारेबाजी कर रहे हैं। लेकिन, कर्मचारियों की आवाजाही पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ा है।
राउरकेला स्टील प्लांट के जनसंपर्क विभाग की मुखिया महाप्रबंधक अर्चन सतपथी का कहना है कि फर्स्ट शिफ्ट में फुल अटेंडेंस है। उत्पादन पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ा है। कर्मचारी सामान्य रूप से ड्यूटी पहुंच रहे हैं। फर्स्ट शिफ्ट में किसी तरह की कोई अप्रिय खबर नहीं थी।

सेल के इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर के बारे में खबर है कि उत्पादन यहां बहाल है। बुधवार शाम को ही प्रबंधन और ट्रेड यूनियन नेताओं के बीच एक अहम बैठक हुई थी। प्रबंधन का स्पष्ट रूप से कहना था कि मुद्दे केंद्रीय स्तर के हैं। इसलिए आइएसपी को प्रभावित मत कीजिएगा।
सेल आइएसपी में प्रोजेक्ट आ रहा है। अगर, यहां दिक्कत हुई तो भारी नुकसान हो जाएगा। अगर, कोई खुद से हड़ताल में रुकता है तो प्रबंधन कुछ नहीं बोलेगा। लेकिन, जो कार्मिक ड्यूटी जाना चाहते हैं, उन्हें न रोका जाए। काफी मान-मव्वल के बाद यूनियन नेताओं ने भी तय किया कि किसी को जबरन नहीं रोका जाएगा। यही वजह था कि फर्स्ट शिफ्ट ड्यूटी जाने वालों को रोकने वाला कोई नहीं मिला। एनजेसीएस सदस्य हरजित सिंह के मुताबिक यहां सब सामान्य स्थिति है। गेट पर कोई विवाद नहीं है।

सेल बोकारो स्टील प्लांट से भी हड़ताल को लेकर यूनियनों को झटका लगा है। कर्मचारी ड्यूटी जाने के लिए सारे रास्ते को अपना चुके थे। मेन गेट पर सीटू से आरके गोरई, एटक से रामाश्रय प्रसाद, अबु नसर, एआइयूटीयूसी मोहन चौधरी, एक्टू से देवदीप सिंह देवांगन आदि हाथों में झंडा लिए नारेबाजी करते नजर आए। प्रबंधन और पुलिस की मौजूदगी में कर्मचारी आराम से ड्यूटी जाते रहे।
दूसरी ओर दुर्गापुर स्टील प्लांट में भी इंटक, एचएमएस, सीटू और एटक के नेता गेट के बाहर नारेबाजी करते रहे। प्रबंधन ने पुलिस की मदद ली और कर्मचारियों को आराम से ड्यूटी करने के लिए ले गए। शुरुआत में कर्मचारियों को रोकने की कोशिश की गई। लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।











